{"_id":"688f1df963fda00ca10eef8d","slug":"last-batch-of-kanwariyas-left-from-jogi-nawada-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेली में सौहार्द की मिसाल: जोगी नवादा से कांवड़ियों का आखिरी जत्था निकला, मुस्लिम महिलाओं ने बरसाए फूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेली में सौहार्द की मिसाल: जोगी नवादा से कांवड़ियों का आखिरी जत्था निकला, मुस्लिम महिलाओं ने बरसाए फूल
Sun, 03 Aug 2025 02:03 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 03 Aug 2025 02:03 PM IST
सार
हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग पुराने गिले शिकवे भूलकर साथ आ गए हैं। सावन की आखिरी कांवड़ यात्रा का नजारा कुछ ऐसा ही था।
विज्ञापन
जोगी नवादा से कांवड़ियों का आखिरी जत्था निकला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में दो साल पहले फायरिंग व लाठीचार्ज से बना तनातनी का माहौल अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग पुराने गिले शिकवे भूलकर साथ आ गए हैं। सावन की आखिरी कांवड़ यात्रा का नजारा कुछ ऐसा ही था।
विज्ञापन
महंत राकेश कश्यप का कांवड़ जत्था उस वक्त दूसरे पक्ष के लोगों ने परंपरागत न बताकर रोक दिया था जिससे विवाद की स्थिति बन गई थी। दोनों समुदाय के लोग अपने जुलूस नहीं निकाल पाए थे। रविवार को महंत राकेश का जत्था पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में यहां से निकला। ये जुलूस मौर्य गली से प्रारंभ होकर कब्रिस्तान तिराहा, शाहनूरी मस्जिद होते हुए मुस्लिम बस्ती के मोहल्ले से होकर बनखंडी नाथ मंदिर पर सकुशल पहुंच गया।
विज्ञापन
इस कांवड़ यात्रा में महिला पुरुषों की संख्या डेढ़ हजार के आसपास थी। मार्ग में मुस्लिम समाज के प्रतिष्ठित लोगों खासकर महिलाओं ने जगह-जगह टेंट लगाकर कांवड़ियों पर फूल बरसाए। उन्हें फल-पानी देकर विदा किया।
विज्ञापन