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बेहतर आजीविका के लिए भाषा कौशल पहली शर्त
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कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सॉफ्ट स्किल पर लघु अवधि पाठ्यक्रम शुरू
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को दस दिवसीय सॉफ्ट स्किल पर लघु अवधि पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई। क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग, प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग, आइक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफलता के लिए कौशल विकास के साथ दूसरी संभावनाओं के बारे में बताया गया।
क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष प्रिय ने सर्वांगीण विकास के लिए सॉफ्ट स्किल होना बेहद जरूरी बताया। मुख्य अतिथि प्रो. एमके सिंह ने कहा कि मनुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए। ज्ञान के साथ सफलता के लिए कौशल विकास भी बेहद जरूरी है। क्योंकि कौशल से ही बेहतर आजीविका मिल सकती है। विशिष्ट अतिथि प्रो. संजय मिश्रा ने सॉफ्ट स्किल के अलग-अलग आयामों की जानकारी दी। कहा, भाषा कौशल का होना जरूरी है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रुचि द्विवेदी ने 30 नवंबर तक चलने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में आइक्यूएसी सेल समन्वयक डॉ. आशुतोष प्रिया, डॉ. विजय बहादुर यादव, डॉ. सुबोध धवन, मोहम्मद इसरार खान, डॉ. कामिनी विश्वकर्मा, डॉ. प्रिया शर्मा, डॉ. कमला बिंद, डॉ. अनूप रंजन आदि लोग मौजूद रहे।
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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को दस दिवसीय सॉफ्ट स्किल पर लघु अवधि पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई। क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग, प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग, आइक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफलता के लिए कौशल विकास के साथ दूसरी संभावनाओं के बारे में बताया गया।
क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष प्रिय ने सर्वांगीण विकास के लिए सॉफ्ट स्किल होना बेहद जरूरी बताया। मुख्य अतिथि प्रो. एमके सिंह ने कहा कि मनुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए। ज्ञान के साथ सफलता के लिए कौशल विकास भी बेहद जरूरी है। क्योंकि कौशल से ही बेहतर आजीविका मिल सकती है। विशिष्ट अतिथि प्रो. संजय मिश्रा ने सॉफ्ट स्किल के अलग-अलग आयामों की जानकारी दी। कहा, भाषा कौशल का होना जरूरी है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रुचि द्विवेदी ने 30 नवंबर तक चलने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में आइक्यूएसी सेल समन्वयक डॉ. आशुतोष प्रिया, डॉ. विजय बहादुर यादव, डॉ. सुबोध धवन, मोहम्मद इसरार खान, डॉ. कामिनी विश्वकर्मा, डॉ. प्रिया शर्मा, डॉ. कमला बिंद, डॉ. अनूप रंजन आदि लोग मौजूद रहे।
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