UP: बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण में अधिग्रहण का ग्रहण, दूसरे चरण के लिए नहीं मिल सकी जमीन
बरेली से सितारगंज तक 71 किलोमीटर हाईवे का चौड़ीकरण होना है। पहले चरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरे चरण के लिए जमीन नहीं मिल सकी है।
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बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू तो हो गया है, लेकिन इसके दूसरे चरण के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। दूसरे फेज में पीलीभीत और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में हाईवे के 38.5 किमी हिस्से के चौड़ीकरण के लिए जमीन चाहिए। इसको लेकर एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के परियोजना निदेशक बीपी पाठक कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं पर जमीन अधिग्रहण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
बरेली से सितारगंज तक 71 किलोमीटर हाईवे अभी टूलेन (10 मीटर चौड़ा) है। इसे फोरलेन किया जाना है। इसके दोनों तरफ 9-9 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जानी है। पहले चरण में बरेली और पीलीभीत में हाईवे के 32.5 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए जमीन चाहिए थी।
बरेली में 27.5 किमी में से 20 किमी हिस्से के चौड़ीकरण के लिए जमीन मिल चुकी है। पीलीभीत में पांच में से तीन किमी हिस्से में जमीन के अधिग्रहण का दावा किया जा रहा है। इस तरह अभी पहले चरण के काम के लिए ही नौ किमी हिस्से में जमीन चाहिए। इसके लिए बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अधिग्रहण कर लिया जाएगा।
इन दो जिलों में नहीं हुआ जमीन का अधिग्रहण
एनएचएआई के अधिकारियों को दूसरे चरण के काम की चिंता सता रही है। दूसरे चरण में पीलीभीत में 26 किमी व उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में 12.5 किमी हिस्से का चौड़ीकरण होना है। इसके लिए अब तक दोनों जिलों में जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है।
बीते दिनों एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने पीलीभीत और रुद्रपुर जाकर अधिकारियों से मुलाकात की थी। उन्होंने जल्द जमीन मुहैया कराने के लिए कहा था। दोनों जिलों के अधिकारियों के उदासीन रवैये से अभी तक जमीन नहीं मिल सकी है।
हाईवे के चौड़ीकरण के लिए एक साल से जमीन तलाशी जा रही है। इसके लिए पूर्व में यहां एडीएम को जिम्मा सौंपा गया था। बाद में पीलीभीत में जमीन अधिग्रहण के लिए वहां के सिटी मजिस्ट्रेट को नामित किया गया।
पीलीभीत में सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। यहां पहले फेज में दो और दूसरे फेज में 26 किमी हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जमीन चाहिए। ऊधमसिंह नगर की बारी सबसे बाद में आएगी।
दूसरे चरण के लिए नहीं मिली जमीन
एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक ने बताया कि बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। पहले चरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरे चरण के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। पीलीभीत में जमीन का अधिग्रहण न होने से निर्माण में बाधा आ सकती है।
पीलीभीत के सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि अमरिया क्षेत्र में 24 गांवों के किसानों की जमीन ली जानी है। इस क्षेत्र में फेज दो के तहत 50 प्रतिशत मुआवजा दे दिया गया है। शेष की भी फाइल तैयार है। चुनाव की वजह से काम सुस्त हो गया था। जल्द अधिग्रहण पूरा किया जाएगा।