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लालफाटक ओवरब्रिज: कैंट बोर्ड मोहनपुर ठिरिया में जमीन लेने पर सहमत

Fri, 14 Feb 2020 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 02:03 AM IST
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Lalfatak Overbridge: Cantt Board agreed to take land in Mohanpur Thiria
लाल फाटक - फोटो : लाल फाटक
बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट एरिया में जमीन अधिग्रहण मामले का करीब चार साल बाद हल निकलता दिखाई दे रहा है। प्रशासन को इस जमीन के बदले कैंट बोर्ड और सेना को करीब 6500 वर्गमीटर भूमि देनी है। सदर तहसील की टीम ने सर्वे कर इस जमीन का मूल्य 7.20 करोड़ रुपये आंका था। बृहस्पतिवार को प्रशासन, सेतु निगम और कैंट बोर्ड के अफसरों की ज्वाइंट टीम मोहनपुर ठिरिया पहुंची। टीम ने यहां कैंट से लगी करीब 3500 वर्गमीटर सरकारी भूमि का जायजा लिया। टीम ने इसे उपयुक्त बताया। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह अब यह पैरवी कर रहे हैं कि कैंट बोर्ड को मोहनपुर ठिरिया में जमीन देने के बाद बाकी करीब 50 फीसदी भूमि इस तर्क के साथ छोड़ने का आग्रह किया जाए कि ओवरब्रिज और सर्विस रोड का इस्तेमाल आम लोगों के साथ सेना भी करेगी।
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कैंट में जमीन न मिलने से लालफाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण लटक गया है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद की फटकार के बाद तहसील प्रशासन और सेतु निगम के अधिकारियों की टीम प्रोजेक्ट में फंसे इस पेच को निकालने में जुटी है। बुधवार को प्रशासन के साथ सेतु निगम और कैंट बोर्ड के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह यह जानकार हैरान रह गए थे कि ओवरब्रिज के लिए जो जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है, कैंट बोर्ड ने उसका कॉमर्शियल रेट करीब 14 करोड़ आंका है। इस पर आपत्ति के बाद कैंट बोर्ड 7.20 करोड़ मूल्य की जमीन लेने को तैयार हो गया।
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बृहस्पतिवार को सेतु निगम, कैंट बोर्ड और प्रशासन की टीम ने मोहनपुर ठिरया में उस 3500 वर्गमीटर जमीन का मुआयना किया, जिसे तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने पूर्व में लालफाटक के लिए जमीन के बदले देने को चिह्नित किया था। रक्षा संपदा अधिकारी कौशल गौतम मोहनपुर ठिरिया में कैंट से लगी इस भूमि को लेने को तैयार हो गए है। कैंट बोर्ड चाहता भी यही है कि उसे छावनी से लगी जमीन मिले। एसडीएम का कहना है कि कैंट और सेना के अधिकारियों को इसके लिए मनाने की कोशिश होगी कि मोहनपुर ठिरिया की जमीन लेकर ही पूरे मामले का निस्तारित किया जाए, क्योंकि कैंट एरिया में बनने वाले ओवरब्रिज और सर्विस रोड का इस्तेमाल पब्लिक के साथ कैंट और सेना के लोग भी करेंगे।
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मोहनपुर ठिरिया की जमीन को लेकर रक्षा संपदा अधिकारी ने सहमति जताई है। हालांकि एनओसी के लिए अभी कई और चरण हैं। मैं कोशिश करूंगा कि इस मामले को लेकर सेना और उच्चाधिकारियों से जल्द बात हो और मामला निपटे। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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