{"_id":"61c4baa6cbd711005370591d","slug":"kissan-samman-nidhi-bareilly-news-bly4702478192","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपात्र ले रहे थे सम्मान निधि, फंसे तो पैसा लौटाया और माफी मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपात्र ले रहे थे सम्मान निधि, फंसे तो पैसा लौटाया और माफी मांगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जिले में कई पात्र किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा, वहीं जुगाड़ से अपात्र लोगों ने सम्मान निधि हासिल कर ली। शासन ने सर्वे कराया तो जिले भर में ऐसे 252 लोग फंस गए। कई मामलों में पति-पत्नी दोनों ही सम्मान निधि ले रहे थे। पेंशनधारक और आयकरदाता भी लाभ ले रहे थे। कुल 2500 लोगों की निधि पर रोक लगा दी गई है। इनमें से 252 लोगों ने शासन को करीब सवा दो लाख रुपये लौटा दिए हैं और माफी मांग ली। शेष से भी वसूली की जाएगी।
शासन की ओर से किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है। किसानों को फसल में बुआई के दौरान जो पहले कर्ज लेना पड़ता था, उससे निजात दिलाने का यह प्रयास था। ताकि किसान सम्मान निधि से वे अपना जीवन यापन कर सकें। जिले में साढ़े चार लाख से ज्यादा किसानों को पीएम किसान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इसमें साठगांठ के आधार पर कई ऐसे भी किसान हैं, जो पात्र न होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे।
शासन की ओर से ऐसे अपात्र किसानों की सूची कृषि विभाग को मुहैया कराई गई थी। विभाग की ओर से इन मामलों की राजस्व विभाग के अधिकारियों से जांच कराई गई तो 252 किसान अपात्र मिले। पति-पत्नी दोनों या फिर पेंशन लेने वाले भी योजना का लाभ ले रहे थे। यहां तक की मृतकों के नाम से भी निधि ली जा रही थी। जब विभागीय अधिकारियों ने इन पर दबाव बनाया तो 252 लोगों ने सम्मान निधि योजना के तहत लिए गए लाभ की धनराशि वापस कर दी। इसके तहत इन लोगों ने विभाग को करीब सवा दो लाख रुपये की धनराशि जमा की है।
विज्ञापन
-
1248 आयकर दाता भी ले रहे थे योजना का लाभ
शासन ने एक और लिस्ट कृषि विभाग को भेजी है, जो आयकरदाता है। जांच के दौरान जिले में 1248 लोग ऐसे मिले जो आयकर दाता है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे। विभाग इन पर रोक लगा दी। इनसे भी सम्मान निधि की राशि वसूली जाएगी।
-
यह लोग नहीं हैं किसान सम्मान निधि के पात्र
सभी किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। खेत मालिक होने के बाद भी सेवानिवृत्त कर्मचारी योजना का लाभ नहीं ले सकते। पेंशनधारक, जीएसटी व आयकर दाता, जनप्रतिनिधि व पूर्व जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता लाभ नहीं ले सकते। पति व पत्नी दोनों में से कोई एक ही योजना का लाभ ले सकता है।
-
लाभार्थियों की सूची लेकर जांच कराई गई तो कुछ लोग अनियमित तरीके से किसान सम्मान निधि लेते मिले। इनमें से 252 लोगों ने विभाग को सवा दो लाख रुपये वापस किए हैं। जबकि शासन स्तर से पैन कार्ड व आधार से फिल्टर लगाकर जांच कराई गई तो करीब 1248 आयकरदाता भी सम्मान निधि लेते मिले हैं। इनसे रिकवरी के लिए राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है।
- रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
शासन की ओर से किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है। किसानों को फसल में बुआई के दौरान जो पहले कर्ज लेना पड़ता था, उससे निजात दिलाने का यह प्रयास था। ताकि किसान सम्मान निधि से वे अपना जीवन यापन कर सकें। जिले में साढ़े चार लाख से ज्यादा किसानों को पीएम किसान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इसमें साठगांठ के आधार पर कई ऐसे भी किसान हैं, जो पात्र न होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे।
विज्ञापन
शासन की ओर से ऐसे अपात्र किसानों की सूची कृषि विभाग को मुहैया कराई गई थी। विभाग की ओर से इन मामलों की राजस्व विभाग के अधिकारियों से जांच कराई गई तो 252 किसान अपात्र मिले। पति-पत्नी दोनों या फिर पेंशन लेने वाले भी योजना का लाभ ले रहे थे। यहां तक की मृतकों के नाम से भी निधि ली जा रही थी। जब विभागीय अधिकारियों ने इन पर दबाव बनाया तो 252 लोगों ने सम्मान निधि योजना के तहत लिए गए लाभ की धनराशि वापस कर दी। इसके तहत इन लोगों ने विभाग को करीब सवा दो लाख रुपये की धनराशि जमा की है।
विज्ञापन
-
1248 आयकर दाता भी ले रहे थे योजना का लाभ
शासन ने एक और लिस्ट कृषि विभाग को भेजी है, जो आयकरदाता है। जांच के दौरान जिले में 1248 लोग ऐसे मिले जो आयकर दाता है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे। विभाग इन पर रोक लगा दी। इनसे भी सम्मान निधि की राशि वसूली जाएगी।
-
यह लोग नहीं हैं किसान सम्मान निधि के पात्र
सभी किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। खेत मालिक होने के बाद भी सेवानिवृत्त कर्मचारी योजना का लाभ नहीं ले सकते। पेंशनधारक, जीएसटी व आयकर दाता, जनप्रतिनिधि व पूर्व जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता लाभ नहीं ले सकते। पति व पत्नी दोनों में से कोई एक ही योजना का लाभ ले सकता है।
-
लाभार्थियों की सूची लेकर जांच कराई गई तो कुछ लोग अनियमित तरीके से किसान सम्मान निधि लेते मिले। इनमें से 252 लोगों ने विभाग को सवा दो लाख रुपये वापस किए हैं। जबकि शासन स्तर से पैन कार्ड व आधार से फिल्टर लगाकर जांच कराई गई तो करीब 1248 आयकरदाता भी सम्मान निधि लेते मिले हैं। इनसे रिकवरी के लिए राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है।
- रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक