फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   kinnars of several territories gathered in the Kalash Yatra

कलश यात्रा में जुटे कई प्रदेशों के किन्नर, ‘छटंकी माई की रोटी’ कार्यक्रम में बंधा रहा समा

Tue, 02 Apr 2019 01:06 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 02 Apr 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
kinnars of several territories gathered in the Kalash Yatra
अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला

छटंकी माई के निधन के बाद उनकी रोटी कार्यक्रम के तहत आठ दिन पहले शुरू हुए अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में सोमवार को उनकी परंपराओं से जुड़े कई कार्यक्रम हुए। एक-दूसरे को पूरा सम्मान देते हुए उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पूजा भी की। कई प्रदेशों के किन्नरों की मौजूदगी में कलश यात्रा शुरू हुई तो किन्नर झूम उठे। सजे-धजे रथों पर सवार किन्नरों ने मुख्य बाजार में पहुंचकर पंचमुखी मंदिर में घंटा चढ़ाया।

विज्ञापन


किन्नर नूरी बाई की देखरेख में चल रहे सम्मेलन के दौरान कलश यात्रा पूर्वाह्न शुरू हुई। मुख्य बाजार से होकर कलश यात्रा घंटाघर चौराहे पर पहुंची तो किन्नरों में गजब का जोश नजर आया। नाचते-झूमते किन्नरों को देखने के लिए व्यापारी भी प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। रास्ते में वाहनों के पहिए थम गए। किन्नरों के सिर पर कलश था। पूरे शृंगार किए किन्नरों ने नूरीबाई की मौजूदगी में पंचमुखी हनुमान मंदिर में घंटा चढ़ाया तो पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। छटंकी माई को भी याद किया गया। कलश यात्रा में जुटे किन्नरों में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के संगी-साथी भी झूमते रहे। कलश यात्रा के विसर्जन पर देर शाम तक धार्मिक कार्यक्रम चले।
विज्ञापन


सम्मेलन आयोजक नूरी बाई ने कहा कि छटंकी माई की रोटी का कार्यक्रम बहुत ही जोश के साथ चल रहा है। संगी-साथियों की सुविधा का ख्याल रखा गया है। सभी कार्यक्रम किन्नर बिरादरी की परंपराओं के अनुरूप होते हैं। किन्नर भी बहुत-बहुत दूर से आए हैं। कलश यात्रा में मुन्ना बाई, डिंपल, शीला पायल, आपा हाजी, कोकिला, रईसा, आंचल बाई, राजकुमारी बाई, सादना बाई, शरीफ, दानिश, शबनम, बन्नी आदि किन्नर मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


25 मार्च से चल रहे हैं कार्यक्रम
ग्रीन हाउस में 25 मार्च को शुरू छटंकी माई की रोटी के कार्यक्रम में पहले दिन कई प्रदेशों से किन्नरों के पहुंचने का सिलसिला अगले दिन तक चला। खिचड़ी कार्यक्रम भी शामिल रहा। पूजा-पाठ यूं तो रोजाना ही किया जाता है लेकिन इसके लिए 27 मार्च का दिन विशेष रहा। इसके अगले दिन चाक पूजन कराया गया तो सम्मेलन में चार चांद लग गए। सम्मेलन का समापन तीन अप्रैल को होगा। बता दें कि ऐसे कार्यक्रम किसी संगी-साथी के निधन के बाद उसकी याद में कराए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed