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सरकारी भूमि से मिट्टी का खनन कराने वाले प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
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नवाबगंज। सरकारी जमीन से लाखों की मिट्टी का अवैध खनन कर अपना तालाब पाटने और बाकी मिट्टी भट्ठा मालिक और एक ग्रामीण को बेचने के आरोप जांच में सही जाने के बाद रविवार को दिनभर ग्राम प्रधान के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर देने, फिर वापस लेने को ड्रामा चलता रहा। मामला कस्बे में चर्चा का विषय बनने पर आखिरकार शाम को लेखपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। जिस पर प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
लाईखेड़ा गांव में 122 बीघा सरकारी भूमि खाली पड़ी है। इस पर गोशाला बनाने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। राजस्व टीम ने पैमाइश कर गोशाला के लिए भूमि भी चिह्नित कर दी है। गोशाला के साथ ही यहां एक तालाब खुदवाने का भी प्रस्ताव पास हुआ है। इस जमीन पर ग्राम प्रधान ने तहसील के एक अधिकारी से सांठगांठ कर तालाब की भूमि पर जेसीबी मशीन से सात से आठ फुट गहरा खनन कराकर लाखों रुपये की मिट्टी से अपना पांच बीघा का तालाब पाट लिया। शेष मिट्टी एक भट्ठा मालिक और गांव के एक ग्रामीण के हाथ बेच दी। जब इसकी शिकायत गांव के मुन्ना लाल ने मुख्यमंत्री से की तो एसडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश तहसीलदार को दिए। तहसीलदार ने कानूनगो हरस्वरूप और लेखपाल गंगाराम को मौके पर भेजकर जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट राजस्व टीम ने तहसीलदार को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में राजस्व टीम ने भूमि पर अवैध खनन पाया है। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तहसीलदार आनंद कुमार के आदेश पर लेखपाल गंगाराम ने ग्राम प्रधान गोमती देवी के पति पूरनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। सूत्रों के मुताबिक इसी बीच एक जनप्रतिनिधि ने तहसील के एक अफसरों को फोन कर रिपोर्ट दर्ज कराने से मना किया। जिस पर एक घंटे बाद लेखपाल थाने जाकर तहरीर वापस ले आए, लेकिन मामला मीडिया की जानकारी में आने पर लेखपाल को दोबारा शाम करीब छह बजे थाने भेजकर तहरीर दिलवाई गई।
खनन के आरोपी प्रधान को बचाने में जुटा है सरकारी अमला
सूत्रों की माने तो पहले तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद लंबे अरसे के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन जब राजस्व टीम ने जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी तो जांच को तब्दील करने की कोशिश की गई, लेकिन कानूनगो ने जांच रिपोर्ट पारदर्शिता के साथ अधिकारियों को सौंप दी। इसके बाद अधिकारी कार्रवाई में पेच फंसाने लगे। जब रविवार को लेखपाल रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे तो एक अधिकारी का फोन आने के बाद वह बैरंग लौट आए। इस मामले में तहसीलदार और लेखपाल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन हो नहीं सका।
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मैं मुरादाबाद किसी काम से आया हुआ हूूं। मैंने जांच रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है, अब लेखपाल थाने से बिना रिपोर्ट दर्ज कराए क्यों लौट आए यह मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी लेखपाल ही दे सकेंगे। - हरस्वरूप, कानूनगो
प्रधान के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। शीघ्र ही प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। - गौरव सिंह, कोतवाल नवाबगंज
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लाईखेड़ा गांव में 122 बीघा सरकारी भूमि खाली पड़ी है। इस पर गोशाला बनाने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। राजस्व टीम ने पैमाइश कर गोशाला के लिए भूमि भी चिह्नित कर दी है। गोशाला के साथ ही यहां एक तालाब खुदवाने का भी प्रस्ताव पास हुआ है। इस जमीन पर ग्राम प्रधान ने तहसील के एक अधिकारी से सांठगांठ कर तालाब की भूमि पर जेसीबी मशीन से सात से आठ फुट गहरा खनन कराकर लाखों रुपये की मिट्टी से अपना पांच बीघा का तालाब पाट लिया। शेष मिट्टी एक भट्ठा मालिक और गांव के एक ग्रामीण के हाथ बेच दी। जब इसकी शिकायत गांव के मुन्ना लाल ने मुख्यमंत्री से की तो एसडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश तहसीलदार को दिए। तहसीलदार ने कानूनगो हरस्वरूप और लेखपाल गंगाराम को मौके पर भेजकर जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट राजस्व टीम ने तहसीलदार को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में राजस्व टीम ने भूमि पर अवैध खनन पाया है। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तहसीलदार आनंद कुमार के आदेश पर लेखपाल गंगाराम ने ग्राम प्रधान गोमती देवी के पति पूरनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। सूत्रों के मुताबिक इसी बीच एक जनप्रतिनिधि ने तहसील के एक अफसरों को फोन कर रिपोर्ट दर्ज कराने से मना किया। जिस पर एक घंटे बाद लेखपाल थाने जाकर तहरीर वापस ले आए, लेकिन मामला मीडिया की जानकारी में आने पर लेखपाल को दोबारा शाम करीब छह बजे थाने भेजकर तहरीर दिलवाई गई।
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खनन के आरोपी प्रधान को बचाने में जुटा है सरकारी अमला
सूत्रों की माने तो पहले तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद लंबे अरसे के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन जब राजस्व टीम ने जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी तो जांच को तब्दील करने की कोशिश की गई, लेकिन कानूनगो ने जांच रिपोर्ट पारदर्शिता के साथ अधिकारियों को सौंप दी। इसके बाद अधिकारी कार्रवाई में पेच फंसाने लगे। जब रविवार को लेखपाल रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे तो एक अधिकारी का फोन आने के बाद वह बैरंग लौट आए। इस मामले में तहसीलदार और लेखपाल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन हो नहीं सका।
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मैं मुरादाबाद किसी काम से आया हुआ हूूं। मैंने जांच रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है, अब लेखपाल थाने से बिना रिपोर्ट दर्ज कराए क्यों लौट आए यह मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी लेखपाल ही दे सकेंगे। - हरस्वरूप, कानूनगो
प्रधान के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। शीघ्र ही प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। - गौरव सिंह, कोतवाल नवाबगंज