{"_id":"5d3a14368ebc3e6cfd1894de","slug":"khanan-bareilly-news-bly3699638155","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन को जाननी है हकीकत, एसडीएम साहिबा! आपके दफ्तर में बगैर पैसे से कोई काम होता है या नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन को जाननी है हकीकत, एसडीएम साहिबा! आपके दफ्तर में बगैर पैसे से कोई काम होता है या नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एसडीएम बहेड़ी ममता मालवीय पर गंभीर आरोप लगा है कि उनके दफ्तर में बगैर पैसे से कोई होता ही नहीं है। बहेड़ी बार एसोसिएशन ने एसडीएम के खिलाफ कई बिंदुओं की शिकायत राजस्व परिषद को भेजी थी। मामले का संज्ञान लेते हुए परिषद के अध्यक्ष ने डीएम को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
बार एसोसिएशन ने एसडीएम के खिलाफ शिकायत की है कि वह खुद न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही हें। राजस्व संहिता के अधिनियम का अनुपालन नहीं हो रहा है। बिना पक्षकारों को उचित मौका दिए और अधिवक्ताओं को सुने बगैर ही आदेश पारित किए जा रहे हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में जब उनसे वार्ता करने की कोशिश की जाती है तो अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। एसडीएम के इस कार्य व्यवहार असंतोषजनक है। राजस्व परिषद इस मामले की हकीकत जानने के लिए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पूर्व संयुक्त निदेशक की जांच दो साल से अटकी, कमिश्नर ने मांगी रिपोर्ट
संयुक्त निदेशक पेंशन माया पांडेय और उनके लिपिक के रिश्वत मामले की शिकायत वर्ष 2017 में राष्ट्रीय लोकदल के महानगर अध्यक्ष शहादत हुसैन ने शासन में की थी। शासन के आदेश पर इसकी जांच डीएम को करके देनी थी लेकिन कमिश्नर को इसकी आख्या अब तक नहीं मिली है। कमिश्नर ने डीएम को नोटिस देकर मामले की जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार एसोसिएशन ने एसडीएम के खिलाफ शिकायत की है कि वह खुद न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही हें। राजस्व संहिता के अधिनियम का अनुपालन नहीं हो रहा है। बिना पक्षकारों को उचित मौका दिए और अधिवक्ताओं को सुने बगैर ही आदेश पारित किए जा रहे हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में जब उनसे वार्ता करने की कोशिश की जाती है तो अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। एसडीएम के इस कार्य व्यवहार असंतोषजनक है। राजस्व परिषद इस मामले की हकीकत जानने के लिए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
पूर्व संयुक्त निदेशक की जांच दो साल से अटकी, कमिश्नर ने मांगी रिपोर्ट
संयुक्त निदेशक पेंशन माया पांडेय और उनके लिपिक के रिश्वत मामले की शिकायत वर्ष 2017 में राष्ट्रीय लोकदल के महानगर अध्यक्ष शहादत हुसैन ने शासन में की थी। शासन के आदेश पर इसकी जांच डीएम को करके देनी थी लेकिन कमिश्नर को इसकी आख्या अब तक नहीं मिली है। कमिश्नर ने डीएम को नोटिस देकर मामले की जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन