बरेली कटरी कांड: सुरेश प्रधान के मददगार पाठक बंधुओं पर लगेगा गैंगस्टर, संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
कटरी कांड में मुख्य आरोपी सुरेश पाल सिंह तोमर के मददगार सुभाष पाठक और वीरेंद्र पाठक के खिलाफ पुलिस को सीडीआर में साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब पाठक बंधुओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
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बरेली के फरीदपुर कटरी कांड में आरोपी आगरा निवासी पाठक बंधुओं पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान के मददगार पाठक बंधुओं सुभाष पाठक और वीरेंद्र पाठक के खिलाफ पुलिस को सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) में साक्ष्य मिले हैं। अब पुलिस ने एक सत्ताधारी नेता के करीबी पाठक बंधुओं के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में 11 जनवरी को सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर रायपुरहंस निवासी हिस्ट्रीशीटर सुरेशपाल पाल सिंह तोमर और चंडीगढ़ निवासी परमवीर पक्ष के बीच खूनी संघर्ष में तीन लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में अब तक सुरेश पक्ष के 19 और परमवीर पक्ष के छह लोगों को जेल भेजा जा चुका है। सुरेश और परमवीर के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
ढाई महीने बाद भी पुलिस नहीं कर सकी गिरफ्तार
इधर, करीब ढाई महीने के बाद भी पुलिस सुरेश के मददगार पाठक बंधुओं को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सीडीआर में सुभाष पाठक और वीरेंद्र पाठक के खिलाफ पुलिस को ठोस साक्ष्य मिले हैं। कटरी में खूनी संघर्ष के दिन और उसके बाद कई बार इन लोगों की सुरेश पाल सिंह तोमर से मोबाइल कॉल पर बात हुई थी।
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पाठक बंधु सुरेश पक्ष को आर्थिक मदद के साथ असलहे भी मुहैया कराते थे। यह भी तथ्य सामने आए हैं कि सुरेश तोमर पक्ष को परमवीर पक्ष पर फायरिंग के लिए भी पाठक बंधुओं ने ही कहा था। ठोस साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने पाठक बंधुओं के खिलाफ गैंगस्टर के साथ उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बचाव में अफसरों से संपर्क कर रहे सत्ताधारी नेता
पाठक बंधुओं के बचाव में सत्ताधारी नेता अधिकारियों से भी संपर्क कर रहे हैं। पाठक बंधुओं पर पुलिस का शिकंजा कसने के साथ-साथ सत्तापक्ष के कुछ नेता सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों के समक्ष यह लोग पाठक बंधुओं का पक्ष रख उनको पाक-साफ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। इधर, अधिकारी सीडीआर समेत अन्य माध्यमों से मिले साक्ष्यों का हवाला देते हुए नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहे हैं।