Bareilly News: कंकड़ की चुभन से परेशान हुए कांवड़िये, बोले- यूपी के मुकाबले उत्तराखंड की व्यवस्था बेहतर
नाथ नगरी बरेली की सड़कों पर बिखरे कंकड़-पत्थर कांवड़ियों को दर्द दे रहे हैं। हरिद्वार से कांवड़ लेकर गोला गोकर्णनाथ तक 400 किलोमीटर लंबे सफर पर निकले कांवड़ियों ने दर्द बयां किया। हरिद्वार से 13 जुलाई को चले जत्थे में शामिल अरुण वर्मा व विपिन कनौजिया शनिवार को बरेली पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वे अपने जत्थे के साथ छोटी काशी के नाम से विख्यात गोला गोकर्णनाथ जा रहे हैं। वहां 16 जुलाई को जलाभिषेक करेंगे। रास्ते गड्ढामुक्त मिले या नहीं, इस सवाल पर बोले- पैरों की हालत देखिए। हमें नंगे पैर चलना था, लेकिन सड़कों पर कंकड़-पत्थर की वजह से चप्पल पहनकर चल रहे हैं। नाथ नगरी की सड़कों पर भी कंकड़-पत्थर से चोट लगी।
यूपी के मुकाबले उत्तराखंड की व्यवस्था बेहतर
लखीमपुर खीरी के कुकुपुर निवासी तोताराम ने बताया कि मैं 13 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ लेकर चला था। मेरे जत्थे में 35 लोग हैं। कांवड़ियों के लिए उत्तराखंड के अधिकारियों ने जगह-जगह व्यवस्था कर रखी है पर यूपी के धक्के खा रहे हैं। कहीं सड़क टूटी है तो कहीं गड्ढे हैं।
बाबरपुर के महेंद्र वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की सड़कें ठीक थीं। यूपी में जगह जगह गड्ढे मिले। जब हम बरेली में घुसे तो स्मार्ट सिटी के नाम पर सड़कें बदहाल मिलीं। पांव में कंकड़ चुभे और पैर में सूजन आ गई, लेकिन दर्द को भुलाकर आगे बढ़ते रहे।