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मंत्री की नाराजगी का हुआ असर तो अब जल्द लाल फाटक रोड बनाएंगे अफसर
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बरेली। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने अगर अपने मंत्री की नाराजगी को महत्व दिया तो लाल फाटक रोड को फोरलेन करने का काम जल्द शुरू होता नजर आ सकता है। फिलहाल यह काम करीब साल भर से लटका हुआ है। बुधवार को यहां निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री जितिन प्रसाद ने बेतहाशा धूल उड़ते देखी तो सख्त नाराजगी जताई। लालफाटक ओवरब्रिज बनने का इंतजार करने के बजाय सड़क बनाने को कहा।
रामगंगा तिराहे से बदायूं तक फोरलेन सड़क बनने के बाद करीब तीन साल पहले इससे जुड़े लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक के हिस्से को भी फोरलेन करने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने शासन को भेजा था जिसे स्वीकृत होने में दो साल लग गए। साल भर पहले प्रस्ताव स्वीकृत होने के साथ पांच किलोमीटर की इस सड़क को फोरलेन करने के लिए 26 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया। तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसके बाद जल्द सड़क का निर्माण पूरा होने का दावा किया लेकिन इसके बावजूद काफी समय तक सड़क का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ।
बुधवार का लाल फाटक इलाके में आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ दौरा करने पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने सड़क की हालत देखकर नाराजगी जताई। अपने मंत्री के दौरे से पहले अफसरों ने सड़क पर पानी का छिड़काव कराया था लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक गुजरने की वजह से सड़क पर बेतहाशा धूल उड़ रही थी। मंत्री ने अफसरों से कहा कि वह जानते हैं कि पानी का छिड़काव उनकी वजह से हुआ है, लेकिन सड़क बनने तक रोज पानी का छिड़काव होना चाहिए।
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जितिन प्रसाद ने अफसरों से अब तक सड़क बनाए जाने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि कुछ बिजली की लाइनें शिफ्ट की जानी हैं। इस पर धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि इस तरह के बहाने काफी समय से बनाए जा रहे हैं। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए अफसरों को निर्देश दिया कि लालफाटक ओवरब्रिज बनने का इंतजार न किया जाए। जल्द से जल्द सड़क का निर्माण पूरा किया जाए।
लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक दिखाई न दें गड्ढे
लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक जिस सड़क को फोरलेन किया जाना है, उस पर फिलहाल शुरू से आखिर तक भीषण गड्ढे हैं। इन गड्ढों में फंसकर अक्सर भारी वाहन खराब होते रहते हैं। धूल के गुबार भी इस कदर उड़ते हैं कि इलाके में रहने वालों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के दौरे से पहले मंगलवार को ही विभागीय अफसरों ने क्रॉसिंग के पास कुछ हिस्से में सड़क के बड़े गड्ढों पर पैचवर्क करा दिया था, लेकिन मंत्री अफसरों की यह कारगुजारी भी समझ गए। उन्होंने कहा कि लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक गड्ढे दिखाई नहीं देने चाहिए। पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारी रेलवे के अधिकारियों से बातचीत कर ओवरब्रिज का निर्माण भी जल्द पूरा कराएं।
न पेड़ हटे, न बिजली की लाइनें प्रशासन के अफसर भी बेपरवाह
पिछले साल सितंबर में पीडब्ल्यूडी ने फोरलेन सड़क बनाने के लिए टेंडर कर दिए थे। इसके बाद ठेकेदार ने सड़क को चौड़ा करने के लिए दोनों तरफ खोदाई कराकर बजरी डाल दी लेकिन इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया। दरअसल बिजली विभाग को सड़क किनारे से बिजली के पोल हटाकर लाइनों को अंडरग्राउंड करना था। वन विभाग को सड़क के दोनों किनारों से पेड़ों को ट्रांसलोकेट कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन दोनों विभागों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब बिजली की लाइनें तो शिफ्ट हो रही हैं लेकिन काम इतनी धीमी रफ्तार से हो रहा है कि चुनावी साल से पहले सड़क का फोरलेन होना मुमकिन नहीं लग रहा है। पेड़ तो हटने ही शुरू नहीं हुए हैं। बारिश सिर पर है लिहाजा आने वाले कई महीनों तक काम और बाधित रहने की आशंका है।
नगरिया खनू के पुल का उद्घाटन
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद निर्माणाधीन लाल फाटक पुल के निरीक्षण के बाद नगरिया खनू पहुंचे जहां पुल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 50 से अधिक गांवों के लोगों को इससे लाभ मिलेगा। इस दौरान आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि फरीदपुर में भी ओवरब्रिज मंजूर हो गया है जिसकी लागत 43 करोड़ रुपये होगी। फरीदपुर से दातागंज को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण भी 85 फीसदी तक पूरा हो गया है। यह कार्य भी जल्द पूरा करवाया जाएगा।
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रामगंगा तिराहे से बदायूं तक फोरलेन सड़क बनने के बाद करीब तीन साल पहले इससे जुड़े लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक के हिस्से को भी फोरलेन करने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने शासन को भेजा था जिसे स्वीकृत होने में दो साल लग गए। साल भर पहले प्रस्ताव स्वीकृत होने के साथ पांच किलोमीटर की इस सड़क को फोरलेन करने के लिए 26 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया। तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसके बाद जल्द सड़क का निर्माण पूरा होने का दावा किया लेकिन इसके बावजूद काफी समय तक सड़क का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ।
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बुधवार का लाल फाटक इलाके में आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ दौरा करने पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने सड़क की हालत देखकर नाराजगी जताई। अपने मंत्री के दौरे से पहले अफसरों ने सड़क पर पानी का छिड़काव कराया था लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक गुजरने की वजह से सड़क पर बेतहाशा धूल उड़ रही थी। मंत्री ने अफसरों से कहा कि वह जानते हैं कि पानी का छिड़काव उनकी वजह से हुआ है, लेकिन सड़क बनने तक रोज पानी का छिड़काव होना चाहिए।
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जितिन प्रसाद ने अफसरों से अब तक सड़क बनाए जाने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि कुछ बिजली की लाइनें शिफ्ट की जानी हैं। इस पर धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि इस तरह के बहाने काफी समय से बनाए जा रहे हैं। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए अफसरों को निर्देश दिया कि लालफाटक ओवरब्रिज बनने का इंतजार न किया जाए। जल्द से जल्द सड़क का निर्माण पूरा किया जाए।
लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक दिखाई न दें गड्ढे
लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक जिस सड़क को फोरलेन किया जाना है, उस पर फिलहाल शुरू से आखिर तक भीषण गड्ढे हैं। इन गड्ढों में फंसकर अक्सर भारी वाहन खराब होते रहते हैं। धूल के गुबार भी इस कदर उड़ते हैं कि इलाके में रहने वालों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के दौरे से पहले मंगलवार को ही विभागीय अफसरों ने क्रॉसिंग के पास कुछ हिस्से में सड़क के बड़े गड्ढों पर पैचवर्क करा दिया था, लेकिन मंत्री अफसरों की यह कारगुजारी भी समझ गए। उन्होंने कहा कि लाल फाटक क्रॉसिंग से रामगंगा तिराहे तक गड्ढे दिखाई नहीं देने चाहिए। पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारी रेलवे के अधिकारियों से बातचीत कर ओवरब्रिज का निर्माण भी जल्द पूरा कराएं।
न पेड़ हटे, न बिजली की लाइनें प्रशासन के अफसर भी बेपरवाह
पिछले साल सितंबर में पीडब्ल्यूडी ने फोरलेन सड़क बनाने के लिए टेंडर कर दिए थे। इसके बाद ठेकेदार ने सड़क को चौड़ा करने के लिए दोनों तरफ खोदाई कराकर बजरी डाल दी लेकिन इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया। दरअसल बिजली विभाग को सड़क किनारे से बिजली के पोल हटाकर लाइनों को अंडरग्राउंड करना था। वन विभाग को सड़क के दोनों किनारों से पेड़ों को ट्रांसलोकेट कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन दोनों विभागों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब बिजली की लाइनें तो शिफ्ट हो रही हैं लेकिन काम इतनी धीमी रफ्तार से हो रहा है कि चुनावी साल से पहले सड़क का फोरलेन होना मुमकिन नहीं लग रहा है। पेड़ तो हटने ही शुरू नहीं हुए हैं। बारिश सिर पर है लिहाजा आने वाले कई महीनों तक काम और बाधित रहने की आशंका है।
नगरिया खनू के पुल का उद्घाटन
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद निर्माणाधीन लाल फाटक पुल के निरीक्षण के बाद नगरिया खनू पहुंचे जहां पुल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 50 से अधिक गांवों के लोगों को इससे लाभ मिलेगा। इस दौरान आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि फरीदपुर में भी ओवरब्रिज मंजूर हो गया है जिसकी लागत 43 करोड़ रुपये होगी। फरीदपुर से दातागंज को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण भी 85 फीसदी तक पूरा हो गया है। यह कार्य भी जल्द पूरा करवाया जाएगा।