फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   IVRI lab will get NABL certificate test report will be recognized in the world

IVRI Bareilly: आईवीआरआई की लैब को मिलेगा एनएबीएल प्रमाणपत्र, दुनिया में मान्य होगी जांच रिपोर्ट

Mon, 13 Jan 2025 10:40 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Mon, 13 Jan 2025 10:40 AM IST
सार

बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की जांच रिपोर्ट जल्द दुनियाभर में मान्य होगी। संस्थान में लैब बन रही है। इसके लिए एनएबीएल प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया है। 

विज्ञापन
IVRI lab will get NABL certificate test report will be recognized in the world
IVRI Bareilly - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते 55 वर्षों से पशुओं के लिए ईजाद की गई स्वदेशी और आयातित वैक्सीन की गुणवत्ता परख रहे भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली की जांच रिपोर्ट जल्द दुनियाभर में मान्य होगी। पांच करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हो रही लैब के लिए नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) प्रमाणपत्र के लिए संस्थान के जैविक मानकीकरण विभाग ने आवेदन किया है। 

विज्ञापन


आईवीआरआई इज्जतनगर में वर्ष 1969 में स्थापित जैविक मानकीकरण विभाग वैक्सीन क्वालिटी कंट्रोल का कार्य कर रहा है। यहां उन्हीं वैक्सीन की जांच होती है जो राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम में इस्तेमाल होती है। 
विज्ञापन


साथ ही, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) द्वारा विदेश से आयातित वैक्सीन की भी जांच की जाती है। कई नैदानिकी की गुणवत्ता भी परखी जाती है। करीब चार माह में नई लैब का संचालन शुरू होगा। दावा है कि यहां जांच के मानक विश्वस्तरीय होंगे। एनएबीएल सर्टिफिकेट हासिल करने की प्रक्रिया लंबी है। लिहाजा, अभी आवेदन कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

संस्थान को 1.10 करोड़ की हुई आय
वित्तीय वर्ष 2024-25 में वैक्सीन की जांच, विभिन्न संस्थानों को सेल कल्चर आपूर्ति से अब तक आईवीआरआई को 1.10 करोड़ रुपये की आय हुई है। बीते आठ माह में संस्थान ने एफएमडी के 25, ब्रूसोलिस के तीन, पीपीआर के 82, सीएसएफ के 82 बैच की जांच से 96.60 लाख, डीसीजीआई से भेजे गए 377 नमूनों की जांच से 8.78 लाख, संस्थानों को 31 सेल कल्चर आपूर्ति से 8.78 लाख रुपये अर्जित किया है।

तीन करोड़ से बना है भवन, दो करोड़ के लगेंगे संसाधन
जैविक मानकीकरण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रणव धर के मुताबिक ती करोड़ रुपये के बजट से लैब का भवन लगभग बन चुका है। अब दो करोड़ के बजट से जांच उपकरण और जरूरी संसाधन स्थापित किए जाएंगे। वैक्सीन जांच क्षमता बढ़ने से संस्थान की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

परीक्षण सफल होने पर ही बाजार में पहुंचती है वैक्सीन
डॉ. प्रणव धर के मुताबिक यहां स्वदेशी और दूसरे देशों से आयातित वैक्सीन की गुणवत्ता का परीक्षण होता है। देश की कई निजी कंपनियों और सरकारी प्रयोगशालाओं में तैयार होने वाली वैक्सीन के शुरुआती तीन बैच का परीक्षण जैविक मानकीकरण विभाग करता है। यहां से सफल होने पर ही वैक्सीन को बाजार में बिक्री का लाइसेंस मिलता है।

टीकाकरण मुहिम की सफलता के लिए वैक्सीन का गुणवत्तापूर्ण होना जरूरी है। निर्माणाधीन लैब के संचालन के साथ देश की जरूरत के मुताबिक वैक्सीन की जांच और उसकी आपूर्ति हो सकेगी। रिपोर्ट की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एनबीएल सर्टिफिकेट भी लिया जाएगा। - डॉ. त्रिवेणी दत्त, निदेशक, आईवीआरआई

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed