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..तो अंडरपास शुरू कराने में इसलिए घबरा रहे थे साहब..
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बरेली। आईवीआरआई का अंडरपास की शुरुआत पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को शहरवासियों के लिए तोहफे के तौर पर प्रचारित करके की जानी थी, फिर इसके लिए 21 सितंबर की तारीख तय की गई लेकिन दोनों मौके पर अफसरों ने कदम पीछे खींच लिए। आधा-अधूरा बने अंडरपास का उद्घाटन कराना कहीं किरकिरी होने की वजह न बन जाए, यही आशंका इसकी वजह बनी। रविवार को अफसरों की इस घबराहट की वजह भी सामने आ गई। शनिवार को यहां लगे अस्थाई बैरियर हटाकर खुद ही अंडरपास में गाड़ियां दौड़ाते नजर आए लोगों की रफ्तार रविवार को बारिश के बाद लबालब पानी भरने से थमी हुई नजर आई। अंडरपास में जलभराव न होने देने के लिए कराया गया नालियों का निर्माण भी कारगर होता नजर नहीं आया। अब अफसर उद्घाटन से पहले इस समस्या का समाधान कराने की बात कह रहे हैं।
दरअसल आईवीआरआई ओवरब्रिज का निर्माण काफी समय से लटका होने की वजह न सिर्फ अफसरों बल्कि शहर के जनप्रतिनिधियों की भी किरकिरी हो रही है। आईवीआरआई रोड पर लंबे समय से दिक्कतें झेल रहे लोगों में इससे न सिर्फ गुस्सा है बल्कि वे लगातार इस पर प्रतिक्रिया से भी नहीं चूक रहे हैं। इसी के कारण कुछ समय से आईवीआरआई ओवरब्रिज से पहले यहां बन रहे अंडरपास को शुरू कराकर लोगों का गुस्सा शांत करने की कोशिशें शुरू हुई थीं। हालांकि रेलवे के इंजीनियरों और ठेकेदार की सुस्त रफ्तार की वजह से अंडरपास का निर्माण उम्मीद के मुताबिक गति से नहीं हो पाया। दस-बारह दिन पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने जब कमिश्नर-डीएम के साथ सेतु निगम और रेलवे अफसरों की बैठक ली थी तो तय हुआ था कि अंडरपास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को शुरू कराकर इसे शहरवासियों को तोहफे के तौर पर समर्पित कर दिया जाए। अफसरों ने इस प्रस्ताव पर हामी तो भर दी लेकिन अंडरपास का अधूरा पड़ा निर्माण समय से पूरा नहीं करा सके। नतीजा यह हुआ कि मोदी के जन्मदिन पर अंडरपास शुरू नहीं हो पाया।
इसके बाद पब्लिक की सहूलियत के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से 21 सितंबर को अंडरपास का उद्घाटन करने की बात कही गई लेकिन 21 सितंबर तक भी न अंडरपास का निर्माण पूरा हो पाया न ही अधिकारियों के पास उद्घाटन का कार्यक्रम तय होने की कोई सूचना आई। परेशान लोगों ने जब अंडरपास का उद्घाटन लगातार टलते देखा तो शनिवार को खुद ही यहां लगाए गए अस्थाई बैरियर हटाकर अंडरपास से गाड़ियां दौड़ाना शुरू कर दिया। मगर रविवार को ही इस पर काफी हद तक ब्रेक लग गया। दरअसल सुबह हुई तेज बारिश के बाद अंडरपास में लबालब पानी भर गया। इसके बाद यहां से गाड़ियां निकालना मुश्किल हुआ तो ट्रैफिक थम गया। बताया जा रहा है कि अंडरपास में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम ही तैयार नहीं किया गया है। कुछ दिन पहले पुलिया के नीचे नाली जरूर बनवाने की शुरुआत की गई थी लेकिन यह नाली अंडरपास में जलभराव रोकने में कारगर साबित नहीं हुई है।
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अधूरा पड़ा है काफी काम
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम लटका होने से अंडरपास का निर्माण तेजी से पूरी कराने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद रेलवे के अधिकारी इस काम को पूरा करने में लगातार देरी कर रहे थे। यहां दो अंडरपास प्रत्येक 320 मीटर की लंबाई के करीब 11 करोड़ की लागत से बन रहे हैं। रेलवे अस्पताल की तरफ अंडरपास की सड़क और रिटेनिंग वाल लगभग बन चुकी हैं। हालांकि अभी फाइबर शेड सहित कई दूसरे काम होने बाकी है।
अंडरपास का निर्माण अभी चल ही रहा है। इसका उद्घाटन करने से पहले अंडरपास में जलभराव की दिक्कत का समाधान भी किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी निरीक्षण भी कर रहे हैं। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल
जरा सी बारिश से अंडरपास में पानी भर गया, इससे साफ जाहिर है कि काम होना बाकी है। रेलवे के अफसरों से कहा है कि 29 सितंबर से पहले सभी आवश्यक काम करा लिए जाएं। जलभराव रोकने के लिए संपवेल लगाया जाएगा। रेलवे अफसरों से कहा गया है कि 29 सितंबर से अंडरपास को चालू करने की स्थिति में कर लें। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
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दरअसल आईवीआरआई ओवरब्रिज का निर्माण काफी समय से लटका होने की वजह न सिर्फ अफसरों बल्कि शहर के जनप्रतिनिधियों की भी किरकिरी हो रही है। आईवीआरआई रोड पर लंबे समय से दिक्कतें झेल रहे लोगों में इससे न सिर्फ गुस्सा है बल्कि वे लगातार इस पर प्रतिक्रिया से भी नहीं चूक रहे हैं। इसी के कारण कुछ समय से आईवीआरआई ओवरब्रिज से पहले यहां बन रहे अंडरपास को शुरू कराकर लोगों का गुस्सा शांत करने की कोशिशें शुरू हुई थीं। हालांकि रेलवे के इंजीनियरों और ठेकेदार की सुस्त रफ्तार की वजह से अंडरपास का निर्माण उम्मीद के मुताबिक गति से नहीं हो पाया। दस-बारह दिन पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने जब कमिश्नर-डीएम के साथ सेतु निगम और रेलवे अफसरों की बैठक ली थी तो तय हुआ था कि अंडरपास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को शुरू कराकर इसे शहरवासियों को तोहफे के तौर पर समर्पित कर दिया जाए। अफसरों ने इस प्रस्ताव पर हामी तो भर दी लेकिन अंडरपास का अधूरा पड़ा निर्माण समय से पूरा नहीं करा सके। नतीजा यह हुआ कि मोदी के जन्मदिन पर अंडरपास शुरू नहीं हो पाया।
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इसके बाद पब्लिक की सहूलियत के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से 21 सितंबर को अंडरपास का उद्घाटन करने की बात कही गई लेकिन 21 सितंबर तक भी न अंडरपास का निर्माण पूरा हो पाया न ही अधिकारियों के पास उद्घाटन का कार्यक्रम तय होने की कोई सूचना आई। परेशान लोगों ने जब अंडरपास का उद्घाटन लगातार टलते देखा तो शनिवार को खुद ही यहां लगाए गए अस्थाई बैरियर हटाकर अंडरपास से गाड़ियां दौड़ाना शुरू कर दिया। मगर रविवार को ही इस पर काफी हद तक ब्रेक लग गया। दरअसल सुबह हुई तेज बारिश के बाद अंडरपास में लबालब पानी भर गया। इसके बाद यहां से गाड़ियां निकालना मुश्किल हुआ तो ट्रैफिक थम गया। बताया जा रहा है कि अंडरपास में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम ही तैयार नहीं किया गया है। कुछ दिन पहले पुलिया के नीचे नाली जरूर बनवाने की शुरुआत की गई थी लेकिन यह नाली अंडरपास में जलभराव रोकने में कारगर साबित नहीं हुई है।
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अधूरा पड़ा है काफी काम
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम लटका होने से अंडरपास का निर्माण तेजी से पूरी कराने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद रेलवे के अधिकारी इस काम को पूरा करने में लगातार देरी कर रहे थे। यहां दो अंडरपास प्रत्येक 320 मीटर की लंबाई के करीब 11 करोड़ की लागत से बन रहे हैं। रेलवे अस्पताल की तरफ अंडरपास की सड़क और रिटेनिंग वाल लगभग बन चुकी हैं। हालांकि अभी फाइबर शेड सहित कई दूसरे काम होने बाकी है।
अंडरपास का निर्माण अभी चल ही रहा है। इसका उद्घाटन करने से पहले अंडरपास में जलभराव की दिक्कत का समाधान भी किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी निरीक्षण भी कर रहे हैं। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल
जरा सी बारिश से अंडरपास में पानी भर गया, इससे साफ जाहिर है कि काम होना बाकी है। रेलवे के अफसरों से कहा है कि 29 सितंबर से पहले सभी आवश्यक काम करा लिए जाएं। जलभराव रोकने के लिए संपवेल लगाया जाएगा। रेलवे अफसरों से कहा गया है कि 29 सितंबर से अंडरपास को चालू करने की स्थिति में कर लें। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक