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पशुओं, मनुष्यों में तेजी से फैल रहा कैंसर, शोध से ही मिलेगा समाधान
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बरेली। भरतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के विकृति विज्ञान विभाग की ओर से पशुओं के रोगों के निदान के लिए परंपरागत एवं आधुनिक तकनीक विषय पर आयोजित 21 दिवसीय शीतकालीन पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर वैज्ञानिकों ने पशुओं और मनुष्यों में बढ़ रहे कैंसर के मामलों पर विचार रखे। तमिलनाडु पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय चेन्नई के कुलपति डॉ. सी. बालाचंद्रन ने कहा कि कैंसर के शीघ्र निदान के लिए बायोमार्कर की खोज के लिए पूरी दुनिया में शोध कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवा वैज्ञानिक भी इस क्षेत्र में शोध करें।
शीतकालीन पाठ्यक्रम में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल समेत 11 राज्यों के वैज्ञानिक और पशु चिकित्साधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. आरके सिंह ने कहा संस्थान में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा मिल रहा है। पशुओं में होने वाले रोगों की जांच के लिए एक विशेष पैनल भी बनाने की तैयारी है। संस्थान का विकृति विज्ञान विभाग महत्वपूर्ण जीवाणु एवं विषाणु जनित बीमारियों का अध्ययन कर रहा है। विकृति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने कहा कि 21 दिवसीय पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों से 40 व्याख्यान एवं 16 प्रायोगिक परीक्षण कराए जाएंगे।
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शीतकालीन पाठ्यक्रम में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल समेत 11 राज्यों के वैज्ञानिक और पशु चिकित्साधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. आरके सिंह ने कहा संस्थान में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा मिल रहा है। पशुओं में होने वाले रोगों की जांच के लिए एक विशेष पैनल भी बनाने की तैयारी है। संस्थान का विकृति विज्ञान विभाग महत्वपूर्ण जीवाणु एवं विषाणु जनित बीमारियों का अध्ययन कर रहा है। विकृति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने कहा कि 21 दिवसीय पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों से 40 व्याख्यान एवं 16 प्रायोगिक परीक्षण कराए जाएंगे।
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