{"_id":"5d506fa48ebc3e6c9a25dc99","slug":"ivri-bareilly-news-bly372103762","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईवीआरआई ओवरब्रिज 3.30 करोड़ से पूरा होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईवीआरआई ओवरब्रिज 3.30 करोड़ से पूरा होगा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। आईवीआरआई ओवरब्रिज के अधूरे काम को पूरा कराने के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। करीब 3.30 करोड़ के कामों के लिए तीन फर्मों ने टेंडर डाले हैं। पुराने ठेकेदार के अधूरा काम छोड़ने के बाद से करीब आठ माह से यह काम बंद पड़ा है। ओवरब्रिज का काम पूरा न होने से पब्लिक को लंबे वक्त से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सेतु निगम इस ओवरब्रिज के अपने हिस्से का काम काफी पहले ही खत्म कर चुका है। जबकि क्रासिंग के ऊपर रेलवे हिस्से में आने वाले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने में लगातार देरी हो रही है। रेलवे ने पहले जिस ठेकेदार को काम दिया था, उसने काम पूरा नहीं किया। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कांट्रेक्ट ने काम नहीं किया है। जबकि ठेकेदार का कहना है कि रेलवे के इंजीनियरों ने ही डिजाइन गलत तैयार किया था। अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इधर, रेलवे ने अधूरे काम को पूरा कराने की कवायद शुरू कर दी है। करीब सवा तीन करोड़ के अधूरे काम पूरे कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बताते हैं कि रेलवे के अधिकारियों ने ओवरब्रिज के लिए करीब सात करोड़ से गार्डर पहले ही बनवा लिए हैं। बकाया कामों के टेंडर होने से निर्माण कार्य शीघ्र होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
सेतु निगम इस ओवरब्रिज के अपने हिस्से का काम काफी पहले ही खत्म कर चुका है। जबकि क्रासिंग के ऊपर रेलवे हिस्से में आने वाले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने में लगातार देरी हो रही है। रेलवे ने पहले जिस ठेकेदार को काम दिया था, उसने काम पूरा नहीं किया। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कांट्रेक्ट ने काम नहीं किया है। जबकि ठेकेदार का कहना है कि रेलवे के इंजीनियरों ने ही डिजाइन गलत तैयार किया था। अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इधर, रेलवे ने अधूरे काम को पूरा कराने की कवायद शुरू कर दी है। करीब सवा तीन करोड़ के अधूरे काम पूरे कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बताते हैं कि रेलवे के अधिकारियों ने ओवरब्रिज के लिए करीब सात करोड़ से गार्डर पहले ही बनवा लिए हैं। बकाया कामों के टेंडर होने से निर्माण कार्य शीघ्र होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
विज्ञापन