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मारामारी हो या धक्कामुक्की.. दिवाली पर घर तो जाना ही है
बरेली।
Updated Wed, 18 Oct 2017 01:53 AM IST
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यात्री
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दिवाली पर घर जा रहे लोगों की भीड़ के चलते ट्रेनों में पैर रखने भर की जगह के लिए जबर्दस्त मारामारी और धक्कामुक्की चल रही है। भीड़ इस कदर है कि जनरल बोगियों का तो हाल खराब है ही, महीनों पहले आरक्षण कराने वाले यात्री भी सुविधाजनक ढंग से सफर नहीं कर पा रहे हैं। आरक्षित बोगियां भी अनारक्षित यात्रियों से ठसाठस भरी दिखाई दे रही हैं। मंगलवार को ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ इस कदर थी कि आरपीएफ का स्क्वाड भी उसे संभालने में नाकाम साबित होता नजर आया।
बरेली जंक्शन से होकर बिहार, पंजाब, लखनऊ और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों पर यात्रियों का ज्यादा दबाव दिखाई दिया। यूं तो लंबी दूरी की ट्रेनों में करीब दो महीने पहले से ही नो रूम हो गया था। अन्य ट्रेनों में लंबी वेटिंग थी, मगर अब त्योहार पर कोई भी घर जाने का मौका छोड़ने को तैयार नहीं है लिहाजा तमाम यात्री जोखिम उठाकर भी ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। मंगलवार को बरेली जंक्शन से गुजरने वाली सभी ट्रेनें ठसाठस भरी दिखाई दीं। एसी बोगियों में जरूर यात्रियों का दबाव कम है। मुख्य टिकट निरीक्षक एके शुक्ला के मुताबिक यात्री ट्रेनों में टीटीई स्टाफ को सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। आरक्षित बोगियों में बगैर रिजर्वेशन सवार होने वाले यात्रियों के कोच में ही टिकट बनाए जा रहे हैं। त्योहार के मद्देनजर यात्रियों से बहुत सख्ती नहीं की जा रही है।
यात्रियों से दुर्व्यवहार न करे रेलवे पुलिस
त्योहारों के मौके पर ट्रेनों में बेतहाशा भीड़ को देखते हुए रेल मंडल कार्यालयों से रेलवे पुलिस के लिए यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार रखने के निर्देश जारी हुए हैं। रेलवे पुलिस को कहा गया है कि यात्रियों को कोई जोखिम न उठाने दिया जाए, लेकिन उनसे बदसलूकी भी न की जाए।
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पायदान पर नहीं बैठेंगे यात्री
आरपीएफ थाना प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि त्योहार के मद्देनजर कड़ी निगरानी की जा रही है। खिड़की पर लटककर और दरवाजों के पायदान पर बैठकर चलने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उन्हें समझाकर सुरक्षित यात्रा करने के लिए कहा जा रहा है।
बरेली जंक्शन से होकर बिहार, पंजाब, लखनऊ और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों पर यात्रियों का ज्यादा दबाव दिखाई दिया। यूं तो लंबी दूरी की ट्रेनों में करीब दो महीने पहले से ही नो रूम हो गया था। अन्य ट्रेनों में लंबी वेटिंग थी, मगर अब त्योहार पर कोई भी घर जाने का मौका छोड़ने को तैयार नहीं है लिहाजा तमाम यात्री जोखिम उठाकर भी ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। मंगलवार को बरेली जंक्शन से गुजरने वाली सभी ट्रेनें ठसाठस भरी दिखाई दीं। एसी बोगियों में जरूर यात्रियों का दबाव कम है। मुख्य टिकट निरीक्षक एके शुक्ला के मुताबिक यात्री ट्रेनों में टीटीई स्टाफ को सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। आरक्षित बोगियों में बगैर रिजर्वेशन सवार होने वाले यात्रियों के कोच में ही टिकट बनाए जा रहे हैं। त्योहार के मद्देनजर यात्रियों से बहुत सख्ती नहीं की जा रही है।
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यात्रियों से दुर्व्यवहार न करे रेलवे पुलिस
त्योहारों के मौके पर ट्रेनों में बेतहाशा भीड़ को देखते हुए रेल मंडल कार्यालयों से रेलवे पुलिस के लिए यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार रखने के निर्देश जारी हुए हैं। रेलवे पुलिस को कहा गया है कि यात्रियों को कोई जोखिम न उठाने दिया जाए, लेकिन उनसे बदसलूकी भी न की जाए।
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पायदान पर नहीं बैठेंगे यात्री
आरपीएफ थाना प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि त्योहार के मद्देनजर कड़ी निगरानी की जा रही है। खिड़की पर लटककर और दरवाजों के पायदान पर बैठकर चलने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उन्हें समझाकर सुरक्षित यात्रा करने के लिए कहा जा रहा है।