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Bareilly: महिला अस्पताल में कैसे लगी आग? जांच के बाद डीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, फिर होगी कार्रवाई

Sat, 02 Dec 2023 02:25 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 02 Dec 2023 02:25 PM IST
सार

महिला अस्पताल में आग लगने के मामले में जांच के बाद डीएम को आख्या सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई तय होगी। वहीं विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने लोक निर्माण विभाग से एसएनसीयू के भवन निर्माण संबंधी अभिलेख मांग लिए हैं।

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Investigation report of Mahila Hospital fire case will be submitted to DM
अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के महिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के विस्तृत कारण जानने के लिए अब वहां विद्युतीकरण के समय तय शर्तों को भी खंगाला जा रहा है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने लोक निर्माण विभाग से एसएनसीयू के भवन निर्माण संबंधी अभिलेख मांग लिए हैं। इनका परीक्षण करके देखा जाएगा विद्युतीकरण में तय मानकों का उल्लंघन करके कहां लापरवाही की गई। जांच के बाद डीएम को आख्या सौंपी जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई तय होगी।

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अस्पताल परिसर में एसएनसीयू के भवन का निर्माण वर्ष 2016-2017 में हुआ था। विद्युत सुरक्षा निदेशालय निर्माण के समय विद्युतीकरण के लिए हुए टेंडर की शर्तों में यह देख रहा है कि जिस मानक के तार का प्रावधान वायरिंग के लिए किया गया था, उस मानक के तार इस्तेमाल हुए या नहीं। मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (एमसीबी) के मामले में भी यही जांच होगी। क्योंकि प्रारंभिक जांच में एमसीबी बॉक्स खराब मिला है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन इलेक्टि्रक सिस्टम ओके होने का दावा करता रहा। 
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इधर, मंगलवार को शॉर्ट सर्किट होने पर मासूम की जान गई तब अफसर चेते लेकिन दोषियों को चिह्नित करने के स्थान पर अपना बचाव करने में लगे हैं। वहीं डीएम के निर्देश पर जांच में जुटे विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अधिकारी घटना के कारणों की पड़ताल में लगे हैं। अधिकारियों ने सीएमएस और लोक निर्माण विभाग से देर शाम भी अभिलेख लिए। जांच शनिवार तक पूरी होने की उम्मीद है। आख्या डीएम के पास भेजी जाएगी।  

रेफर किए गए बच्चे फिलहाल स्वस्थ
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक बुधवार को एसएनसीयू में भर्ती पांच बच्चों को बदायूं मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। इनमें से दो स्वस्थ हो गए हैं। तीन अभी भर्ती हैं। वहीं, सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती तीन बच्चों में एक डिस्चार्ज हो गया है, दो भर्ती हैं। इधर, एसएनसीयू में भर्ती न करने की सूचना के बाद सीएचसी, यूपीएचसी से भी कोई नवजात अभी हायर सेंटर रेफर नहीं हो रहा।

साक्ष्य के लिए फोटो और वीडियो बनाए
घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने फोटो खींचीं और वीडियो बनाए। एसएनसीयू में जिन स्थानों पर शार्ट सर्किट हुआ था, उन स्थानों के चित्र विशेष रूप से लिए गए। एमसीबी बॉक्स का भी फोटो खींचा गया, ताकि कोई हेराफेरी न हो सके। 

एसीएमओ बोले: जांच टीम ने नहीं किया संपर्क
जांच टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. केसी जोशी ने बताया कि जांच कमेटी में उन्हें नामित किया गया है। हालांकि अभी टीम में शामिल पीडब्ल्यूडी, विद्युत सुरक्षा, हाइडिल के जांच अफसरों ने उनसे संपर्क नहीं किया। न ही कोई दस्तावेज उपलब्ध कराने का पत्र ही मिला है। लिहाजा, शुक्रवार को वे सीएमएस के पास पहुंचे। जांच के लिए टीम के पहुंचने पर सूचना देने को कहा है। सीएमएस के मुताबिक जब कमेटी गठित हुई थी, उसी दिन देर शाम टीम पहुंची थी। उसने विद्युत सुरक्षा संबंधी मुस्तैदी परखी। निर्माण, विद्युत सुरक्षा जो फाइल मांगी, उसे उपलब्ध कराया गया।

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