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Bareilly News: बरेली कॉलेज में अवैध वसूली पर परिसर में संचालित इंटरनेट कैफे बंद
Sun, 28 Jun 2026 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 28 Jun 2026 12:38 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अवैध वसूली और शुल्क धांधली का मामला सामने आया है। अब तक 1050 से अधिक प्रवेशार्थियों से न्यूनतम सौ रुपये से अधिक वसूले गए हैं। प्राचार्य ओपी राय ने शिकायतों के बाद कॉलेज परिसर में स्थित एक इंटरनेट कैफे को खाली करने का आदेश दिया है।
प्रवेश एजेंसी ने कम मेरिट वाले 115 छात्रों की फीस भी काट ली थी। एजेंसी ने अपनी गलती स्वीकार की है और फीस लौटाने का दावा कर रही है। छात्रों से फॉर्म भरने और फीस जमा करने के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा था। इंटरनेट कैफे फॉर्म भरने के लिए 200 रुपये लेते थे। जीएसटी के नाम पर 100 रुपये अलग से वसूले जाते थे। कई छात्रों को मिली रसीद पर वास्तविक भुगतान से कम राशि दर्ज थी। बीए की छात्रा ने बताया कि उससे 4500 रुपये लिए गए, पर रसीद 4046 रुपये की मिली। एक बीसीए छात्रा की फीस 5846 रुपये की जगह 5966 रुपये कटी। रसीद 5846 रुपये की ही मिली। अतिरिक्त राशि को जीएसटी बताया गया, पर यह रसीद पर दर्ज नहीं था।
पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लेते थे कैफे वाले
कॉलेज के आसपास के इंटरनेट कैफे पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लेते थे। कॉलेज परिसर के कैफे ने गलत मेरिट लिस्ट जारी होने पर छात्रों को बुलाया। उनसे ऑनलाइन फीस जमा कराकर वसूली की गई। यह कैफे दस साल से कॉलेज परिसर में संचालित था। छात्रों को भ्रमित करने और वसूली का उल्लेख नोटिस में किया गया।
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प्राचार्य ओपी राय ने अवैध वसूली की शिकायतों का संज्ञान लिया। उन्होंने शनिवार को कैफे की बिजली काट दी और खाली कराने का नोटिस जारी किया। प्राचार्य ने कैफे संचालक को दो दिन में कमरा खाली करने का आदेश दिया है, अन्यथा रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस मामले में एक जांच समिति बनाई गई है। यह समिति सोमवार को अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप सकती है।
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प्रवेश एजेंसी ने कम मेरिट वाले 115 छात्रों की फीस भी काट ली थी। एजेंसी ने अपनी गलती स्वीकार की है और फीस लौटाने का दावा कर रही है। छात्रों से फॉर्म भरने और फीस जमा करने के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा था। इंटरनेट कैफे फॉर्म भरने के लिए 200 रुपये लेते थे। जीएसटी के नाम पर 100 रुपये अलग से वसूले जाते थे। कई छात्रों को मिली रसीद पर वास्तविक भुगतान से कम राशि दर्ज थी। बीए की छात्रा ने बताया कि उससे 4500 रुपये लिए गए, पर रसीद 4046 रुपये की मिली। एक बीसीए छात्रा की फीस 5846 रुपये की जगह 5966 रुपये कटी। रसीद 5846 रुपये की ही मिली। अतिरिक्त राशि को जीएसटी बताया गया, पर यह रसीद पर दर्ज नहीं था।
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पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लेते थे कैफे वाले
कॉलेज के आसपास के इंटरनेट कैफे पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लेते थे। कॉलेज परिसर के कैफे ने गलत मेरिट लिस्ट जारी होने पर छात्रों को बुलाया। उनसे ऑनलाइन फीस जमा कराकर वसूली की गई। यह कैफे दस साल से कॉलेज परिसर में संचालित था। छात्रों को भ्रमित करने और वसूली का उल्लेख नोटिस में किया गया।
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प्राचार्य ओपी राय ने अवैध वसूली की शिकायतों का संज्ञान लिया। उन्होंने शनिवार को कैफे की बिजली काट दी और खाली कराने का नोटिस जारी किया। प्राचार्य ने कैफे संचालक को दो दिन में कमरा खाली करने का आदेश दिया है, अन्यथा रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस मामले में एक जांच समिति बनाई गई है। यह समिति सोमवार को अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप सकती है।