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इंस्पेक्टर ने दिया मानवता का परिचय: गश्त छोड़ गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल, वाहन न मिलने से रही थी तड़प
Sun, 14 Jan 2024 09:01 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 14 Jan 2024 09:01 PM IST
सार
बदायूं जिले में एक इंस्पेक्टर ने गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया है। इंस्पेक्टर की मदद से महिला का समय पर प्रसव हुआ, उसकी मुश्किलें दूर हुईं।
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इंस्पेक्टर ने गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस्लामनगर इंस्पेक्टर ने शनिवार रात मानवता का परिचय दिया। उन्होंने एक गर्भवती महिला को उस वक्त अस्पताल पहुंचाया, जब महिला दर्द से तड़प रही थी। उसके परिवार वालों को कोई सवारी नहीं मिल रही थी। इंस्पेक्टर की मदद से महिला का समय पर प्रसव हुआ, उसकी मुश्किलें दूर हुईं।
इस्लामनगर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह शनिवार देर रात इलाके में गश्त कर रहे थे। वह गश्त करते हुए कस्बे के मोहल्ला मुस्तफाबाद से होकर गुजर रहे थे। तभी उन्हें कुछ लोग सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। उन्होंने मामला संदिग्ध देखकर अपनी गाड़ी रुकवाई। उनसे जानकारी लेने पर पता चला कि मोहल्ले की शबनम पत्नी यासीन नौ माह की गर्भवती है। वह दर्द से परेशान है। उसे अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। यह सुनकर इंस्पेक्टर हैरान रह गए।
उन्होंने तुरंत परिवार वालों को बुलाया और कहा कि महिला को लेकर आओ और गाड़ी में बैठाओ। फिर क्या परिवार वाले महिला को ले आए। उसके बाद इंस्पेक्टर ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। इससे महिला का समय पर प्रसव हुआ और उसे ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। उसके अस्पताल पहुंचने पर परिवार वालों ने चैन की सांस ली।
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इस्लामनगर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह शनिवार देर रात इलाके में गश्त कर रहे थे। वह गश्त करते हुए कस्बे के मोहल्ला मुस्तफाबाद से होकर गुजर रहे थे। तभी उन्हें कुछ लोग सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। उन्होंने मामला संदिग्ध देखकर अपनी गाड़ी रुकवाई। उनसे जानकारी लेने पर पता चला कि मोहल्ले की शबनम पत्नी यासीन नौ माह की गर्भवती है। वह दर्द से परेशान है। उसे अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। यह सुनकर इंस्पेक्टर हैरान रह गए।
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उन्होंने तुरंत परिवार वालों को बुलाया और कहा कि महिला को लेकर आओ और गाड़ी में बैठाओ। फिर क्या परिवार वाले महिला को ले आए। उसके बाद इंस्पेक्टर ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। इससे महिला का समय पर प्रसव हुआ और उसे ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। उसके अस्पताल पहुंचने पर परिवार वालों ने चैन की सांस ली।
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