Bareilly: सद्दाम से फहम लॉन के मालिक का कितना था याराना, रंगदारी मामले में अब इंस्पेक्टर क्राइम करेंगे विवेचना
एक व्यक्ति ने प्लॉट कब्जाने की कोशिश और सद्दाम का डर दिखाकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की रिपोर्ट बारादरी थाने में कराई थी। इसमें फहम लॉन के मालिक आरिफ, उसके बेटे व मैनेजर आदि को आरोपी बनाया गया था। अब इस मामले की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम करेंगे।
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बरेली में फहम लॉन के मालिक, उसके बेटे और मैनेजर के खिलाफ सद्दाम की दोस्ती के दम पर रंगदारी मांगने के मामले में विवेचना बदल दी गई है। विवेचक पर उठ रही अंगुलियों के बाद आईजी ने नाराजगी जताई थी। सीओ तृतीय ने विवेचना दरोगा से हटाकर बारादरी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम को दे दी है।
पूर्व विधायक व माफिया अशरफ जब तक बरेली जिला जेल में बंद रहा, उसका साला सद्दाम शहर में रसूखदारों से दोस्ती कर प्रयागराज की काली कमाई को प्रॉपर्टी व दूसरे धंधों में लगाता रहा। ऐसे ही एक मामले में काशीनाथ नाम के शख्स ने प्लॉट कब्जाने की कोशिश और सद्दाम का डर दिखाकर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने की रिपोर्ट बारादरी थाने में कराई थी। इसमें फहम लॉन के मालिक आरिफ, उसके बेटे व मैनेजर आदि को आरोपी बनाया गया था।
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बताते हैं कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों ने थाने आकर पुलिस की चाय पी और आराम से चले गए। इसकी शिकायत के बाद आईजी ने सीओ तृतीय अनीता चौहान को निष्पक्ष विवेचना कराने का निर्देश दिया था। सीओ ने विवेचना दरोगा रामकिशन से हटाकर क्राइम इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। सीओ ने बताया कि मामला गंभीर था, इसलिए इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को विवेचना दी गई है।
बहनोई अशरफ से कराई थी शूटरों की मुलाकात
बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले सद्दाम ने बरेली में रहकर यहां जेल में बंद अपने बहनोई अशरफ को सहूलियतें पहुंचाई थीं। सद्दाम ने जेल कर्मियों से सांठगांठ कर जेल में ही अशरफ से शूटरों की मुलाकात कराई थी। इस प्रकरण में बिथरी चैनपुर थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद सद्दाम फरार हो गया था। एसटीएफ ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह बदायूं जेल में बंद है।