Bareilly News: भूमाफिया से सांठगांठ में इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, एसएसपी ने की बड़ी कार्रवाई
बरेली में निलंबित चकबंदी लेखपाल, प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर भूमाफिया गिरोह संचालित कर रहा है। उसकी बारादरी थाने के पुलिसकर्मियों से सांठगांठ सामने आई है। इस पर एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है।
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बरेली में जमीन पर कब्जा करने के मामले में भूमाफिया गिरोह से सांठगांठ के आरोप में बारादारी इंस्पेक्टर, चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी सिटी मानुष पारीक की जांच पर शनिवार रात को की है।
दरअसल, निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के खिलाफ बारादरी क्षेत्र के कई लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। आरोप है कि वह गिरोह के साथ मिलकर लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहा है। आरोप ये भी हैं कि इस काम में बारादरी इंस्पेक्टर सुनील कुमार, सेटेलाइट चौकी प्रभारी राजीव कुमार शर्मा व बारादरी थाने के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार सिंह भी उसकी मदद करते हैं। इसके चलते एसएसपी ने एसपी सिटी से जांच कराई। जांच में तीनों पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए गए।
यह है मामला
निलंबित चकबंदी लेखपाल, प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर बारादरी थाना क्षेत्र में भूमाफिया गिरोह संचालित कर रहा है। एक ही तरह के मामले संज्ञान में आने पर एसपी सिटी ने प्रारंभिक जांच कराई। आरोप सही पाए जाने पर बारादरी थाने में लेखपाल व उसके गुर्गों पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस मामले में बारादरी थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
आकाश पुरम निवासी इलयास ने बताया कि उन्होंने पत्नी के नाम पर वर्ष 2003 में 1742.44 वर्गमीटर जमीन खरीदी थी। निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल, अमित कुमार, अंकित त्रिपाठी और चंदन खां उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों ने नवाबगंज की रेनू से बैनामा कराया है। रेनू ने पैतृक संपत्ति दर्शाकर फर्जी बैनामा किया है, जबकि इलयास की जमीन पर बीडीए से अनुमति है। आरोप है कि कब्जाधारी इलयास की हत्या की फिराक में हैं।
दूसरे मामले में नवादा शेखान की नुसरत ने बताया कि उनका 250.83 वर्गमीटर का भूखंड नवादा शेखान में है। इस पर चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल, दीपक कुमार और सुनील कुमार कब्जा करना चाह रहे हैं। अदालत ने इन लोगों को व्यवधान डालने से रोकने के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी वे निर्माण रोक रहे हैं। एसपी सिटी के निर्देश पर बारादरी थाने में दोनों मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
गिरोह में प्रॉपर्टी डीलर और महिलाएं भी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन के भूमाफिया गिरोह में प्रॉपर्टी डीलर और अनुसूचित जाति की कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। ये गिरोह ऐसी महंगी जमीन तलाश करता है, जिनके मालिकों की मौत हो चुकी हो। फिर ये लोग ठेले-खोमचे वाले सामान्य लोगों को उसका वारिस बनाकर खड़ा कर देते हैं। जरूरत के हिसाब से लेखपाल फर्जी वारिसान तैयार कराने में मदद करता है। कई बार ये लोग संबंधित थाना पुलिस से भी सेटिंग कर लेते हैं और पुलिस को मौके पर बुलाकर फर्जी मुकदमा तक लिखवा देते हैं।
एक महिला ने किए पांच बैनामे, गवाह और क्रेता भी समान
पुलिस के मुताबिक लेखपाल के साथी अपनी ओर से वारिस खड़ा करके मामूली दाम पर इन भूखंडों के सौदे अपने ही दूसरे साथियों के नाम करा देते हैं। जमीन के असली मालिक को जब तक हकीकत का पता लगता है, वह तीसरा पक्ष बनकर रह जाता है। असली मालिक कोर्ट के चक्कर लगाते रहते हैं और भूमाफिया गिरोह पुलिस व प्रशासन की मदद से जमीन पर कब्जा पा जाता है। ऐसी ही एक महिला को पुलिस ने ट्रेस किया है, जिसने जमीन से कोई मतलब न होने के बाद भी पांच बैनामे कर दिए। जमीन खरीदने वाला शख्स किसी दूसरे मुकदमे में गवाह होता है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि निलंबित चकबंदी लेखपाल की मदद से भूमाफिया गिरोह ने कई संपत्तियों पर कब्जा किया है। गिरोह के बारे में जानकारी मिली है। कई और मामले सामने आ सकते हैं। प्रशासन की मदद से गिरोह पर कार्रवाई की जाएगी। जिन पुलिसकर्मियों की संलिप्तता मिलेगी, उन पर भी कार्रवाई होगी।