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गुलरिहा घाट की नीलामी को लेकर हंगामा
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निघासन। मोहना नदी पर गुलरिहा घाट की नीलामी को लेकर एक समिति ने बोली बोलने से मना करते हुए तहसील में हंगामा शुरू कर दिया। नीलामी अधिकारी नायब तहसीलदार ने नीलामी स्थगित करते हुए शुक्रवार तक का समय दिया है।
भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना नदी में गुलरिहा घाट पर नौका संचालन के लिए घाट की बोली होती है। बीते 17 जुलाई को घाट की बोली होनी थी। कई समितियों ने बोली बोलने के लिए धनराशि जमा किया था। एसडीएम ओपी गुप्ता के अवकाश पर होने के कारण नायब तहसीलदार लालकृष्ण पटेल ने बोली की तारीख बढ़ाते हुए 24 जुलाई कर दी थी। नायब तहसीलदार निर्धारित समय पर बोली बोलने के लिए समितियों को बुलाया था। चार समितियों में मझरा पूरब और लुधौरी की समितियां नहीं आई। दो समितियां मत्स्य जीवी सहकारिता समिति गंगानगर और नाविक एवं मत्स्य पालन कल्याण समिति डांगा के लोग मौजूद थे। नायब तहसीलदार ने दोनों समितियों से बोली बोलने के लिए कहा। इस पर मत्स्य जीवी समिति के अध्यक्ष जुगनू निषाद ने अन्य समितियों को नीलामी में शामिल न करने की बात कह हंगामा काटना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद जब वह नीलामी में भाग लेने की बात नहीं मानें तब नायब तहसीलदार ने नीलामी की तारीख बढ़ाते हुए उनको शांत किया। डांगा की समिति अध्यक्ष ने बताया कि नियमानुसार चार नंबर पर नाव संचालन और मछली पालन का अधिकार उनके जीवों में लिखा गया है। गंगानगर समिति ने मत्स्य पालन वालों को बिना बोली के 10 फीसदी अधिक धनराशि जमा कर घाट देने की बात कही। नायब तहसीलदार ने कहा कि दोनों समितियों की नियमावली पढ़ने के बाद निर्णय लेंगे।
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भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना नदी में गुलरिहा घाट पर नौका संचालन के लिए घाट की बोली होती है। बीते 17 जुलाई को घाट की बोली होनी थी। कई समितियों ने बोली बोलने के लिए धनराशि जमा किया था। एसडीएम ओपी गुप्ता के अवकाश पर होने के कारण नायब तहसीलदार लालकृष्ण पटेल ने बोली की तारीख बढ़ाते हुए 24 जुलाई कर दी थी। नायब तहसीलदार निर्धारित समय पर बोली बोलने के लिए समितियों को बुलाया था। चार समितियों में मझरा पूरब और लुधौरी की समितियां नहीं आई। दो समितियां मत्स्य जीवी सहकारिता समिति गंगानगर और नाविक एवं मत्स्य पालन कल्याण समिति डांगा के लोग मौजूद थे। नायब तहसीलदार ने दोनों समितियों से बोली बोलने के लिए कहा। इस पर मत्स्य जीवी समिति के अध्यक्ष जुगनू निषाद ने अन्य समितियों को नीलामी में शामिल न करने की बात कह हंगामा काटना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद जब वह नीलामी में भाग लेने की बात नहीं मानें तब नायब तहसीलदार ने नीलामी की तारीख बढ़ाते हुए उनको शांत किया। डांगा की समिति अध्यक्ष ने बताया कि नियमानुसार चार नंबर पर नाव संचालन और मछली पालन का अधिकार उनके जीवों में लिखा गया है। गंगानगर समिति ने मत्स्य पालन वालों को बिना बोली के 10 फीसदी अधिक धनराशि जमा कर घाट देने की बात कही। नायब तहसीलदार ने कहा कि दोनों समितियों की नियमावली पढ़ने के बाद निर्णय लेंगे।
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