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Bareilly News: किसानों के लिए स्वरोजगार की राह खोलेगा इंक्यूबेशन सेंटर
Sun, 27 Apr 2025 01:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 27 Apr 2025 01:40 AM IST
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बरेली। कॉमन इंक्यूबेशन सेंटर से किसानों के लिए स्वरोजगार की राह खुलेगी। सेंटर में आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसके संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन से अनुमति मिलते ही बेरोजगार और किसान भी उद्यमी बन सकेंगे।
खाद्य क्षेत्र में बढ़ रही रोजगार की संभावनाओं और युवाओं के रुझान को देखते हुए वर्ष 2020 में प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी थी। 3.27 करोड़ रुपये से डेलापीर चौराहे के पास राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में स्थित उद्यान विभाग की सात हजार वर्गमीटर भूमि पर वर्ष 2023 में निर्माण शुरू हुआ। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र के मुताबिक, निर्माण पूरा होने के बाद अब उपकरण स्थापित हो रहे हैं। संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अनुमति के लिए फाइल शासन को भेजी गई है।
टमाटर, दूध, बेकरी की प्रोसेसिंग लाइन, टेस्टिंग लैब बनेंगी
इंक्यूबेशन सेंटर में दूध और उससे निर्मित होने वाले खोआ, पनीर, दही, मिठाई, रबड़ी की प्रोसेसिंग लाइन बनेंगी। टमाटर में टोमैटो सॉस व प्यूरी बनाने और बेकरी में कुकीज और टोस्ट बनाने की प्रोसेसिंग लाइन होंगी। करीब एक करोड़ की लागत से भवन तैयार हुआ है। 1.86 करोड़ रुपये के उपकरण लगेंगे। 25 लाख रुपये की लागत से फूड टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएगी।
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दूध, टमाटर न बिके तो बनवा लीजिए मनपसंद उत्पाद
सब्जी मंडी में अक्सर माल की बिक्री न होने पर किसानों उसे फेंक देते हैं या बेहद कम कीमत पर बेच देते हैं। यही हाल दूध का भी है। ऐसी स्थिति में इंक्यूबेशन सेंटर किसानों और दूधियों के लिए मददगार साबित होगा। यहां टमाटर, दूध के उत्पाद बनवाकर बाजार में बेच सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से निर्धारित प्रसंस्करण शुल्क का भुगतान करना होगा।
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खाद्य क्षेत्र में बढ़ रही रोजगार की संभावनाओं और युवाओं के रुझान को देखते हुए वर्ष 2020 में प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी थी। 3.27 करोड़ रुपये से डेलापीर चौराहे के पास राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में स्थित उद्यान विभाग की सात हजार वर्गमीटर भूमि पर वर्ष 2023 में निर्माण शुरू हुआ। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र के मुताबिक, निर्माण पूरा होने के बाद अब उपकरण स्थापित हो रहे हैं। संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अनुमति के लिए फाइल शासन को भेजी गई है।
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टमाटर, दूध, बेकरी की प्रोसेसिंग लाइन, टेस्टिंग लैब बनेंगी
इंक्यूबेशन सेंटर में दूध और उससे निर्मित होने वाले खोआ, पनीर, दही, मिठाई, रबड़ी की प्रोसेसिंग लाइन बनेंगी। टमाटर में टोमैटो सॉस व प्यूरी बनाने और बेकरी में कुकीज और टोस्ट बनाने की प्रोसेसिंग लाइन होंगी। करीब एक करोड़ की लागत से भवन तैयार हुआ है। 1.86 करोड़ रुपये के उपकरण लगेंगे। 25 लाख रुपये की लागत से फूड टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएगी।
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दूध, टमाटर न बिके तो बनवा लीजिए मनपसंद उत्पाद
सब्जी मंडी में अक्सर माल की बिक्री न होने पर किसानों उसे फेंक देते हैं या बेहद कम कीमत पर बेच देते हैं। यही हाल दूध का भी है। ऐसी स्थिति में इंक्यूबेशन सेंटर किसानों और दूधियों के लिए मददगार साबित होगा। यहां टमाटर, दूध के उत्पाद बनवाकर बाजार में बेच सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से निर्धारित प्रसंस्करण शुल्क का भुगतान करना होगा।