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Bareilly News: सेवाभाव के जुनून में एनएसएस के प्रति बढ़ रहा रुझान
Fri, 29 Dec 2023 02:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 29 Dec 2023 02:23 AM IST
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बरेली। महाविद्यालयों मेें पढ़ने वाले युवाओं का रुझान राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की ओर लगातार बढ़ रहा है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में 27,300 स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। इससे युवाओं को सरकार की सामुदायिक सेवा गतिविधियों व कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। इसके प्रमाणपत्र से अंक भी मिलते हैं, जो किसी विषय में प्रवेश लेने में सहायक होते हैं।
रुविवि में एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सोमपाल सिंह ने बताया कि योजना के माध्यम से स्वयंसेवक सामुदायिक सेवा व राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प चुनते हैं। इसलिए पढ़ाई के साथ छात्र इससे जुड़ने में खासा रुचि दिखा रहे हैं। विवि से संबद्ध 587 कॉलेजों में से 168 में एनएसएस की इकाइयां चल रही हैं।
एनएसएस में वर्ष 2020-21 में 25,750 विद्यार्थी और 2021-22 में 26,650 छात्र-छात्राएं जुड़े। वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा बढ़कर 27,300 हो गया है। स्वयंसेवक सभी सामान्य गतिविधियों में भाग लेते हैं। सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक के रूप में मोहित और संजना को राष्ट्रपति सम्मानित कर चुके हैं। दो साल में 240 घंटे और सात दिवसीय शिविर करने वाले को प्रमाणपत्र दिया जाता है। अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर स्वयंसेवकों काे 10 अंकों की छूट मिलती है।
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प्रो. सोमपाल के मुताबिक, छात्रों ने बड़े स्तर पर कोविड काल में सहयोग किया था। जन जागरूकता कार्यक्रमों और शिविरों में भी स्वयंसेवक बढ़कर भाग लेते हैं। स्वयंसेवक के रूप में छात्रों को एक कुशल सामाजिक नेता, कुशल प्रशासक व मानव स्वभाव को समझने वाला व्यक्ति बनाता है। स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना प्राथमिक उद्देश्य है। ''सेवा के माध्यम से शिक्षा’ एनएसएस का उद्देश्य है।
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रुविवि में एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सोमपाल सिंह ने बताया कि योजना के माध्यम से स्वयंसेवक सामुदायिक सेवा व राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प चुनते हैं। इसलिए पढ़ाई के साथ छात्र इससे जुड़ने में खासा रुचि दिखा रहे हैं। विवि से संबद्ध 587 कॉलेजों में से 168 में एनएसएस की इकाइयां चल रही हैं।
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एनएसएस में वर्ष 2020-21 में 25,750 विद्यार्थी और 2021-22 में 26,650 छात्र-छात्राएं जुड़े। वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा बढ़कर 27,300 हो गया है। स्वयंसेवक सभी सामान्य गतिविधियों में भाग लेते हैं। सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक के रूप में मोहित और संजना को राष्ट्रपति सम्मानित कर चुके हैं। दो साल में 240 घंटे और सात दिवसीय शिविर करने वाले को प्रमाणपत्र दिया जाता है। अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर स्वयंसेवकों काे 10 अंकों की छूट मिलती है।
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प्रो. सोमपाल के मुताबिक, छात्रों ने बड़े स्तर पर कोविड काल में सहयोग किया था। जन जागरूकता कार्यक्रमों और शिविरों में भी स्वयंसेवक बढ़कर भाग लेते हैं। स्वयंसेवक के रूप में छात्रों को एक कुशल सामाजिक नेता, कुशल प्रशासक व मानव स्वभाव को समझने वाला व्यक्ति बनाता है। स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना प्राथमिक उद्देश्य है। ''सेवा के माध्यम से शिक्षा’ एनएसएस का उद्देश्य है।