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Bareilly News: सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के इंतजाम अधूरे

Tue, 07 Jul 2026 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 02:16 AM IST
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Inadequate fire-fighting arrangements in government hospitals.
बरेली। निजी अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था की पड़ताल में जुटे स्वास्थ्य विभाग के ही अस्पतालों में आधी-अधूरी व्यवस्थाएं हैं। महिला अस्पताल के पास एनओसी नहीं है तो तीन सौ बेड अस्पताल में एनओसी नवीनीकरण फंस गया है। शासन से बजट मांगा गया है।
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महिला अस्पताल के एसएनसीयू परिसर में करीब तीन साल पहले शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। भर्ती बच्चों को रेफर के दौरान एक नवजात की सांसें बदायूं मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले रास्ते में ही थम गई थीं। प्रकरण की जांच में पता चला कि एमसीएच विंग की डिजाइन गलत बन गई है।
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इलेक्ट्रिक पैनल और मेन बोर्ड बाथरूम के पास है। नमी स्थान होने से भविष्य में भी शॉट सर्किट की आशंका जताई थी। साथ ही, नई डिजाइन के लिए लखनऊ पीडब्ल्यूडी से संपर्क के लिए कहा गया था। सुझाव मुख्यालय भेजा गया पर अब तक न डिजाइन मिली न ही बजट।
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सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक, मेन बोर्ड शिफ्ट कराया गया। वायरिंग और अग्निशमन के खराब उपकरण दुरुस्त करा लिए गए हैं। इलेक्ट्रिशियन भी तैनात हैं। सुझाव के अनुसार व्यवस्था न होने से एनओसी नहीं मिली। हालांकि, स्टाफ अग्निशमन में प्रशिक्षित है।

अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली ठप, तीसरी
मंजिल तक नहीं पहुंच रहा वाटर प्रेशर
तीन सौ बेड अस्पताल में अग्निशमन की व्यवस्था धड़ाम है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निरीक्षण में अस्पताल में अग्निशामक यंत्र, हौजरील प्रणाली, वेटराइजर, ऑटो स्मोक डिटेक्टर, अलार्म प्रणाली और मैनुअल फायर अलार्म सिस्टम अकार्यशील मिले। 1.50 लाख लीटर क्षमता का भूमिगत टैंक है पर उसका डीजल पंप, इलेक्ट्रिक पंप, जॉकी पंप निष्क्रिय मिले। यार्ड हाइड्रेंट प्रणाली भी अकार्यशील मिला। तीन सौ बेड अस्पताल का ओवरहेड टैंक भवन के प्रथम ब्लॉक के द्वितीय तल पर बना दिया गया है। इससे तीसरे तल पर हाइड्रेंट लाइन में वाटर प्रेशर नहीं मिलने की पुष्टि हुई। ओवरहेड टैंक तीसरे तल पर स्थापित करने का सुझाव दिया। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद मुख्य अग्निमशन अधिकारी ने सीएमओ को पत्र भेजकर सुरक्षा मानक पूरे कर एनओसी लेने को कहा। हालांकि, अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ।

सुस्त पड़ी निजी अस्पतालों में मुस्तैदी परखने की मुहिम
लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर निजी अस्पतालों में अग्निमशन संबंधी मानकों की पड़ताल शुरू हुई। टीम गठित हुई और पांच दिन तक अस्पतालों का निरीक्षण कर बेसमेंट में चल रहे अस्पताल, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू सील किए गए। इधर, सप्ताह भर से अभियान ठप है। नोडल डॉ. अमित कुमार ने जल्द ही निरीक्षण शुरू होने और खामियों पर कार्रवाई की बात कही है।


वर्जन
तीन सौ बेड अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था संबंधी जो सुझाव दिए गए हैं, उसके लिए सीएमओ के जरिये मुख्यालय को पत्र भेजकर बजट मांगा गया है। अभी अस्पताल में ओपीडी चल रही है लेकिन मरीज भर्ती नहीं हो रहे। - डॉ. इंतजार हुसैन, सीएमएस
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