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Bareilly News: एक साल में साई स्टेडियम के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर झटके 31 पदक
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बरेली। कैंट स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र (साई स्टेडियम) प्रतिभाओं को तराशने का सशक्त केंद्र बनकर सामने आया है। यहां एथलेटिक्स, हॉकी और सेपक टाकरा के खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीते एक साल में यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर 31 पदक अपने नाम किए। सबसे ज्यादा पदक सेपक टाकरा में आए हैं।
सेपक टाकरा की प्रशिक्षक मीना कुमारी बताती हैं कि खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के भी प्रयास किए जाते हैं। इससे उनके प्रदर्शन में निखार आता है।इस खेल से जुड़े 30 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए हैं। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वर्ष 2024 से यहां प्रशिक्षण ले रहे एथलेटिक्स के पांच खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। इसमें एकमात्र खिलाड़ी अशुवेंद्र प्रताप सिंह ने छह से 10 अप्रैल तक पटना, बिहार में आयोजित 68वें स्कूल नेशनल में हैमर थ्रो स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा नहीं है। हालांकि, ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स के लिए रनवे आदि की व्यवस्था है। इसमें भाला फेंक, चक्क फेंक, डिस्कस थ्रो आदि खेल खेले जा सकते हैं।
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हॉकी में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कोशिश की। नौ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, लेकिन किसी को भी पदक हासिल नहीं हो सका। स्टेडियम में हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ की सुविधा जरूर है, लेकिन वह जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मैदान पर गड्ढे बन गए हैं। साई केंद्र प्रभारी गायत्री देवी कन्नौजिया के मुताबिक टर्फ की खराब स्थिति को लेकर नियमित रूप से पत्र भेजे जाते रहे हैं। टीम आती है, निरीक्षण करके चली जाती है। अब तक सुधार नहीं हो सका है। संवाद
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सेपक टाकरा की प्रशिक्षक मीना कुमारी बताती हैं कि खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के भी प्रयास किए जाते हैं। इससे उनके प्रदर्शन में निखार आता है।इस खेल से जुड़े 30 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए हैं। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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वर्ष 2024 से यहां प्रशिक्षण ले रहे एथलेटिक्स के पांच खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। इसमें एकमात्र खिलाड़ी अशुवेंद्र प्रताप सिंह ने छह से 10 अप्रैल तक पटना, बिहार में आयोजित 68वें स्कूल नेशनल में हैमर थ्रो स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा नहीं है। हालांकि, ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स के लिए रनवे आदि की व्यवस्था है। इसमें भाला फेंक, चक्क फेंक, डिस्कस थ्रो आदि खेल खेले जा सकते हैं।
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हॉकी में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कोशिश की। नौ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, लेकिन किसी को भी पदक हासिल नहीं हो सका। स्टेडियम में हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ की सुविधा जरूर है, लेकिन वह जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मैदान पर गड्ढे बन गए हैं। साई केंद्र प्रभारी गायत्री देवी कन्नौजिया के मुताबिक टर्फ की खराब स्थिति को लेकर नियमित रूप से पत्र भेजे जाते रहे हैं। टीम आती है, निरीक्षण करके चली जाती है। अब तक सुधार नहीं हो सका है। संवाद