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Bareilly News: रखरखाव दरकिनार, हर साल बढ़ रहा ट्रांसफार्मर फुंकने का औसत
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बरेली। विद्युत निगम ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों की मरम्मत व रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च करता है। इसके बाद भी प्रबंधन खराब होने से ट्रांसफार्मरों के फुंकने का औसत हर साल बढ़ रहा है। कहीं ट्रांसफार्मरों के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं तो कहीं झाड़ियों के बीच ट्रांसफार्मर नजर ही नहीं आ रहे।
शहरी क्षेत्र के चार खंडों में बिजली आपूर्ति के लिए 22 हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर हैं। मई-जून में इनके फुंकने और क्षतिग्रस्त होने का औसत 15 फीसदी तक पहुंच गया था। हालांकि, मानसून आने के बाद इसमें कुछ कमी आई है। वर्ष 2021-22 में ट्रांसफार्मर फुंकने और क्षतिग्रस्त होने का औसत 11-12 फीसदी था जो 2022-23 में बढ़कर 13-14 फीसदी तक पहुंच गया। वर्ष 2023-24 में यह औसत 15-16 फीसदी तक पहुंच गया है।
विकास भवन और महारानी अबंतीबाई महिला महाविद्यालय के बीच रखा ट्रांसफार्मर झाड़ियों में गुम हो गया है। कालीबाड़ी में रखे ट्रांसफार्मर की फेंसिंग टूट गई है। बालजती स्कूल के पास और सिंधुनगर कॉलोनी के पास रखे ट्रांसफार्मरों का भी यही हाल है। गंगापुर, सैलानी और कटरा चांद खां में भी प्रबंधन ठीक नहीं है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं कम नहीं हो रहीं। झाड़ियों की साफ-सफाई के लिए अभियान भी चलाया गया, पर वह बेअसर रहा। इस वजह से हादसे भी हो रहे हैं। गनीमत रही कि अब तक इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई है। संवाद
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ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग ठीक कराने और झाड़ियां साफ कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मई-जून में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने या फुंकने का औसत ज्यादा था, जो अब कम हो गया है। पिछले साल के मुकाबले यह कुछ बढ़ा है। सुधार के काम लगातार कराए जा रहे हैं। - अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता
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शहरी क्षेत्र के चार खंडों में बिजली आपूर्ति के लिए 22 हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर हैं। मई-जून में इनके फुंकने और क्षतिग्रस्त होने का औसत 15 फीसदी तक पहुंच गया था। हालांकि, मानसून आने के बाद इसमें कुछ कमी आई है। वर्ष 2021-22 में ट्रांसफार्मर फुंकने और क्षतिग्रस्त होने का औसत 11-12 फीसदी था जो 2022-23 में बढ़कर 13-14 फीसदी तक पहुंच गया। वर्ष 2023-24 में यह औसत 15-16 फीसदी तक पहुंच गया है।
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विकास भवन और महारानी अबंतीबाई महिला महाविद्यालय के बीच रखा ट्रांसफार्मर झाड़ियों में गुम हो गया है। कालीबाड़ी में रखे ट्रांसफार्मर की फेंसिंग टूट गई है। बालजती स्कूल के पास और सिंधुनगर कॉलोनी के पास रखे ट्रांसफार्मरों का भी यही हाल है। गंगापुर, सैलानी और कटरा चांद खां में भी प्रबंधन ठीक नहीं है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं कम नहीं हो रहीं। झाड़ियों की साफ-सफाई के लिए अभियान भी चलाया गया, पर वह बेअसर रहा। इस वजह से हादसे भी हो रहे हैं। गनीमत रही कि अब तक इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई है। संवाद
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ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग ठीक कराने और झाड़ियां साफ कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मई-जून में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने या फुंकने का औसत ज्यादा था, जो अब कम हो गया है। पिछले साल के मुकाबले यह कुछ बढ़ा है। सुधार के काम लगातार कराए जा रहे हैं। - अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता