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Bareilly News: दलाल के जरिए निजी अस्पताल पहुंचे मरीज तो होगी कार्रवाई, निगरानी शुरू
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एडी हेल्थ ने बरेली मंडल में जांच के लिए गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
बरेली। सरकारी अस्पताल के बाहर सक्रिय दलालाें की बदौलत निजी अस्पताल मालामाल हो रहे हैं। जो मरीज को झांसा देकर निजी अस्पताल और पैथोलॉजी भेज रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद एडी हेल्थ ने बरेली मंडल में सघन जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
एडी हेल्थ डॉ. साधना अग्रवाल ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के सीएमओ को पत्र जारी कर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ बैठक के निर्देश दिए हैं। ताकि अपंजीकृत अस्पताल के दलालों की सक्रियता को कम करने में सहयोग मिले। कहा है कि सरकारी अस्पतालों के गेट के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस और परामर्श के बाद वापस लौटने वाले मरीजों की भी निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देश के अनुसार निजी अस्पतालों की जांच में जो अस्पताल, डॉक्टर दलाली के खेल में मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टीम की जांच कुछ दिन तक ही सीमित नहीं रहेगी। बल्कि प्रत्येक माह की 25 तारीख तक टीम की ओर से चिन्हित अस्पतालों की सूची देनी होगी।
सरकारी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर होते हैं मरीज
नियमानुसार सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को हायर सेंटर ही रेफर किया जा सकता है। कमेटी सरकारी अस्पताल से रेफर हुए और निजी अस्पताल में भर्ती हुए मरीज का निरीक्षण करेगी। उनसे निजी अस्पताल क्यों और कैसे पहुंचे, जानकारियां लेगी। साथ ही, सरकारी समेत निजी एंबुलेंस चालकों पर भी नजर रखी जाएगी। किन्हीं भी परिस्थितियों में अगर मरीज निजी अस्पताल भेजा जाएगा तो कार्रवाई तय है।
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सीएमओ ने सरकारी अस्पताल में इलाज की अपील
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बृहस्पतिवार को पत्र जारी कर लोगों से दलालों के जरिए निजी अस्पताल में इलाज न कराने की अपील की है। कहा है कि तबियत खराब होने पर पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराएं। हायर सेंटर रेफर करने पर भी इलाज निशुल्क होता है। एडी हेल्थ ने निर्देश दिए हैं कि एचपीआर, एचएफआर से पंजीकृत चिकित्सक की ओर से रेफरल मरीज ही निजी अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। ब्यूरो
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बरेली। सरकारी अस्पताल के बाहर सक्रिय दलालाें की बदौलत निजी अस्पताल मालामाल हो रहे हैं। जो मरीज को झांसा देकर निजी अस्पताल और पैथोलॉजी भेज रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद एडी हेल्थ ने बरेली मंडल में सघन जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
एडी हेल्थ डॉ. साधना अग्रवाल ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के सीएमओ को पत्र जारी कर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ बैठक के निर्देश दिए हैं। ताकि अपंजीकृत अस्पताल के दलालों की सक्रियता को कम करने में सहयोग मिले। कहा है कि सरकारी अस्पतालों के गेट के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस और परामर्श के बाद वापस लौटने वाले मरीजों की भी निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देश के अनुसार निजी अस्पतालों की जांच में जो अस्पताल, डॉक्टर दलाली के खेल में मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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टीम की जांच कुछ दिन तक ही सीमित नहीं रहेगी। बल्कि प्रत्येक माह की 25 तारीख तक टीम की ओर से चिन्हित अस्पतालों की सूची देनी होगी।
सरकारी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर होते हैं मरीज
नियमानुसार सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को हायर सेंटर ही रेफर किया जा सकता है। कमेटी सरकारी अस्पताल से रेफर हुए और निजी अस्पताल में भर्ती हुए मरीज का निरीक्षण करेगी। उनसे निजी अस्पताल क्यों और कैसे पहुंचे, जानकारियां लेगी। साथ ही, सरकारी समेत निजी एंबुलेंस चालकों पर भी नजर रखी जाएगी। किन्हीं भी परिस्थितियों में अगर मरीज निजी अस्पताल भेजा जाएगा तो कार्रवाई तय है।
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सीएमओ ने सरकारी अस्पताल में इलाज की अपील
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बृहस्पतिवार को पत्र जारी कर लोगों से दलालों के जरिए निजी अस्पताल में इलाज न कराने की अपील की है। कहा है कि तबियत खराब होने पर पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराएं। हायर सेंटर रेफर करने पर भी इलाज निशुल्क होता है। एडी हेल्थ ने निर्देश दिए हैं कि एचपीआर, एचएफआर से पंजीकृत चिकित्सक की ओर से रेफरल मरीज ही निजी अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। ब्यूरो