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Bareilly News: कैसे बढ़ें उद्योग...न सुधर रही बिजली व्यवस्था, न सुलझ रहा सराय एक्ट का पेच

Mon, 19 Aug 2024 05:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 05:39 AM IST
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How to grow the industry... Neither the electricity system is improving nor the problem of Sarai Act is being solved.
भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान को नहीं मिल सका डेडिकेटेड फीडर, मुख्य सचिव के सामने उठाया था विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा
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बरेली। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के सामने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार व उपेक्षा का काला चिट्ठा खोलने वाले उद्यमियों की समस्याओं की लंबी फेहरिस्त है। कई स्तर पर आवाज उठाने पर भी समस्या का स्थाई समाधान न होने का आरोप है। उद्यमियों के अनुसार करीब आठ वर्ष बाद होटल को पर्यटन उद्योग का दर्जा देने की मांग तो पूरी हुई पर सराय एक्ट समेत पर्यटन विभाग में पंजीकरण का पेच फंस गया। इधर, औद्योगिक आस्थानों में बिजली ट्रिपिंग और फाॅल्ट की समस्या थम नहीं रही। जो उद्योगों के धरातल पर उतरने में अड़चन हैं।
भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान के अध्यक्ष अजय शुक्ला के मुताबिक उद्योगों को बिजली आपूर्ति के नाम पर स्वतंत्र यानी डेडिकेटेड फीडर लगा दिया है, पर इससे आस्थान के बाहर भी कनेक्शन बांट दिए गए हैं। कई बार उन्होंने यह शिकायत जिला और मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से उद्योग में उत्पादन प्रभावित होता है। फीडर की एमआरआई भी अब तक नहीं हुई है। टीएमपी भी नहीं लगाई है। इसके चलते फाॅल्ट होने पर कई घंटे बिजली गायब रहती है।
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ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या से परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान के उद्यमी भी जूझ रहे हैं। बारिश या आंधी की स्थिति में दो से तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। जो माल तैयार हो रहा होता है वह बर्बाद हो जाता है। उन्होंने बिजली आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
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नियमों से पहले बने थे 55 होटल, एनओसी का संकट
होटल, गेस्ट हाउस, पंजीकरण प्रक्रिया में सराय एक्ट 1967 के तहत विभागीय एनओसी न मिलने से होटल संचालक परेशान हैं। तर्क है कि 70 फीसदी भवन ऐसे हैं जो बीडीए, अग्निमशन के नियमों के पहले बने हैं। होटेलियर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना के मुताबिक पुराने भवन में हौज स्प्रिंकलर, टैंक आदि निर्माण मुमकिन नहीं। बीडीए के नए नियम से नक्शा स्वीकृत होने की बाध्यता है। छोटे-बड़े सौ से ज्यादा होटलों में 70 होटलों का पंजीकरण नहीं होने का अनुमान जताया।

नगर निगम भेज रहा कई गुना बिल, टोल भी महंगा
कारोबारियों का कहना है कि पर्यटन उद्योग का दर्जा उन्हीं होटलों को मिलेगा जो सराय एक्ट समेत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होंगे। दोनों की एक समान प्रक्रिया है, लेकिन नए नियम से पंजीकरण की अड़चन है। इधर, नगर निगम ने होटलों से कूड़ा उठान, लाइसेंस शुल्क, गृहकर बिल कोई कई गुना बढ़ाकर भेज रहा है। अमर उजाला ब्यूरो

टोल की महंगी दरें भी समस्या
भोजीपुरा रोड स्थित टोल प्लाजा की दर एनएचएआई के टोल से महंगी होने पर भी उद्यमी आक्रोशित हैं। जिले स्तर पर बैठकों में मुद्दा उठ चुका है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कोई कार्रवाई नहीं होती। उद्यमियों का कहना है कि टोल की कई लेन बंद होने से जाम की स्थिति भी रहती है। ट्रकों के आवागमन में काफी वक्त लगने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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