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Bareilly News: बीमार बना रही गर्म हवा, बचाव ही सबसे बेहतर दवा
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रविवार दिन में मौसम काफी गर्म रहा - अमर उजाला
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बरेली। गर्म हवा लोगों को बीमार बना रही है। अस्पतालों में डायरिया, डिहाइड्रेशन आदि के मरीज पहुंचने लगे हैं। रविवार को आरोग्य मेला में भी पेट संबंधी और बुखार के 500 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। उन्हें दवा देने के साथ ही गर्मी से बचाव के उपाय भी बताए गए हैं। सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस और संबंधित दवाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक फिलहाल लू का प्रकोप नहीं है। हवा में कम होती नमी और बढ़ती गर्माहट लोगों को बीमार बना रही है। वायुमंडल का तापमान जैसे ही हमारे शरीर के तापमान से ज्यादा होता है, शारीरिक क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं। सप्ताहभर तक लगातार तापमान सामान्य से अधिक बने रहने से त्वचा, आंख संबंधी रोग और मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। मौसम विज्ञान के अनुसार यदि पांच दिन तक अधिकतम तापमान अगर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज हो तो लू माना जाता है। सामान्य तौर पर मानव शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है।
पिछले तीन दिन से तापमान 39 डिग्री दर्ज हो रहा है। ऐसी स्थिति में अनदेखी भारी पड़ने लगी है। लोगों को तेज धूप से बचने, पानी का सेवन अधिक करने को कहा है।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर मुस्तैदी के निर्देश
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। इसमें ओआरएस, आईवी तरल पदार्थ, जीवनरक्षक दवाएं, आइस पैक की व्यवस्था, जरूरत पड़ने पर आरआरटी के जरिये मरीजों के बारे में जानकारी करने, हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर प्रोटोकॉल के तहत मुख्यालय को सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
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बच्चे हो रहे बेहाल, बढ़ती जा रही कतार
गर्म मौसम की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र के मुताबिक बच्चों की रोग प्रतिरोधक समेत तापमान सहने की क्षमता कम होती है। इससे त्वचा और आंख संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं। ओपीडी में पहुंच रहे ज्यादातर बच्चे खुजली, दाद समेत आंखों के लाल होने, पानी निकलने समेत पेट में दर्द, ऐंठन से पीड़ित हैं।
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तेज धूप होने पर बरतें सावधानी
- ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- सिर ढंकने के लिए टोपी, कपड़े या छाता का प्रयोग करें।
- दोपहर 12 से तीन बजे तक ठंडे स्थान पर रहें।
- प्यास न महसूस हो, तब भी पानी पीते रहें। छाछ, नींबू पानी का सेवन करें।
- अचानक गर्मी से बेहाल व्यक्ति को एस्पिरिन या पैरासिटामॉल न दें।
- चिकित्सकीय परामर्श के लिए मरीज को पास के अस्पताल ले जाएं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक फिलहाल लू का प्रकोप नहीं है। हवा में कम होती नमी और बढ़ती गर्माहट लोगों को बीमार बना रही है। वायुमंडल का तापमान जैसे ही हमारे शरीर के तापमान से ज्यादा होता है, शारीरिक क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं। सप्ताहभर तक लगातार तापमान सामान्य से अधिक बने रहने से त्वचा, आंख संबंधी रोग और मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। मौसम विज्ञान के अनुसार यदि पांच दिन तक अधिकतम तापमान अगर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज हो तो लू माना जाता है। सामान्य तौर पर मानव शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है।
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पिछले तीन दिन से तापमान 39 डिग्री दर्ज हो रहा है। ऐसी स्थिति में अनदेखी भारी पड़ने लगी है। लोगों को तेज धूप से बचने, पानी का सेवन अधिक करने को कहा है।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर मुस्तैदी के निर्देश
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। इसमें ओआरएस, आईवी तरल पदार्थ, जीवनरक्षक दवाएं, आइस पैक की व्यवस्था, जरूरत पड़ने पर आरआरटी के जरिये मरीजों के बारे में जानकारी करने, हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर प्रोटोकॉल के तहत मुख्यालय को सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
बच्चे हो रहे बेहाल, बढ़ती जा रही कतार
गर्म मौसम की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र के मुताबिक बच्चों की रोग प्रतिरोधक समेत तापमान सहने की क्षमता कम होती है। इससे त्वचा और आंख संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं। ओपीडी में पहुंच रहे ज्यादातर बच्चे खुजली, दाद समेत आंखों के लाल होने, पानी निकलने समेत पेट में दर्द, ऐंठन से पीड़ित हैं।
तेज धूप होने पर बरतें सावधानी
- ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- सिर ढंकने के लिए टोपी, कपड़े या छाता का प्रयोग करें।
- दोपहर 12 से तीन बजे तक ठंडे स्थान पर रहें।
- प्यास न महसूस हो, तब भी पानी पीते रहें। छाछ, नींबू पानी का सेवन करें।
- अचानक गर्मी से बेहाल व्यक्ति को एस्पिरिन या पैरासिटामॉल न दें।
- चिकित्सकीय परामर्श के लिए मरीज को पास के अस्पताल ले जाएं।