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बदहाल लखनऊ-दिल्ली हाईवे- साहब परेशान! हाईवे के खड्डों में न समा जाएं 6 करोड़
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बदहाल लखनऊ-दिल्ली हाईवे- साहब परेशान! हाईवे के खड्डों में न समा जाएं 6 करोड़
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बरेली-सीतापुर फोरलेन मरम्मत के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद जानलेवा बना हुआ है। लगातार दरकते और धंसते फोरलेन पर जगह-जगह पर मौत के खड्डे बन गए हैं। आए दिन हादसों में एक के बाद एक जान जा रही है। ऐसे में एनएचएआई इस हाईवे पर छह करोड़ और ठिकाने लगाने की कोशिश में जुटा हुआ है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इसका संज्ञान लेते हुए एनएचएआई के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि हाईवे को ठीक करने के लिए मरम्मत के छिटपुट काम न कराए जाएं बल्कि नए सिरे से पूरी स्थिति का आंकलन कर उसके आधार पर मंत्रालय से बजट की डिमांड की जाय।
साल भर पहले इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी इस प्रोजेक्ट को आधा-अधूरा छोड़कर भाग चुकी है। इसके बाद से एनएचएआई ने इस फोरलेन को उसके हाल पर छोड़ दिया। पिछली बारिश से ये फोरलेन लगातार टूट और धंस रहा है। फरीदपुर बाईपास रोड पर डरावने खड्डे और गहरी-गहरी दरारों के पास से गुजरते वाहन हादसों का बन रहे हैं। हाल ही में यहां उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे और अल्मोड़ा के आयकर अधिकारी समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। हाईवे का पूरा काम कराने के लिए करीब 830 करोड़ रुपये का टेंडर होना है लेकिन इससे पहले मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खपाए जा चुके हैं। यह सिलसिला अब भी रुकने में नहीं आ रहा है। एनएचएआई ने पिछले साल एक कंपनी को 7.5 करोड़ रुपये से हाईवे को रिपेयर कराने का ठेका दिया था। यह रकम पूरी खर्च हो गई, लेकिन हाईवे की हालत बद से बदतर होती चली गई।
हाईवे के गड्ढे भरने के नाम पर बस रेत की बोरियां डाली जाती रही। इस साल भी हाईवे को ठीक कराने के लिए एक कंपनी को फिर से करीब छह करोड़ का ठेका दिया गया है। कुछ जगहों पर हाईवे पर गड्ढे भरे गए हैं, जो बारिश से फिर से उधड़ना शुरू हो गए हैं। खस्ताहाल हाईवे पर आए दिन हो रहे हादसों को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एनएचएआई के पीडी एनपी सिंह से बात की है। कमिश्नर ने एनएचएआई अफसरों से कहा है कि छोटे-मोटे कामों से हाईवे की दशा नहीं सुधरने वाली। इसलिए फिर से सर्वे कराकर ब्लैक स्पॉट चिह्नित करें और तत्काल सुधार के काम शुरू कराएं। एनएचएआई की टीम इसका सर्वे करने में लग गई है।
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‘हाईवे की स्थिति को देखते हुए दोबारा सर्वे कराने के लिए कहा है। कई जगहों पर काफी खतरनाक स्थिति है। वहां जल्द से जल्द मरम्मत के काम होने चाहिए। इस संबंध में एनएचएआई अफसरों को निर्देशित कर दिया है।’
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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साल भर पहले इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी इस प्रोजेक्ट को आधा-अधूरा छोड़कर भाग चुकी है। इसके बाद से एनएचएआई ने इस फोरलेन को उसके हाल पर छोड़ दिया। पिछली बारिश से ये फोरलेन लगातार टूट और धंस रहा है। फरीदपुर बाईपास रोड पर डरावने खड्डे और गहरी-गहरी दरारों के पास से गुजरते वाहन हादसों का बन रहे हैं। हाल ही में यहां उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे और अल्मोड़ा के आयकर अधिकारी समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। हाईवे का पूरा काम कराने के लिए करीब 830 करोड़ रुपये का टेंडर होना है लेकिन इससे पहले मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खपाए जा चुके हैं। यह सिलसिला अब भी रुकने में नहीं आ रहा है। एनएचएआई ने पिछले साल एक कंपनी को 7.5 करोड़ रुपये से हाईवे को रिपेयर कराने का ठेका दिया था। यह रकम पूरी खर्च हो गई, लेकिन हाईवे की हालत बद से बदतर होती चली गई।
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हाईवे के गड्ढे भरने के नाम पर बस रेत की बोरियां डाली जाती रही। इस साल भी हाईवे को ठीक कराने के लिए एक कंपनी को फिर से करीब छह करोड़ का ठेका दिया गया है। कुछ जगहों पर हाईवे पर गड्ढे भरे गए हैं, जो बारिश से फिर से उधड़ना शुरू हो गए हैं। खस्ताहाल हाईवे पर आए दिन हो रहे हादसों को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एनएचएआई के पीडी एनपी सिंह से बात की है। कमिश्नर ने एनएचएआई अफसरों से कहा है कि छोटे-मोटे कामों से हाईवे की दशा नहीं सुधरने वाली। इसलिए फिर से सर्वे कराकर ब्लैक स्पॉट चिह्नित करें और तत्काल सुधार के काम शुरू कराएं। एनएचएआई की टीम इसका सर्वे करने में लग गई है।
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‘हाईवे की स्थिति को देखते हुए दोबारा सर्वे कराने के लिए कहा है। कई जगहों पर काफी खतरनाक स्थिति है। वहां जल्द से जल्द मरम्मत के काम होने चाहिए। इस संबंध में एनएचएआई अफसरों को निर्देशित कर दिया है।’
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर