UP: करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी अमर ज्योति कंपनी के निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक, मैनेजर भी गया हाईकोर्ट
अमर ज्योति कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य, उसके भाई सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित व अन्य के खिलाफ बदायूं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन पर निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश देती रही, लेकिन आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए।
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अमर ज्योति यूनिवर्स लिमिटेड कंपनी के निदेशकों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जबकि मैनेजर अमित की ओर से एफआईआर निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कंपनी के निदेशक बदायूं जिले के हजारों लोगों के करोड़ों रुपये हड़पकर भागे हुए हैं। इससे निवेशकों में आक्रोश है। बुधवार को एसएसपी से अधिवक्ता मिले और 67 अन्य पीड़ितों की सूची सौंपी।
अमर ज्योति यूनिवर्स लिमिटेड के निदेशक बरेली के कटरा चांद खां निवासी पूर्व भाजपा नेता सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य, मैनेजर अमित व अन्य के खिलाफ शहर के असद ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश देती रही, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। पुलिस की लचर कार्रवाई की वजह से आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए। वहां उन्होंने शपथ पत्र दाखिल करने के लिए फोटो खिंचवाई। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में दाखिल हुए।
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मंगलवार को हाईकोर्ट के कमरा नंबर 64 में सुनवाई हुई। पीड़ित असद के अधिवक्ता अजमल फारुखी पेश हुए, उन्होंने दस्तावेजों का अभाव बताते हुए कोर्ट से समय मांगा। इसके बाद आरोपियों के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी पर रोक की मांग की तो तीसरी एफआईआर करने वाले बदायूं के अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार के अधिवक्ता मावेंद्र सिंह चौहान ने गिरफ्तारी का विरोध किया। अखबारों में छपी खबरों को दिखाया, साथ ही ठगी का मामला हजारों लोगों से जुड़ा होना बताया।
मैनेजर ने बुधवार को दाखिल की याचिका
हाईकोर्ट ने जुलाई तक आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अगली तारीख दो जुलाई को दी है। हालांकि तीन अन्य मामलों में अभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके अलावा मैनेजर अमित ने भी बुधवार को हाईकोर्ट में अधिवक्ता शहनवाज अख्तर के माध्यम से याचिका दाखिल कर एफआईआर को रद्द करने की मांग की है।
आरोपियों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित अधिवक्ता सदर विधायक के साथ बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद सिंह परमार ने एसएसपी को पत्र देते हुए कहा कि 67 और लोगों को कंपनी ने ठगा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से दर्ज कराए मुकदमे में इन सभी को विवेचना में शामिल किया जाए।
जिले में किसी अधिवक्ता ने नहीं की पैरवी
कंपनी के निदेशक, एजेंट और मैनेजर पर दर्ज हुई एफआईआर में जिलास्तर पर किसी अधिवक्ता ने कोर्ट में पैरवी नहीं की। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसको लेकर कुछ दिन पहले आह्वान किया था। अब इसका असर दिख रहा है।
पैरवी के लिए एसपी सिटी को भेजेंगे पत्र
निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक के बाद बुधवार को अधिवक्ताओं ने एसपी सिटी विजयेंद्र से मुलाकात कर सरकारी अधिवक्ता से पैरवी कराने की मांग की। इस पर एसपी सिटी ने पत्र भेजने की बात कही है।
एसपी सिटी विजेंद्र दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट से निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक होने की जानकारी मेरे पास नहीं आई है। सदर विधायक व अधिवक्ता आए थे। उन्होंने विवेचना में शामिल करने के लिए पीड़ितों की विवरण दिया है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।
जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि मंगलवार को हाईकोर्ट में तारीख थी। वहां वादी के अधिवक्ता ने समय मांगा था। इस पर कोर्ट ने निदेशक शशिकांत और सूर्यकांत की गिरफ्तारी पर जुलाई तक रोक लगाई है। दो जुलाई को होने वाली सुनवाई में सभी दस्तावेजों को रखा जाएगा। मजबूती से मुकदमा लड़ा जाएगा।