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एड्स से ज्यादा खतरनाक है हेपटाइटिस बी और सी
बरेली
Updated Sun, 15 Mar 2015 12:59 AM IST
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हेपटाइटिस बी और सी एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है। इसके बचाव का एकमात्र तरीका है टीका। इसलिए अपने खून की जांच कराएं और रिपोर्ट निगेटिव आने पर तुरंत वैक्सीन लगवाएं। सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के प्रो. अनिल अरोरा ने बताया कि इसके वायरस बहुत अधिक हानिकारक हैं। जब इसे अपने अनुकूल माहौल मिलता है तो प्रहार करता है। यह इतना घातक होता है कि एक सप्ताह के अंदर मरीज की मौत हो जाती है।
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डॉ. अरोरा ने बताया कि उनके पास एक मामले में एक लड़की को हेपटाइटिस बी तब पता चला जब व रक्तदान करने गई। उसके दोस्त के साथ संबंथ थे। बाद में उसके दोस्त ने रिलेशन तोड़ लिया। आजकल युवा अनसेफ सेक्स में आगे हैं। लिव इन रिलेशनशिप भी इनमें से एक है लेकिन उन्होंने यह नहीं पता कि एचआईवी और एड्स ही नहीं बल्कि हेपटाइटिस बी और सी भी इससे फैलता है। साथ ही टैटू बनवाना भी घातक है। भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है जिन्हें हेपटाइटिस बी है। इसलिए जांच कराएं और वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन जीवन में तीन बार लगाई जाती है जो 50 रुपये की है। इसके बाद जीवन भर आपको इस बीमारी का डर नहीं। वहीं हेपेटाइटिस सी का तो कोई वैक्सीन ही नहीं है। हेपटाइटिस बी के लक्षण पैराें में सूजन, पेट में पानी, खून की उल्टी, काली शौच है।
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