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अभी फिलहाल थैलेसीमिया के मरीजाें को नहीं मिलेगी राहत
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सीएमओ-सीएमएस कार्यालय के अफसर कुछ दिन खेलेंगे चिट्टी-चिट्ठी का खेल
दवाओं के टेंडर को हरी झंडी तो दे दी, फिर कहा कि खरीदने से पहले जैम पोर्टल देख लें
बरेली। थैलेसीमिया के मरीजों ने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर दवा न मिलने पर हंगामा किया था। इस पर सीएमओ ने टेंडर को हरी झंडी देते हुए दवाएं मंगाने का आर्डर तो दे दिया, लेकिन फिलहाल मरीजों को राहत मिलने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दिख रही, क्योंकि अब अफसर आर्डर को लेकर कुछ दिन आपस में चिट्टी-चिट्ठी का खेल खेलेंगे।
सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बुधवार को दवाओं का आर्डर देने संबंधी पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए, साथ ही यह भी कह दिया कि दवाएं खरीदने से पहले एक बार जैम पोर्टल चेक कर लें। इस पर सीएमएस कार्यालय का कहना है कि वह क्यों जैम पोर्टल देखें। सीएमओ कार्यालय ही दवाओं को जैम पोर्टल पर चेक करके उन्हें दवाएं खरीदने के लिए आदेशित करे। वह तो टेंडर में चयनित दवा कंपनियाें को केवल सप्लाई करने का आर्डर देंगे।
नियमत: किसी भी दवा के आर्डर देने से पहले जैम पोर्टल चेक किया जाता, उसके बाद ही दवाआें का आर्डर टेंडर के माध्यम से किसी अन्य कंपनी को दिया जाता है। बता दें कि छह माह से थैलेसीमिया के मरीज दवा को भटक रहे हैं। यहां बता दें कि पिछले छह महीने में दो बार टेंडर प्रक्रिया को इसी तरह छोटी-छोटी कमियां निकालकर रद्द किया जाता रहा है।
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सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्हाेंने टेंडर में पास दोनों कंपनियों से दवा खरीदने को कहा है। सरकारी आदेश भी है कि जैम पोर्टल से खरीदारी की जाएगी, इसलिए जैम पोर्टल पर भी देखने के निर्देश दिए हैं।
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दवाओं के टेंडर को हरी झंडी तो दे दी, फिर कहा कि खरीदने से पहले जैम पोर्टल देख लें
बरेली। थैलेसीमिया के मरीजों ने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर दवा न मिलने पर हंगामा किया था। इस पर सीएमओ ने टेंडर को हरी झंडी देते हुए दवाएं मंगाने का आर्डर तो दे दिया, लेकिन फिलहाल मरीजों को राहत मिलने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दिख रही, क्योंकि अब अफसर आर्डर को लेकर कुछ दिन आपस में चिट्टी-चिट्ठी का खेल खेलेंगे।
सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बुधवार को दवाओं का आर्डर देने संबंधी पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए, साथ ही यह भी कह दिया कि दवाएं खरीदने से पहले एक बार जैम पोर्टल चेक कर लें। इस पर सीएमएस कार्यालय का कहना है कि वह क्यों जैम पोर्टल देखें। सीएमओ कार्यालय ही दवाओं को जैम पोर्टल पर चेक करके उन्हें दवाएं खरीदने के लिए आदेशित करे। वह तो टेंडर में चयनित दवा कंपनियाें को केवल सप्लाई करने का आर्डर देंगे।
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नियमत: किसी भी दवा के आर्डर देने से पहले जैम पोर्टल चेक किया जाता, उसके बाद ही दवाआें का आर्डर टेंडर के माध्यम से किसी अन्य कंपनी को दिया जाता है। बता दें कि छह माह से थैलेसीमिया के मरीज दवा को भटक रहे हैं। यहां बता दें कि पिछले छह महीने में दो बार टेंडर प्रक्रिया को इसी तरह छोटी-छोटी कमियां निकालकर रद्द किया जाता रहा है।
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सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्हाेंने टेंडर में पास दोनों कंपनियों से दवा खरीदने को कहा है। सरकारी आदेश भी है कि जैम पोर्टल से खरीदारी की जाएगी, इसलिए जैम पोर्टल पर भी देखने के निर्देश दिए हैं।