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सर्दी ने बढ़ाई निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी
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डॉक्टर बोले, बदलते मौसम में बच्चों की देखभाल बहुत जरूरी
बरेली। बीते दो दिनों में अचानक बढ़ी सर्दी से निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या में एकाएक इजाफा हो गया है। सोमवार को बच्चा वार्ड में निमोनिया से पीड़ित पांच बच्चे भर्ती किए गए। इसके अलावा सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस के रोगियों की संख्या भी अधिक रही। ओपीडी में सोमवार को तीन हजार से अधिक मरीजों ने पहुंच कर उपचार लिया।
यहां बता दें कि बीते सप्ताह निमोनिया से ग्रसित बच्चों की संख्या शून्य हो गई थी। अब एक बार फिर बच्चे निमोनिया की चपेट में आने लगे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि बच्चों के प्रति लापरवाही बरती गई तो वे बीमार हो सकते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र ने बताया कि निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है। इन दिनों सर्दी लगने, फेफ ड़ों में चोट लगने के अलावा खसरा और चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों की आशंका भी बढ़ जाती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मौसम में बच्चों को जुकाम हो जाता है और फि र सांस की नली और फेफड़ों का इंफेक्शन हो जाता है। नमी की वजह से निमोनिया के बैक्टीरिया और वायरस को पनपने का मौका मिलता है। अस्पताल में आने वाले अधिकांश बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिल रहे हैं। सर्दी में बच्चों में निमोनिया के अलावा कोल्ड डायरिया भी देखने को मिल रहा है।
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ये हैं लक्षण
- बच्चों का बार-बार खांसना, अधिक समय तक खांसी रहना।
- सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।
- तेज-तेज और कम गहरी सांस खींचना।
- हंसली, (कालरबोन) से ऊपर पसलियों के बीच की त्वचा का बार-बार अंदर धंसना।
बरती जाने वाली सावधानियां
- कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बच्चों के हाथ बार-बार धोएं।
- घर में बच्चों की देखभाल के दौरान अपने हाथों की सफ ाई का ध्यान रखें।
- शिशु को पहले छह माह तक स्तनपान कराएं।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा कराएं।
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बरेली। बीते दो दिनों में अचानक बढ़ी सर्दी से निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या में एकाएक इजाफा हो गया है। सोमवार को बच्चा वार्ड में निमोनिया से पीड़ित पांच बच्चे भर्ती किए गए। इसके अलावा सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस के रोगियों की संख्या भी अधिक रही। ओपीडी में सोमवार को तीन हजार से अधिक मरीजों ने पहुंच कर उपचार लिया।
यहां बता दें कि बीते सप्ताह निमोनिया से ग्रसित बच्चों की संख्या शून्य हो गई थी। अब एक बार फिर बच्चे निमोनिया की चपेट में आने लगे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि बच्चों के प्रति लापरवाही बरती गई तो वे बीमार हो सकते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र ने बताया कि निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है। इन दिनों सर्दी लगने, फेफ ड़ों में चोट लगने के अलावा खसरा और चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों की आशंका भी बढ़ जाती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मौसम में बच्चों को जुकाम हो जाता है और फि र सांस की नली और फेफड़ों का इंफेक्शन हो जाता है। नमी की वजह से निमोनिया के बैक्टीरिया और वायरस को पनपने का मौका मिलता है। अस्पताल में आने वाले अधिकांश बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिल रहे हैं। सर्दी में बच्चों में निमोनिया के अलावा कोल्ड डायरिया भी देखने को मिल रहा है।
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ये हैं लक्षण
- बच्चों का बार-बार खांसना, अधिक समय तक खांसी रहना।
- सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।
- तेज-तेज और कम गहरी सांस खींचना।
- हंसली, (कालरबोन) से ऊपर पसलियों के बीच की त्वचा का बार-बार अंदर धंसना।
बरती जाने वाली सावधानियां
- कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बच्चों के हाथ बार-बार धोएं।
- घर में बच्चों की देखभाल के दौरान अपने हाथों की सफ ाई का ध्यान रखें।
- शिशु को पहले छह माह तक स्तनपान कराएं।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा कराएं।