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सात दिन भर्ती रखा, 10 हजार रह गईं प्लेटलेट्स तो कर दिया रेफर
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पीलीभीत जिला अस्पताल से रेफर होकर आई सात वर्षीय पिंकी
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बरेली। सीवियर एनीमिया से पीड़ित सात वर्षीय बच्ची को सात दिनों तक पीलीभीत के जिला अस्पताल में भर्ती रखा गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती ही चली गई। प्लेटलेट्स सिर्फ 10 हजार रह गईं तो सोमवार को गंभीर हालत में उसे बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया है। उसे एक यूनिट ब्लड के साथ ही प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गईं हैं।
पीलीभीत जिला अस्पताल से आए दिन मरीज रेफर होकर बरेली आते हैं, लेकिन मरीजाें को ऐसी हालत में रेफर किया जाता है, जब वे नाजुक स्थिति में पहुंच जाते हैं। सोमवार को पीलीभीत जिला अस्पताल से सात साल की पिंकी निवासी हर्रइया (बिलसंडा) को रेफर किया गया। वह सीवियर एनीमिया से पीड़ित है। उसका पीलीभीत जिला अस्पताल में एक सप्ताह से इलाज चल रहा था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उसकी हालत बिगड़ गई। प्लेटलेट्स घटकर सिर्फ 10 हजार रह गईं तो उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया गया। यहां जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया है। वार्ड इंचार्ज वेदीलाल ने बताया कि बच्ची का इलाज किया जा रहा है। उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया है। इसके अलावा उसे प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई हैं। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हो रहा है। पिता बलजीत ने बताया कि एक सप्ताह तक पीलीभीत जिला अस्पताल में उसका इलाज चला लेकिन हालत सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गई।
पीलीभीत जिला अस्पताल से आए दिन मरीज रेफर होकर बरेली आते हैं, लेकिन मरीजाें को ऐसी हालत में रेफर किया जाता है, जब वे नाजुक स्थिति में पहुंच जाते हैं। सोमवार को पीलीभीत जिला अस्पताल से सात साल की पिंकी निवासी हर्रइया (बिलसंडा) को रेफर किया गया। वह सीवियर एनीमिया से पीड़ित है। उसका पीलीभीत जिला अस्पताल में एक सप्ताह से इलाज चल रहा था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उसकी हालत बिगड़ गई। प्लेटलेट्स घटकर सिर्फ 10 हजार रह गईं तो उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया गया। यहां जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया है। वार्ड इंचार्ज वेदीलाल ने बताया कि बच्ची का इलाज किया जा रहा है। उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया है। इसके अलावा उसे प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई हैं। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हो रहा है। पिता बलजीत ने बताया कि एक सप्ताह तक पीलीभीत जिला अस्पताल में उसका इलाज चला लेकिन हालत सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गई।
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एनीमिया के लक्षण
शरीर में खून की कमी हो जाने को एनीमिया कहते हैं। शरीर में हीमोग्लोबिन एक ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा बताता है। पुरुषों में इसकी मात्रा 12 से 16 प्रतिशत और महिलाओं में 11 से 14 के बीच होनी चाहिए। एनीमिया गंभीर बीमारी है। डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक, त्वचा का सफेद दिखना, जीभ, नाखूनों और पलकों के अंदर सफेदी, कमजोरी, चक्कर आना, बेहोश होना, सांस फू लना, हृदयगति का तेज होना और चेहरे-पैरों पर सूजन दिखाई देना इसके लक्षण हैं।
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