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वाह रे सरकारी सिस्टम! मलेरिया के गंभीर मरीज को भी बना दिया फुटबाल
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बरेली। जिले मलेरिया का भीषण प्रकोप होने की वजह से हजारों लोगों की जान दांव पर लगी हुई है लेकिन फिर भी उन्हें कस्बों के सरकारी अस्पतालों और जिला अस्पताल के बीच फुटबाल बनाया जा रहा है। मझगवां के सरकारी अस्पताल में एक युवक में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद दवा देने के बजाय जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। दो घंटे इमरजेंसी के बाहर ही पड़े हुए बुखार में तपते रहने के बाद उसे घरवाले निजी डॉक्टर के पास ले गए।
बिशारतगंज में रहने वाले 20 वर्षीय सचिन हिमाचल प्रदेश में में नौकरी करता था। हाल ही में वहां से लौटे तो तेज बुखार आ गया। जांच कराने पर पता लगा कि मलेरिया है। घर वाले सचिन को मझगवां सीएचसी ले गए जहां मलेरिया की पुष्टि होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पिता श्रीराम का कहना है कि गंभीर हालत में सचिन को लेकर वह सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन मिन्नतें करने के बाद भी उनके बेटे को न दवा दी गई न भर्ती किया गया। तेज बुखार में वह दो घंटे तक इमरजेंसी के बाहर फर्श पर लेटा रहा। डॉक्टरों के चक्कर लगाने के बाद भी उसे भर्ती नहीं किया गया तो वह उसे निजी डॉक्टर के पास ले गए।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचारी रोगों के इलाज का सभी सीएचसी पर इंतजाम हैं। मझगवां सीएचसी पर जब उसके बुखार की जांच हो गई तो दवाएं भी देनी चाहिए थीं। मगर उसे यहां रेफर करके पल्ला झाड़ लिया गया। ऐसे तो यहां की सारी व्यवस्थाएं बाधित हो जाएंगी। इस बारे में सीएमओ को भी बताया है। - डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस
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बिशारतगंज में रहने वाले 20 वर्षीय सचिन हिमाचल प्रदेश में में नौकरी करता था। हाल ही में वहां से लौटे तो तेज बुखार आ गया। जांच कराने पर पता लगा कि मलेरिया है। घर वाले सचिन को मझगवां सीएचसी ले गए जहां मलेरिया की पुष्टि होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पिता श्रीराम का कहना है कि गंभीर हालत में सचिन को लेकर वह सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन मिन्नतें करने के बाद भी उनके बेटे को न दवा दी गई न भर्ती किया गया। तेज बुखार में वह दो घंटे तक इमरजेंसी के बाहर फर्श पर लेटा रहा। डॉक्टरों के चक्कर लगाने के बाद भी उसे भर्ती नहीं किया गया तो वह उसे निजी डॉक्टर के पास ले गए।
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मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचारी रोगों के इलाज का सभी सीएचसी पर इंतजाम हैं। मझगवां सीएचसी पर जब उसके बुखार की जांच हो गई तो दवाएं भी देनी चाहिए थीं। मगर उसे यहां रेफर करके पल्ला झाड़ लिया गया। ऐसे तो यहां की सारी व्यवस्थाएं बाधित हो जाएंगी। इस बारे में सीएमओ को भी बताया है। - डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस
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