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‘आशा वर्करों के सहयोग से मातृ और शिशु मृत्यु दर का घटा आंकड़ा’
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बरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बुधवार को संजय कम्युनिटी हॉल में आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें आशा वर्करों को उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मेयर डॉ. उमेश गौतम ने किया। उन्होंने आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग और समाज के बीच जन्म से लेकर मृत्यु तक के सहयोग को सराहा।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि अबकी बार 23 अगस्त को जन्माष्टमी की वजह से आशा सम्मेलन चार सितंबर को मनाया गया। उन्होंने आशा वर्करों को संबोधित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पत्र पढ़ा। इसमें मुख्यमंत्री ने राज्य में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम होने पर आशा वर्करों के प्रयास को सराहा है। इस दौरान स्टेट एंटोमोलॉजिस्ट डॉ. सुदेश कुमार ने आशा वर्करों को प्रत्येक हफ्ते के बुधवार और शनिवार गांव में सर्वे कर मलेरिया के मरीजों को चिह्नित करने, इलाज कराने में सहयोग प्रदान करने, एएनएम और आशा संगिनी तीनों को मलेरिया के मरीजों का फॉलोअप करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि जिन आशा वर्करों को मलेरिया के इलाज में बेहतर सहयोग मिलेगा उन्हें प्रथम कटेगरी में रखा जाएगा। इस अवसर पर आशा वर्करों ने मरीजों के सहयोग का संकल्प लिया। आयोजन में डीएमओ डॉ. सुधीर कुमार गर्ग, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह, डीसीपीएम जितेंद्र सिंह, अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर अकबर हुसैन, पीएस आनंद, राजीव सक्सेना, यूपीपीएससी अरुण कुमार पांडे व अन्य मौजूद रहे।
बेहतर काम का मिला इनाम
जिले के सभी ब्लॉकों में से बेहतर कार्य करने वाली 25 आशा वर्करों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें प्रथम पुरस्कार में पांच हजार रुपये, द्वितीय में दो हजार और तृतीय को एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला। इसके अलावा जिले की तीन आशा संगिनियाें को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मान से नवाजा गया। इसमें भोजीपुरा की चंद्रवती, रामनगर की कस्तूरी और फरीदपुर की अरुणा कुमारी हैं।
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सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि अबकी बार 23 अगस्त को जन्माष्टमी की वजह से आशा सम्मेलन चार सितंबर को मनाया गया। उन्होंने आशा वर्करों को संबोधित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पत्र पढ़ा। इसमें मुख्यमंत्री ने राज्य में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम होने पर आशा वर्करों के प्रयास को सराहा है। इस दौरान स्टेट एंटोमोलॉजिस्ट डॉ. सुदेश कुमार ने आशा वर्करों को प्रत्येक हफ्ते के बुधवार और शनिवार गांव में सर्वे कर मलेरिया के मरीजों को चिह्नित करने, इलाज कराने में सहयोग प्रदान करने, एएनएम और आशा संगिनी तीनों को मलेरिया के मरीजों का फॉलोअप करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि जिन आशा वर्करों को मलेरिया के इलाज में बेहतर सहयोग मिलेगा उन्हें प्रथम कटेगरी में रखा जाएगा। इस अवसर पर आशा वर्करों ने मरीजों के सहयोग का संकल्प लिया। आयोजन में डीएमओ डॉ. सुधीर कुमार गर्ग, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह, डीसीपीएम जितेंद्र सिंह, अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर अकबर हुसैन, पीएस आनंद, राजीव सक्सेना, यूपीपीएससी अरुण कुमार पांडे व अन्य मौजूद रहे।
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बेहतर काम का मिला इनाम
जिले के सभी ब्लॉकों में से बेहतर कार्य करने वाली 25 आशा वर्करों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें प्रथम पुरस्कार में पांच हजार रुपये, द्वितीय में दो हजार और तृतीय को एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला। इसके अलावा जिले की तीन आशा संगिनियाें को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मान से नवाजा गया। इसमें भोजीपुरा की चंद्रवती, रामनगर की कस्तूरी और फरीदपुर की अरुणा कुमारी हैं।
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