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शादी करके फंस गया...: जिंदगी में कई गलतियां की, पर इस बार बड़ी गलती हुई; सुसाइड नोट लिख कांस्टेबल ने दी जान
Wed, 21 Jun 2023 10:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 21 Jun 2023 10:57 AM IST
सार
बरेली से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक हेड कांस्टेबल ने फंदा लगाकर जान दे दी। पारिवारिक न्यायालय का समन लेकर पहुंची पुलिस को शव लटका मिला। कांस्टेबल की वर्दी नहीं मिली है। साथ ही मोबाइल फोन नहीं खुला है।
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संजीव कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के सुभाषनगर के नेकपुर निवासी हेड कांस्टेबल संजीव कुमार ने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। पारिवारिक न्यायालय का रिकवरी वारंट लेकर पुलिस उनके घर पहुंची तो आत्महत्या का पता लगा। उनकी मौजूदा तैनाती को लेकर संशय है।
सुसाइड नोट में लिखा था कि वह शादी करके फंस गए हैं। अपनी मौत के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। संजीव कुमार (35) पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। उनकी शादी 2008 में शहर के दुर्गानगर निवासी मंजू से हुई थी। पत्नी से 12 साल से उनकी मुकदमेबाजी चल रही थी।
उनका एक बच्चा है जो पत्नी के पास है। कुछ समय से वह घर पर ही थे। एक कमरे में माता-पिता और दूसरे में खुद रहते थे। पत्नी ने भरण-पोषण भत्ते को लेकर जो दावा किया था, पारिवारिक कोर्ट से उसका रिकवरी वारंट लेकर मंगलवार सुबह दरोगा और सिपाही उनके घर पहुंचे थे।
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पुलिस के मुताबिक एक दिन पहले उनसे जब मोबाइल पर बात हुई तो उन्होंने रिश्तेदारी में होना बताया था और मंगलवार सुबह घर पर मिलने को कहा था। पिता ने गेट खटखटाया तो नहीं खुला। मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव नहीं हुई तो पुलिस ने कूलर वाली खिड़की की दराज से अंदर देखा।
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सुसाइड नोट में लिखा था कि वह शादी करके फंस गए हैं। अपनी मौत के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। संजीव कुमार (35) पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। उनकी शादी 2008 में शहर के दुर्गानगर निवासी मंजू से हुई थी। पत्नी से 12 साल से उनकी मुकदमेबाजी चल रही थी।
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उनका एक बच्चा है जो पत्नी के पास है। कुछ समय से वह घर पर ही थे। एक कमरे में माता-पिता और दूसरे में खुद रहते थे। पत्नी ने भरण-पोषण भत्ते को लेकर जो दावा किया था, पारिवारिक कोर्ट से उसका रिकवरी वारंट लेकर मंगलवार सुबह दरोगा और सिपाही उनके घर पहुंचे थे।
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पुलिस के मुताबिक एक दिन पहले उनसे जब मोबाइल पर बात हुई तो उन्होंने रिश्तेदारी में होना बताया था और मंगलवार सुबह घर पर मिलने को कहा था। पिता ने गेट खटखटाया तो नहीं खुला। मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव नहीं हुई तो पुलिस ने कूलर वाली खिड़की की दराज से अंदर देखा।
बेड के ऊपर कुंडे से उनका शव लटका था। पुलिस ने गेट तोड़कर शव निकाला। बेड पर मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्होंने जीवन में कई गलतियां की हैं पर शादी करना उनकी बड़ी गलती थी। वह खुद अपनी मौत के जिम्मेदार हैं।
तैनाती स्थल को लेकर उलझी दो जिलों की पुलिस
शाहजहांपुर से आए संजीव के बहनोई राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर 1:5 बजे संजीव ने उन्हें कॉल की थी। वह फ्रेश हो रहे तो कॉल किसी और ने रिसीव की थी। उनकी जानकारी के हिसाब से 2005 में सिपाही के रूप में उनकी तैनाती बदायूं के उसावां थाने में हुई।
शाहजहांपुर से आए संजीव के बहनोई राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर 1:5 बजे संजीव ने उन्हें कॉल की थी। वह फ्रेश हो रहे तो कॉल किसी और ने रिसीव की थी। उनकी जानकारी के हिसाब से 2005 में सिपाही के रूप में उनकी तैनाती बदायूं के उसावां थाने में हुई।
कुछ समय नोएडा में तैनात रहे। फिर पता लगा कि वह कासगंज में हेड कांस्टेबल हैं। जबकि उनके कमरे में न तो वर्दी मिली, न ही कोई कागजात। एक फोन मिला है जिसका लॉक नहीं खुल पा रहा है। इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान ने बताया कि प्राथमिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आ रही है। कासगंज पुलिस ने इस नाम के किसी पुलिसकर्मी की तैनाती से मना किया है।