{"_id":"66b6cc7d48bd39679c017cf7","slug":"he-was-collecting-50-rupees-each-by-putting-up-name-and-number-plates-in-villages-bareilly-news-c-4-bly1015-456693-2024-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: गांवों में नाम व नंबर प्लेट लगाकर वसूल रहा था 50-50 रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: गांवों में नाम व नंबर प्लेट लगाकर वसूल रहा था 50-50 रुपये
विज्ञापन
बरेली। भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मकानों पर अनधिकृत रूप से नाम व नंबर प्लेट लगाने का मामला सामने आया है। बीडीओ की तरफ से आरोपी बिहार के युवक के खिलाफ भुता थाने में तहरीर दी गई है।
एक्स पर पोस्ट कर किसी ने बताया कि भुता ब्लॉक के गांवों में मकानों पर अनधिकृत रूप से नंबर प्लेट लगाकर ग्रामीणों से 50-50 रुपये वसूले जा रहे हैं। सीडीओ ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ की तरफ से बिहार के कैमूर जिले के निवासी हरेराम सिंह के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। बीडीओ ने बताया कि युवक ने 35 घरों पर नाम व नंबर प्लेट लगाई है। इसमें सरकारी योजनाओं का नाम भी लिखा है। इसके लिए बाकायदा 50 रुपये की रसीद काटी गई है।
इस मामले में अब अधिकारियों के स्तर पर यह भी जांच हो रही है कि ब्लॉक स्तर पर कौन अधिकारी व कर्मचारी इसमें संलिप्त हैं? यह भी पता लगाया जाएगा कि युवक बिहार से यहां कैसे आया? उसके पास लोगों के नाम व नंबर कैसे आए? पूर्व में भी इस तरह से ग्राम पंचायतों में लोगों से वसूली की जाती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक्स पर पोस्ट कर किसी ने बताया कि भुता ब्लॉक के गांवों में मकानों पर अनधिकृत रूप से नंबर प्लेट लगाकर ग्रामीणों से 50-50 रुपये वसूले जा रहे हैं। सीडीओ ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ की तरफ से बिहार के कैमूर जिले के निवासी हरेराम सिंह के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। बीडीओ ने बताया कि युवक ने 35 घरों पर नाम व नंबर प्लेट लगाई है। इसमें सरकारी योजनाओं का नाम भी लिखा है। इसके लिए बाकायदा 50 रुपये की रसीद काटी गई है।
विज्ञापन
इस मामले में अब अधिकारियों के स्तर पर यह भी जांच हो रही है कि ब्लॉक स्तर पर कौन अधिकारी व कर्मचारी इसमें संलिप्त हैं? यह भी पता लगाया जाएगा कि युवक बिहार से यहां कैसे आया? उसके पास लोगों के नाम व नंबर कैसे आए? पूर्व में भी इस तरह से ग्राम पंचायतों में लोगों से वसूली की जाती रही है।
विज्ञापन