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सज गए पंडाल, आज से बिराजेंगी मां दुर्गा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Fri, 07 Oct 2016 02:05 AM IST
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शारदीय नवरात्र पर शहर का माहौल भक्तिमय है। शुक्रवार को षष्ठी से दुर्गा पूजा शुरू हो रही है। इसके लिए जगह-जगह दुर्गा बाड़ी और पंडाल सज गए हैं। पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है।
बंगाली एसोसिएशन सुभाष नगर की ओर से रेलवे जंक्शन स्थित मनोरंजन सदन में शुक्रवार को पूजा रात आठ बजे होगी। शाम सात बजे अधिवास का समय रहेगा। इसके बाद आनंदा मेला देर रात तक चलेगा। यहां पांच दिनों तक कार्यक्रम चलेंगे। 11 अक्तूबर को विसर्जन होगा।
बंगाली क्लब की ओर से चौपुला स्थित एनई रेलवे इंटीट्यूट में दुर्गा पूजा हाल में मूर्ति स्थापित की जा रही है। यहां भी शुक्रवार से ही रात आठ बजे से पूजा शुरू होगी। यह बरेली की सबसे से भी पुरानी दुर्गा पूजा है।
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बरेली दुर्गा बाड़ी रामपुर बाग में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई है। शुक्रवार को षष्टी पूजा प्रात: 9.28 बजे और अपरान्ह 3.30 बजे होगी। इसके अलावा आमंत्रण अधिवास व पूजा सायं 7 बजे, आनंदा मेला सायं 7.30 बजे और सांस्कृतिक कार्यक्रम रात्रि 9.30 बजे से होगा।
कैंट के बीआई बाजार, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के सामने दादू मंदिर, इज्जतनगर के ही रोड नंबर 4 एनई रेलवे इंस्टीट्यूट, कृष्णा नगर कालीबाड़ी व एयर फोर्स गेट पर पंडाल तैयार हो गए हैं। इस सभी स्थानों पर शुक्रवार से ही दुर्गा पूजा शुरू हो रही है।
कात्यायनी पूजा का विशेष महत्व
बरेली। मां के कात्यायनी स्वरूप को ज्ञान, यश, बुद्धि और व्यापार कारक माना जाता है। शुक्रवार को सूर्य, बुध, गुरु तीनों एक साथ कन्या राशि में रहेंगे। आचार्य मुकेश मिश्रा और अनुराग शंखधार के अनुसार कात्यायनी मां का संबंध बुध ग्रह से है और कन्या राशि का स्वामी भी बुध है, इसलिए योग काफी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इस दिन पूजा से तीनों ग्रह अनुकूल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवती कात्यायनी को शहद और अनार से भोग लगाएं और गुलाब, कमल पुष्प चढ़ाएं।
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बंगाली एसोसिएशन सुभाष नगर की ओर से रेलवे जंक्शन स्थित मनोरंजन सदन में शुक्रवार को पूजा रात आठ बजे होगी। शाम सात बजे अधिवास का समय रहेगा। इसके बाद आनंदा मेला देर रात तक चलेगा। यहां पांच दिनों तक कार्यक्रम चलेंगे। 11 अक्तूबर को विसर्जन होगा।
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बंगाली क्लब की ओर से चौपुला स्थित एनई रेलवे इंटीट्यूट में दुर्गा पूजा हाल में मूर्ति स्थापित की जा रही है। यहां भी शुक्रवार से ही रात आठ बजे से पूजा शुरू होगी। यह बरेली की सबसे से भी पुरानी दुर्गा पूजा है।
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बरेली दुर्गा बाड़ी रामपुर बाग में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई है। शुक्रवार को षष्टी पूजा प्रात: 9.28 बजे और अपरान्ह 3.30 बजे होगी। इसके अलावा आमंत्रण अधिवास व पूजा सायं 7 बजे, आनंदा मेला सायं 7.30 बजे और सांस्कृतिक कार्यक्रम रात्रि 9.30 बजे से होगा।
कैंट के बीआई बाजार, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के सामने दादू मंदिर, इज्जतनगर के ही रोड नंबर 4 एनई रेलवे इंस्टीट्यूट, कृष्णा नगर कालीबाड़ी व एयर फोर्स गेट पर पंडाल तैयार हो गए हैं। इस सभी स्थानों पर शुक्रवार से ही दुर्गा पूजा शुरू हो रही है।
कात्यायनी पूजा का विशेष महत्व
बरेली। मां के कात्यायनी स्वरूप को ज्ञान, यश, बुद्धि और व्यापार कारक माना जाता है। शुक्रवार को सूर्य, बुध, गुरु तीनों एक साथ कन्या राशि में रहेंगे। आचार्य मुकेश मिश्रा और अनुराग शंखधार के अनुसार कात्यायनी मां का संबंध बुध ग्रह से है और कन्या राशि का स्वामी भी बुध है, इसलिए योग काफी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इस दिन पूजा से तीनों ग्रह अनुकूल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवती कात्यायनी को शहद और अनार से भोग लगाएं और गुलाब, कमल पुष्प चढ़ाएं।