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Bareilly News: बुधादित्य योग में रखा जाएगा हल षष्ठी का व्रत
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बरेली। पुत्र की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाल हल षष्ठी का व्रत इस बार बृहस्पतिवार को बुधादित्य योग में रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार बृहस्पतिवार को सुबह 4:23 बजे से षष्ठी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।
मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा- पाठ का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस त्योहार को हरछठ, ललही छठ भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम की पूजा होती है। एक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का भी जन्म इसी दिन हुआ था।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित मुकेश मिश्रा बताते हैं हल षष्ठी के दिन पूजा के लिए कुछ खास समय शुभ माने जाते हैं। इस समय में पूजा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसमें पहला मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:07 बजे तक, दूसरा 6:50 बजे से 8:20 बजे तक और तीसरा दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। संवाद
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पूजा विधि
हल षष्ठी व्रत के पूजन के दौरान महिलाएं भगवान गणेश की पूजा करने के साथ ही उन्हें मोदक व अन्य भोग अर्पित करें। माताएं भगवान गणेश की आरती और मंत्रोच्चारण कर हल षष्ठी की कहानी सुनें और अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करें।
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मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा- पाठ का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस त्योहार को हरछठ, ललही छठ भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम की पूजा होती है। एक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का भी जन्म इसी दिन हुआ था।
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पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित मुकेश मिश्रा बताते हैं हल षष्ठी के दिन पूजा के लिए कुछ खास समय शुभ माने जाते हैं। इस समय में पूजा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसमें पहला मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:07 बजे तक, दूसरा 6:50 बजे से 8:20 बजे तक और तीसरा दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। संवाद
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पूजा विधि
हल षष्ठी व्रत के पूजन के दौरान महिलाएं भगवान गणेश की पूजा करने के साथ ही उन्हें मोदक व अन्य भोग अर्पित करें। माताएं भगवान गणेश की आरती और मंत्रोच्चारण कर हल षष्ठी की कहानी सुनें और अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करें।