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सोशल साइट्स पर हिली बरेली, असल में किसी को कुछ पता नहीं
बरेली।
Updated Thu, 07 Dec 2017 02:02 AM IST
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दिल्ली और एनसीआर सहित उत्तर भारत में देर शाम 8 बजकर 51 मिनट पर आए भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों में घबराहट पैदा कर दी। बरेली में वैसे तो कहीं किसी को भूकंप आने का पता नहीं लगा, लेकिन सोशल साइट्स पर भूकंप के झटके महसूस किए जाने के जमकर दावे हुए। इन पर कमेंट और रिएक्शन भी खूब आए।
न्यूज चैनलों पर जैसे ही भूकंप की खबर फ्लैश हुई, लोगों के फोन घनघनाने लगे। लोग एक दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या उन्हें भी झटका महसूस हुआ है। वैसे, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के अलावा हरियाणा, पंजाब और यूपी के कई पश्चिमी इलाकों में यह झटके महसूस किए गए थे। बरेली में इसकी तस्दीक के लिए अमर उजाला की टीम ने सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, प्रेमनगर, रामपुरबाग, कटरा चांद खां, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम के कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन कहीं से भी भूकंप महसूस किए जाने की जानकारी नहीं मिली। हालांकि फिर भी सोशल साइट्स पर भूकंप आने की घटना छाई रही। शहर के लोगों ने एक से बढ़कर एक दावे किए। उन पर जमकर कमेंटबाजी भी हुई। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के पंतनगर में भी काफी तेज झटके महसूस किए गए हैं। मगर रूद्रप्रयाग से चलते-चलते बरेली में इसकी तीव्रता और घट गई, जिससे लोगों को इसका अहसास नहीं हो पाया।
5 से अधिक तीव्रता पर हिलता है फर्नीचर
भूगर्भ विशेषज्ञ और भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि 6 रिक्टर से अधिक भूकंप की तीव्रता होने पर नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। अगर तीव्रता 5 से 5.9 आंकी गई है तो इसमें फर्नीचर जैसी भारी चीजें हिलती हुई दिख सकती हैं। उत्तराखंड में भूकंप की तीव्रता 5.5 आंकी गई है जो मैदानी इलाकों में पहुंचते- पहुंचते 2 से 3 रिक्टर हो गई।
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मैं पंतनगर में हूं जहां भूकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं जो लगभग पांच से दस सेकेंड तक होते रहे। देहरादून में ज्यादा हुआ होगा। बरेली व आसपास के क्षेत्र में इसकी तीव्रता घट गई होगी, जिससे अधिकतर लोगाें को महसूस नहीं हुआ।
डॉ. एचएस कुशवाहा, मौसम विशेषज्ञ, पंतनगर
न्यूज चैनलों पर जैसे ही भूकंप की खबर फ्लैश हुई, लोगों के फोन घनघनाने लगे। लोग एक दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या उन्हें भी झटका महसूस हुआ है। वैसे, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के अलावा हरियाणा, पंजाब और यूपी के कई पश्चिमी इलाकों में यह झटके महसूस किए गए थे। बरेली में इसकी तस्दीक के लिए अमर उजाला की टीम ने सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, प्रेमनगर, रामपुरबाग, कटरा चांद खां, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम के कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन कहीं से भी भूकंप महसूस किए जाने की जानकारी नहीं मिली। हालांकि फिर भी सोशल साइट्स पर भूकंप आने की घटना छाई रही। शहर के लोगों ने एक से बढ़कर एक दावे किए। उन पर जमकर कमेंटबाजी भी हुई। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के पंतनगर में भी काफी तेज झटके महसूस किए गए हैं। मगर रूद्रप्रयाग से चलते-चलते बरेली में इसकी तीव्रता और घट गई, जिससे लोगों को इसका अहसास नहीं हो पाया।
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5 से अधिक तीव्रता पर हिलता है फर्नीचर
भूगर्भ विशेषज्ञ और भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि 6 रिक्टर से अधिक भूकंप की तीव्रता होने पर नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। अगर तीव्रता 5 से 5.9 आंकी गई है तो इसमें फर्नीचर जैसी भारी चीजें हिलती हुई दिख सकती हैं। उत्तराखंड में भूकंप की तीव्रता 5.5 आंकी गई है जो मैदानी इलाकों में पहुंचते- पहुंचते 2 से 3 रिक्टर हो गई।
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मैं पंतनगर में हूं जहां भूकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं जो लगभग पांच से दस सेकेंड तक होते रहे। देहरादून में ज्यादा हुआ होगा। बरेली व आसपास के क्षेत्र में इसकी तीव्रता घट गई होगी, जिससे अधिकतर लोगाें को महसूस नहीं हुआ।
डॉ. एचएस कुशवाहा, मौसम विशेषज्ञ, पंतनगर