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सहेलियों और सीसीटीवी फुटेज से सुराग जुटा रही पुलिस
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इसी कमरे में हुआ हादसा
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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जूनियर डॉक्टर की मौत का मामला
बरेली। जूनियर डॉक्टर सुकीर्ति की हॉस्टल में जलकर मौत के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सुकीर्ति की सहेलियों से पूछताछ के जरिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद शुक्रवार को अफसरों समेत फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। एसएसपी से लेकर एसपी क्राइम, एसपी देहात, सीओ नवाबगंज ने छात्राओं व प्रशिक्षु डॉक्टरों से अलग-अलग बात की। आसपास के कमरे में रहने वाली दो लड़कियों ने बताया कि वह लोग रात 11 बजे से हॉस्टल में थीं। एक छात्रा उसी दिन अपने घर से आई थी। उसके साथ बगल के कमरे में दो बजे तक सुकीर्ति ने भी गपशप की। रात दो बजे सभी अपने कमरों में सोने चली गईं। करीब 18 लड़कियों और स्टाफ से पूछताछ की गई तो यही बात सामने आई कि जब शोर मचा और वह लोग आए। देखा कि सुकीर्ति का कमरा और गेट सब जला पड़ा है। अधिकारियों ने पूरी स्थिति स्पष्ट करने को सीसीटीवी फुटेज देखी तो पता लगा कि रात तीन बजकर तेरह मिनट पर दो लड़कियां नीचे आते दिख रही हैं। पूछताछ की जा रही है।
शव का हाल देख बेहोश हो गई सहेली
बरेली। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर लेडी डॉक्टर की जिंदा जलकर मौत के बाद उसकी सहेलियां खासी दहशत में थीं। उन्हें हैरत थी कि रात करीब दो बजे तक उनके साथ रही सुकीर्ति का शरीर अब वह देखने की अब हिम्मत भी नहीं जुटा पा रही हैं। सुकीर्ति के कमरा नंबर 320 में लोहे के बेड के साथ ही कपड़े व अन्य सभी सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। कमरा नंबर 318 में रहने वाली डॉक्टर यह हाल देखकर बेहोश हो गई तो बाकी सहेलियां उसे अस्पताल ले गईं। कुछ देर भर्ती रखने के बाद उसे होश आया। कमरा नंबर 321 और 322 में रहने वालीं छात्राएं भी बदहवास थीं।
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पहले भी जला था आधा कंबल
सहेलियों की मानें तो सुकीर्ति व्यवहार में बहुत अच्छी और पढ़ाई में तेज थी पर कुछ लापरवाह भी थी। करीब छह दिन पहले इसी तरह सिर से सटाकर बिस्तर के पास हीटर लगाने की वजह से उसका कंबल आधा जल गया था। इसका जिक्र जब सुकीर्ति ने किया तो सहेलियों ने उसे चेताया भी था। हालांकि बात रफादफा हो गई। सहेलियों का कहना था कि अगर सुकीर्ति इस पर ध्यान देती तो शायद यह हादसा न होता।
‘अभी तक मामला लापरवाही की वजह से बिस्तर हीटर की चपेट में आने का लग रहा है। सुकीर्ति के परिवार का भी इंतजार कर रहे हैं, उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रिया पूरी कराएंगे। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
‘यह पूरी तरह से हादसा है। बड़ी वजह सुकीर्ति की लापरवाही रही। सुकीर्ति बिस्तर के पास हीटर जलाती थी। कुछ दिन पहले भी उसका कंबल आंशिक रूप से जला था। आसपास कमरों में रह रही अन्य इंटर्न ने उसे आगाह किया था। इसके बाद भी उसी तरह सुकीर्ति हीटर का प्रयोग करती रही। अन्य इंटर्न ने इसकी जानकारी किसी जिम्मेदार को नहीं दी थी। अगर दी होती तो उसका हीटर बंद करा दिया जाता।
- डॉ. एसबी गुप्ता, प्राचार्य
‘जाड़ों में कमरा बंद करके हीटर या ब्लोअर चलाने से ऑक्सीजन की कमी होती है। ऑक्सीजन की कमी का सबसे अधिक असर हार्ट और ब्रेन में होता है। यह दोनों अंग फेल्योर होते ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। बेहतर है कि गर्म कपड़े पहनकर सोएं जिससे हीटर आदि की जरूरत न पड़े।’
- डॉ. राजेश अग्रवाल, सीनियर चेस्ट फिजीशियन
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बरेली। जूनियर डॉक्टर सुकीर्ति की हॉस्टल में जलकर मौत के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सुकीर्ति की सहेलियों से पूछताछ के जरिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद शुक्रवार को अफसरों समेत फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। एसएसपी से लेकर एसपी क्राइम, एसपी देहात, सीओ नवाबगंज ने छात्राओं व प्रशिक्षु डॉक्टरों से अलग-अलग बात की। आसपास के कमरे में रहने वाली दो लड़कियों ने बताया कि वह लोग रात 11 बजे से हॉस्टल में थीं। एक छात्रा उसी दिन अपने घर से आई थी। उसके साथ बगल के कमरे में दो बजे तक सुकीर्ति ने भी गपशप की। रात दो बजे सभी अपने कमरों में सोने चली गईं। करीब 18 लड़कियों और स्टाफ से पूछताछ की गई तो यही बात सामने आई कि जब शोर मचा और वह लोग आए। देखा कि सुकीर्ति का कमरा और गेट सब जला पड़ा है। अधिकारियों ने पूरी स्थिति स्पष्ट करने को सीसीटीवी फुटेज देखी तो पता लगा कि रात तीन बजकर तेरह मिनट पर दो लड़कियां नीचे आते दिख रही हैं। पूछताछ की जा रही है।
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शव का हाल देख बेहोश हो गई सहेली
बरेली। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर लेडी डॉक्टर की जिंदा जलकर मौत के बाद उसकी सहेलियां खासी दहशत में थीं। उन्हें हैरत थी कि रात करीब दो बजे तक उनके साथ रही सुकीर्ति का शरीर अब वह देखने की अब हिम्मत भी नहीं जुटा पा रही हैं। सुकीर्ति के कमरा नंबर 320 में लोहे के बेड के साथ ही कपड़े व अन्य सभी सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। कमरा नंबर 318 में रहने वाली डॉक्टर यह हाल देखकर बेहोश हो गई तो बाकी सहेलियां उसे अस्पताल ले गईं। कुछ देर भर्ती रखने के बाद उसे होश आया। कमरा नंबर 321 और 322 में रहने वालीं छात्राएं भी बदहवास थीं।
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पहले भी जला था आधा कंबल
सहेलियों की मानें तो सुकीर्ति व्यवहार में बहुत अच्छी और पढ़ाई में तेज थी पर कुछ लापरवाह भी थी। करीब छह दिन पहले इसी तरह सिर से सटाकर बिस्तर के पास हीटर लगाने की वजह से उसका कंबल आधा जल गया था। इसका जिक्र जब सुकीर्ति ने किया तो सहेलियों ने उसे चेताया भी था। हालांकि बात रफादफा हो गई। सहेलियों का कहना था कि अगर सुकीर्ति इस पर ध्यान देती तो शायद यह हादसा न होता।
‘अभी तक मामला लापरवाही की वजह से बिस्तर हीटर की चपेट में आने का लग रहा है। सुकीर्ति के परिवार का भी इंतजार कर रहे हैं, उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रिया पूरी कराएंगे। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
‘यह पूरी तरह से हादसा है। बड़ी वजह सुकीर्ति की लापरवाही रही। सुकीर्ति बिस्तर के पास हीटर जलाती थी। कुछ दिन पहले भी उसका कंबल आंशिक रूप से जला था। आसपास कमरों में रह रही अन्य इंटर्न ने उसे आगाह किया था। इसके बाद भी उसी तरह सुकीर्ति हीटर का प्रयोग करती रही। अन्य इंटर्न ने इसकी जानकारी किसी जिम्मेदार को नहीं दी थी। अगर दी होती तो उसका हीटर बंद करा दिया जाता।
- डॉ. एसबी गुप्ता, प्राचार्य
‘जाड़ों में कमरा बंद करके हीटर या ब्लोअर चलाने से ऑक्सीजन की कमी होती है। ऑक्सीजन की कमी का सबसे अधिक असर हार्ट और ब्रेन में होता है। यह दोनों अंग फेल्योर होते ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। बेहतर है कि गर्म कपड़े पहनकर सोएं जिससे हीटर आदि की जरूरत न पड़े।’
- डॉ. राजेश अग्रवाल, सीनियर चेस्ट फिजीशियन