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फूल-सब्जी उगा रहे किसान.. पूंजीपति ले रहे अनुदान
बरेली
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:55 AM IST
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सरकार फूल-सब्जी की खेती पर भले ही किसानों को अनुदान दे रही है लेकिन जागरूकता की कमी और ऊंची पहुंच न होने की वजह से वे सरकारी अनुदान लेने में पीछे रह गए, जबकि शहर के बड़े पूंजीपति किसान बनकर अनुदान खा गए। जिनका खेती-किसानी से कोई मतलब नहीं, वे अपना इनकम टैक्स बचाने के लिए रोड के किनारे जमीन खरीदकर किसान बन गए और शासन ने फूल और सब्जी की खेती के लिए पाली हाउस बनाने के लिए दिए गए प्रोजेक्ट पर उनको 67.68 लाख का सरकारी अनुदान भी मंजूर कर दिया। शहर के एक बड़े कारोबारी की पत्नी ने भी अपने मेडिकल कॉलेज परिसर के दो हजार वर्ग मीटर एरिया में फूल और सब्जी की खेती का पाली हाउस बनाने के लिए 40 लाख का प्रोजेक्ट उद्यान विभाग को सौंपा है। ऊंची पहुंच होने की वजह से उनके प्रोजेक्ट पर भी 20 लाख का सरकारी अनुदान स्वीकृत होना तय माना जा रहा है।
शहर के एक फोम व्यवसायी ने फरीदपुर के मेगीनगला में गुलाब की खेती को पाली हाउस बनाया है। चार हजार वर्ग मीटर एरिया में पाली हाउस बनाने के उनके प्रोजेक्ट पर उद्यान विभाग ने करीब 20 लाख का अनुदान मंजूर कर दिया है। उनको यह अनुदान गुलाब की खेती को बढ़ावा देने के लिए मिला है। हाइब्रिड खीरा की खेती करने के लिए नवाबगंज के ग्रेम गांव में चार हजार वर्ग मीटर एरिया में 56 लाख और बहेड़ी के सेमीखेड़ा में गुलाब और गेंदा की खेती के लिए इतने ही एरिया में लगभग 40 लाख का प्रोजेक्ट शासन ने स्वीकृत कर दिया है। पहले लाभार्थी को 28 लाख और दूसरे लाभार्थी को 20 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। शहर के बड़े मेडिकल कारोबारी ने अपने मेडिकल परिसर में ही दो हजार वर्ग मीटर में फूल और सब्जी की खेती के लिए उद्यान विभाग में अपनी पत्नी के नाम से 40 लाख से अधिक धनराशि का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा है। इस पर उनको 20 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। सरकारी अनुदान से वह अपने मेडिकल परिसर में से दो हजार वर्ग मीटर एरिया में पाली हाउस बनाएंगे। उद्यान विभाग इस प्रोजेक्ट का सत्यापन कर खामियां दूर करने में लगा है ताकि इन कारोबारी को सरकारी अनुदान की लगभग 20 लाख की रकम मिलने में समस्या न हो।
कोट--
फूल और सब्जी की खेती को पाली हाउस बनाने में पहले आवेदक को खुद रकम लगानी होती है। कोई भी व्यक्ति एक हजार वर्ग मीटर से ऊपर एरिया में पॉली हाउस बनाने के बाद अपना प्रोजेक्ट उद्यान विभाग को दे सकता है। अगर वह सत्यापन में सही पाया जाता है तो सरकार उस पर लागत का 50 फीसदी अनुदान देगी। जो भी आवेदक हमारे विभाग में आए हैं, उनका ऑनलाइन पंजीकरण है। हम उनको किसान ही मानेंगे। - पूजा, जिला उद्यान अधिकारी
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शहर के एक फोम व्यवसायी ने फरीदपुर के मेगीनगला में गुलाब की खेती को पाली हाउस बनाया है। चार हजार वर्ग मीटर एरिया में पाली हाउस बनाने के उनके प्रोजेक्ट पर उद्यान विभाग ने करीब 20 लाख का अनुदान मंजूर कर दिया है। उनको यह अनुदान गुलाब की खेती को बढ़ावा देने के लिए मिला है। हाइब्रिड खीरा की खेती करने के लिए नवाबगंज के ग्रेम गांव में चार हजार वर्ग मीटर एरिया में 56 लाख और बहेड़ी के सेमीखेड़ा में गुलाब और गेंदा की खेती के लिए इतने ही एरिया में लगभग 40 लाख का प्रोजेक्ट शासन ने स्वीकृत कर दिया है। पहले लाभार्थी को 28 लाख और दूसरे लाभार्थी को 20 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। शहर के बड़े मेडिकल कारोबारी ने अपने मेडिकल परिसर में ही दो हजार वर्ग मीटर में फूल और सब्जी की खेती के लिए उद्यान विभाग में अपनी पत्नी के नाम से 40 लाख से अधिक धनराशि का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा है। इस पर उनको 20 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। सरकारी अनुदान से वह अपने मेडिकल परिसर में से दो हजार वर्ग मीटर एरिया में पाली हाउस बनाएंगे। उद्यान विभाग इस प्रोजेक्ट का सत्यापन कर खामियां दूर करने में लगा है ताकि इन कारोबारी को सरकारी अनुदान की लगभग 20 लाख की रकम मिलने में समस्या न हो।
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कोट--
फूल और सब्जी की खेती को पाली हाउस बनाने में पहले आवेदक को खुद रकम लगानी होती है। कोई भी व्यक्ति एक हजार वर्ग मीटर से ऊपर एरिया में पॉली हाउस बनाने के बाद अपना प्रोजेक्ट उद्यान विभाग को दे सकता है। अगर वह सत्यापन में सही पाया जाता है तो सरकार उस पर लागत का 50 फीसदी अनुदान देगी। जो भी आवेदक हमारे विभाग में आए हैं, उनका ऑनलाइन पंजीकरण है। हम उनको किसान ही मानेंगे। - पूजा, जिला उद्यान अधिकारी
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