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कार्रवाई के खौफ से पशुपालक अपनी बकरियों की ही भूले

Tue, 13 Aug 2019 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2019 01:50 AM IST
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बरेली। मंत्री और अफसरों के रोपे पौधों के संरक्षण में नाकाम वन विभाग के अफसरों ने बकरियों को कैद कर अपनी पीठ खुद थपथपा ली। हालांकि 24 घंटे से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी अब तक बकरियों के पालक सामने नहीं आए हैं। ऐसे में एक दो दिन और इंतजार करने के बाद कांजी हाउस में बंद बकरियों की नीलामी शुरू हो सकती है। दूसरी ओर वन विभाग ने फेंसिंग के बावजूद गांधी उपवन में बकरियों का प्रवेश रोकने के लिए अब बायो फेंसिंग लगाए जाने की योजना बनाई है।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘वृहद पौधरोपण अभियान’ के तहत कैंट के धोपा मंदिर के नजदीक गांधी उपवन में रोपे गए पौधों को बकरियों व अन्य जानवरों द्वारा चरे जाने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अमर उजाला की ओर से नकारा सिस्टम की खबर प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद अपनी खामियों को छिपाने केलिए आनन-फानन में दो फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती कर दी। बिना रोपे फेंके गए करीब डेढ़ हजार से अधिक पौधों को लगाने की कवायद शुरू कर दी। इसी दौरान एक बार फिर गांधी उपवन में ‘महात्मा गांधी की प्रिय वृक्ष प्रजातियों’ को चरने पहुंची चार बकरियों को पकड़कर कांजी हाउस में कैद कर दिया। क्षेत्र के पशुपालकोें को जानवरों द्वारा पौधों को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की चेतावनी दे दी।
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चेताया तो याद आई बायो फेंसिंग की
मामला प्रकाश में आने के बाद वन विभाग के अफसरों ने बचाव के लिए तमाम कवायद शुरू तो किए, लेकिन फेंसिंग के बाद भी गांधी उपवन में बकरियों के प्रवेश रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। अमर उजाला ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया तो अब वन विभाग ने गांधी उपवन के किनारों पर लगी फेंसिंग से सटकर बायो फेंसिंग करने जा रहा है। वन दरोगा नासिर अली खां ने बताया कि आयरन फेंसिंग से बड़े जानवरों का प्रवेश तो थमा लेकिन छोटे जानवर बकरी, भेड़ व अन्य का भी प्रवेश रोकने के लिए बायो फेंसिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा पौधोें का संरक्षण करने के लिए वन विभाग नकटिया नदी की ओर गहरा गड्ढा खोदकर जानवरों का प्रवेश रोकने की बात कही है।
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शेष बचे हुए पौधों को लगा दिया गया है। सुरक्षा के बाबत फॉरेस्ट गार्ड तैनात हैं साथ ही, अब बायो फेंसिंग भी की जाएगी, ताकि छोटे कद के जानवर प्रवेश न कर सकें। बकरियों को लेने कोई नहीं आएगा तो नियमानुसार विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
- भरत लाल, डीएफओ
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