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Bareilly News: जर्जर छज्जा गिरा, मलबे में दबकर दादी-पोती की मौत
Mon, 06 Jul 2026 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:17 AM IST
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शाही। गांव तुरसा में शनिवार शाम छह बजे जर्जर छज्जा गिरने से नत्थो देवी (70) और उनकी पोती दीपांजलि (6) की मलबे में दबकर मौत हो गई।
गांव के आनंद स्वरूप ने बताया कि भाई यशपाल और विजयपाल के परिवार के साथ उनका परिवार भी छोटे से पुराने मकान में रहता है। मां नत्थो देवी भी साथ रहती थीं। कुछ समय पहले घर की छत ढह गई थी, लेकिन छज्जा दीवार के सहारे टिका हुआ था। शनिवार शाम मां नत्थो देवी, यशपाल की बेटी दीपांजलि और बेटे संदेश (10) के साथ उसी छज्जे के नीचे पड़ी चारपाई पर बैठी थीं।
संदेश चारपाई से उठकर पेंसिल लेने चला गया। इसी दौरान जर्जर छज्जा दादी-पोती के ऊपर गिर गया। दोनों मलबे में दब गईं। परिजनों ने मलबा हटाकर उनको निकाला और कस्बा स्थित अस्पताल ले गए। वहां से उनको बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली में चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
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आर्थिक तंगी के कारण मकान नहीं बनवा सका परिवार
शाही। गांव तुरसा के जिस परिवार में हादसा हुआ, उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इसी वजह से वह मकान नहीं बनवा सके और यह दुर्घटना हो गई। यूं तो सरकार की ओर से भी गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, पर इस परिवार को कोई लाभ नहीं मिल सका। यशपाल के चचेरे भाई जगदीश प्रसाद ने बताया कि तीनों भाइयों के पास नौ बीघा जमीन है। वे भरण-पोषण के लिए मजदूरी करते हैं। यहां काम न मिलने पर रुद्रपुर जाकर भी मजदूरी करते हैं।
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दीपांजलि कक्षा एक की छात्रा थी। वह नटखट थी। परिजनों की वह लाडली थी।वह भाई के साथ स्कूल जाती थी। आंखों के सामने बहन की दर्दनाक मौत से भाई भी सदमे में है। बेटी को खोने के गम में मां सुनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं। वहीं, नत्थो देवी की मौत से परिवार मानों अनाथ हो गया है।
पंचायत सचिव अंजलि ने बताया कि नत्थो देवी का सरकारी योजना के अंतर्गत आवास के लिए आवेदन पांच-छह माह से लंबित है। सुनीता का नाम पात्रता सूची में शामिल है। हालांकि, इसकी जांच की जानी बाकी है। जांच के बाद अंतिम सूची बनने पर पात्रों के लिए धनराशि जारी होगी।
वर्जन
अभी पूरे ब्लॉक में केवल विधवा, निराश्रित व दिव्यांग के ही 44 आवास स्वीकृत हुए हैं। इस श्रेणी में अगर कोई व्यक्ति वंचित है तो उसका आवास स्वीकृत किया जाएगा। अन्य आवेदनों की जांच होनी है। - आशीष पाल, खंड विकास अधिकारी, फतेहगंज पश्चिमी
संबंधित लेखपाल से दैवीय आपदा के तहत रिपोर्ट ले ली गई है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। - निधि शुक्ला, एसडीएम
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गांव के आनंद स्वरूप ने बताया कि भाई यशपाल और विजयपाल के परिवार के साथ उनका परिवार भी छोटे से पुराने मकान में रहता है। मां नत्थो देवी भी साथ रहती थीं। कुछ समय पहले घर की छत ढह गई थी, लेकिन छज्जा दीवार के सहारे टिका हुआ था। शनिवार शाम मां नत्थो देवी, यशपाल की बेटी दीपांजलि और बेटे संदेश (10) के साथ उसी छज्जे के नीचे पड़ी चारपाई पर बैठी थीं।
संदेश चारपाई से उठकर पेंसिल लेने चला गया। इसी दौरान जर्जर छज्जा दादी-पोती के ऊपर गिर गया। दोनों मलबे में दब गईं। परिजनों ने मलबा हटाकर उनको निकाला और कस्बा स्थित अस्पताल ले गए। वहां से उनको बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली में चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
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आर्थिक तंगी के कारण मकान नहीं बनवा सका परिवार
शाही। गांव तुरसा के जिस परिवार में हादसा हुआ, उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इसी वजह से वह मकान नहीं बनवा सके और यह दुर्घटना हो गई। यूं तो सरकार की ओर से भी गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, पर इस परिवार को कोई लाभ नहीं मिल सका। यशपाल के चचेरे भाई जगदीश प्रसाद ने बताया कि तीनों भाइयों के पास नौ बीघा जमीन है। वे भरण-पोषण के लिए मजदूरी करते हैं। यहां काम न मिलने पर रुद्रपुर जाकर भी मजदूरी करते हैं।
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दीपांजलि कक्षा एक की छात्रा थी। वह नटखट थी। परिजनों की वह लाडली थी।वह भाई के साथ स्कूल जाती थी। आंखों के सामने बहन की दर्दनाक मौत से भाई भी सदमे में है। बेटी को खोने के गम में मां सुनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं। वहीं, नत्थो देवी की मौत से परिवार मानों अनाथ हो गया है।
पंचायत सचिव अंजलि ने बताया कि नत्थो देवी का सरकारी योजना के अंतर्गत आवास के लिए आवेदन पांच-छह माह से लंबित है। सुनीता का नाम पात्रता सूची में शामिल है। हालांकि, इसकी जांच की जानी बाकी है। जांच के बाद अंतिम सूची बनने पर पात्रों के लिए धनराशि जारी होगी।
वर्जन
अभी पूरे ब्लॉक में केवल विधवा, निराश्रित व दिव्यांग के ही 44 आवास स्वीकृत हुए हैं। इस श्रेणी में अगर कोई व्यक्ति वंचित है तो उसका आवास स्वीकृत किया जाएगा। अन्य आवेदनों की जांच होनी है। - आशीष पाल, खंड विकास अधिकारी, फतेहगंज पश्चिमी
संबंधित लेखपाल से दैवीय आपदा के तहत रिपोर्ट ले ली गई है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। - निधि शुक्ला, एसडीएम