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रामगंगा तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बरेली
Updated Thu, 26 Nov 2015 02:06 AM IST
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बरेली। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए रामगंगा तट पर घाट की सभी सीमाएं टूट गईं। प्रशासन की ओर से किए गए बंदोबस्त को धता बताते हुए श्रद्धालुओं ने खुद-ब-खुद घाट बनाकर स्नान कर लिया। भोर में ही श्रद्धालुओं का हुजूम स्नान के लिए तट पर उमड़ पड़ा और प्रशासन की ओर से बनाए घाट कम पड़ गए। नतीजतन, लोगों ने जहां चाहा वहां स्नान किया। जलस्तर ज्यादा होने की वजह से प्रशासन ने परंपरागत घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरीकेडिंग करा रखी थी लेकिन वह भी श्रद्धालुओं के कदम न रोक सकी। परंपरागत घाट की ओर भी बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। स्नान का यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा।
प्रशासन ने हालांकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए घाट पर पुलिस और आरपीएफ भी तैनात की थी लेकिन भीड़ के आगे सारे इंतजाम बौने नजर आए। कमी यह रह गई कि प्रशासन की ओर से बनाए गए मेन घाट पर एक बार में बमुश्किल महज चार-पांच सौ लोगों के ही स्नान का इंतजाम किया गया था। दूसरा घाट तो और भी छोटा बनाया गया था। शाम को स्नान निपटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जाम हो गया बदायूं रोड
रामगंगा में स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ने की वजह से बुधवार को बदायूं रोड जाम हो गया। रामगंगा पुल के ऊपर तो आधी रात के बाद से शाम तक भारी भीड़ ही उमड़ी रही। वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को बार-बार मशक्कत करनी पड़ी। यह स्थिति तब रही, जब पुलिस ने बड़े वाहनों का यहां से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं, महेशपुर ठाकुरान की फाटक बार-बार बंद होने से भी कई बार जाम लगा। भीड़ की स्थिति यह थी कि रामगंगा स्टेशन पर आने और जाने वाली हर सवारी ट्रेन पूरी तरह से फुल रही। लोग ट्रेनों की छत पर बैठकर भी यात्रा करते नजर आए। इसके अलावा ट्रेक्टर-ट्रालियों और चौपहिया वाहनों के ज्यादा आने से सड़क मार्ग अतिव्यस्त रहा।
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पूरी रौ में दिखा लोकसंस्कृति का मेला
कार्तिक पूर्णिमा स्नान वाले दिन लोक संस्कृति और आस्था का चौबारी मेला अपनी पूरी रौ में दिखाई दिया। जितनी भीड़ रामगंगा तट पर थी, उतनी ही चौबारी में मेला स्थल पर जुटी हुई थी। दूर जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों से भी आए लोगों ने मेले में खरीदारी की और झूलों आदि का लुत्फ उठाया। ग्राम लोकसंस्कृति से जुड़े हंसिया, बेलन, सिलौटे-बट्टे, लाठी-डंडे आदि सामानों की बिक्री खूब हुई। वहीं, नखासा में लोगों ने पशुओं का क्रय-विक्रय किया। नखास में गाय, भैंस की बिक्री भी हुई और लोगों ने पशुओं के लिए जरूरी सामान भी खरीदा। मेला में लगाए गए खोया-पाया केंद्र पर बिछुड़ने वाले बच्चों और महिलाओं को उनके अपनों से मिलवाया गया। प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने भी कैंप में जुटकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह मेला 29 नवंबर तक चलेगा। रामगंगा तट पर लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन कराया। नवविवाहित जोड़ों का संकल्प पढ़वाया। सीधा निकलवाकर पंड़े-पुजारियों को दान किया।
राजा घोड़े ने सबको पछाड़ा
चौबारी मेला के नखासा में हुई घुड़दौड़ में बुधवार को राजा घोड़ा छाया रहा। मटमैले रंग के इस घोड़े ने कई घोड़ियों को भी पछाड़ दिया। किशनसिंहपुर के ताहिर अली के इस घोड़े पर सबकी निगाहें लगी रहीं। ताहिर ने इसकी कीमत एक लाख रुपये मांगी तो उसकी बोली 80 हजार लग गई लेकिन उन्होंने इसे बेचा नहीं। वहीं, नखासा में पशुओं की खूब बिक्री हुई।
तट से इकट्ठी की पूजन सामग्री
नरेंद्र मोदी आर्मी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रामगंगा तट पर श्रद्धालुओं की ओर से फेंकी जाने वाली हवन, पूजन सामग्री, कैलेंडर और खंडित मूर्तियों को बकायदा कैंप लगाकर इकट्ठा किया। कार्यकर्ताओं ने लोगों से सामग्री को रामगंगा में न फेंककर अपने कैंप पर जमा करने की अपील की तो इसका असर भी दिखाई दिया। इसमें संगठन के जिलाध्यक्ष सचिन कश्यप, दीपक यादव, हिरदेश सिंह, अवधेश सिंह, राजेश सिंह, दिव्य चतुर्वेदी, क्षितिज यादव, जितेंद्र सिंह चौहान, नीरू भारद्वाज, पुष्पेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई
चौबारी मेला में आने वाले लोगों को मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी की ओर से गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई। आल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन, वतन सेवा समिति समेत कई संस्थाओं ने भी इसमें भागीदारी की। प्रताव वाहिनी और अमरस वेलफेयर समिति ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। केशव सांस्कृतिक दल सोसायटी ने प्रशासनिक कैंप में लोकगीत प्रस्तुति किए। शिवसैनिकों ने रामगंगा घाट पर महाआरती की। हिंदुस्तान स्काउट्स-गाइड्स सोसायटी ने ने भी जनजागरूक की।
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प्रशासन ने हालांकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए घाट पर पुलिस और आरपीएफ भी तैनात की थी लेकिन भीड़ के आगे सारे इंतजाम बौने नजर आए। कमी यह रह गई कि प्रशासन की ओर से बनाए गए मेन घाट पर एक बार में बमुश्किल महज चार-पांच सौ लोगों के ही स्नान का इंतजाम किया गया था। दूसरा घाट तो और भी छोटा बनाया गया था। शाम को स्नान निपटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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जाम हो गया बदायूं रोड
रामगंगा में स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ने की वजह से बुधवार को बदायूं रोड जाम हो गया। रामगंगा पुल के ऊपर तो आधी रात के बाद से शाम तक भारी भीड़ ही उमड़ी रही। वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को बार-बार मशक्कत करनी पड़ी। यह स्थिति तब रही, जब पुलिस ने बड़े वाहनों का यहां से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं, महेशपुर ठाकुरान की फाटक बार-बार बंद होने से भी कई बार जाम लगा। भीड़ की स्थिति यह थी कि रामगंगा स्टेशन पर आने और जाने वाली हर सवारी ट्रेन पूरी तरह से फुल रही। लोग ट्रेनों की छत पर बैठकर भी यात्रा करते नजर आए। इसके अलावा ट्रेक्टर-ट्रालियों और चौपहिया वाहनों के ज्यादा आने से सड़क मार्ग अतिव्यस्त रहा।
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पूरी रौ में दिखा लोकसंस्कृति का मेला
कार्तिक पूर्णिमा स्नान वाले दिन लोक संस्कृति और आस्था का चौबारी मेला अपनी पूरी रौ में दिखाई दिया। जितनी भीड़ रामगंगा तट पर थी, उतनी ही चौबारी में मेला स्थल पर जुटी हुई थी। दूर जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों से भी आए लोगों ने मेले में खरीदारी की और झूलों आदि का लुत्फ उठाया। ग्राम लोकसंस्कृति से जुड़े हंसिया, बेलन, सिलौटे-बट्टे, लाठी-डंडे आदि सामानों की बिक्री खूब हुई। वहीं, नखासा में लोगों ने पशुओं का क्रय-विक्रय किया। नखास में गाय, भैंस की बिक्री भी हुई और लोगों ने पशुओं के लिए जरूरी सामान भी खरीदा। मेला में लगाए गए खोया-पाया केंद्र पर बिछुड़ने वाले बच्चों और महिलाओं को उनके अपनों से मिलवाया गया। प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने भी कैंप में जुटकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह मेला 29 नवंबर तक चलेगा। रामगंगा तट पर लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन कराया। नवविवाहित जोड़ों का संकल्प पढ़वाया। सीधा निकलवाकर पंड़े-पुजारियों को दान किया।
राजा घोड़े ने सबको पछाड़ा
चौबारी मेला के नखासा में हुई घुड़दौड़ में बुधवार को राजा घोड़ा छाया रहा। मटमैले रंग के इस घोड़े ने कई घोड़ियों को भी पछाड़ दिया। किशनसिंहपुर के ताहिर अली के इस घोड़े पर सबकी निगाहें लगी रहीं। ताहिर ने इसकी कीमत एक लाख रुपये मांगी तो उसकी बोली 80 हजार लग गई लेकिन उन्होंने इसे बेचा नहीं। वहीं, नखासा में पशुओं की खूब बिक्री हुई।
तट से इकट्ठी की पूजन सामग्री
नरेंद्र मोदी आर्मी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रामगंगा तट पर श्रद्धालुओं की ओर से फेंकी जाने वाली हवन, पूजन सामग्री, कैलेंडर और खंडित मूर्तियों को बकायदा कैंप लगाकर इकट्ठा किया। कार्यकर्ताओं ने लोगों से सामग्री को रामगंगा में न फेंककर अपने कैंप पर जमा करने की अपील की तो इसका असर भी दिखाई दिया। इसमें संगठन के जिलाध्यक्ष सचिन कश्यप, दीपक यादव, हिरदेश सिंह, अवधेश सिंह, राजेश सिंह, दिव्य चतुर्वेदी, क्षितिज यादव, जितेंद्र सिंह चौहान, नीरू भारद्वाज, पुष्पेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई
चौबारी मेला में आने वाले लोगों को मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी की ओर से गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई। आल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन, वतन सेवा समिति समेत कई संस्थाओं ने भी इसमें भागीदारी की। प्रताव वाहिनी और अमरस वेलफेयर समिति ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। केशव सांस्कृतिक दल सोसायटी ने प्रशासनिक कैंप में लोकगीत प्रस्तुति किए। शिवसैनिकों ने रामगंगा घाट पर महाआरती की। हिंदुस्तान स्काउट्स-गाइड्स सोसायटी ने ने भी जनजागरूक की।