फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   government overturned the Ruhilkhand University Vice Chancellor order

रुहेलखंड विश्वविद्यालय: 'कुलसचिव को हटाना गैरकानूनी', शासन ने पलटा कुलपति का आदेश, बहाल होगी पूर्व की स्थिति

Wed, 17 Apr 2024 01:16 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 17 Apr 2024 01:16 PM IST
सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में उठापटक जारी है। कुलपति ने बीते दिनों कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरक्त कर दिया था। अब शासन स्तर से कुलपति के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। 

विज्ञापन
government overturned the Ruhilkhand University Vice Chancellor order
रुहेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलसचिव को हटाकर उप कुलसचिव को कार्यभार देने संबंधी कुलपति के आदेश को शासन ने गैरकानूनी ठहराया है। साथ ही, कुलसचिव को दोबारा पदास्थापित करते हुए कार्यवाहक के आदेशों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

  
विश्वविद्यालय में नौ माह से कुलसचिव और शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा है। मई 2023 में शिक्षकों का प्रमोशन हुआ था। आरोप हैै कि चार्ज संभालने के बाद कुलसचिव ने प्रोन्नत वेतनमान का निर्धारण नहीं किया। विगत दिनों आक्रोशित शिक्षकों ने कुलसचिव को चार घंटे तक बंधक बनाया था। 
विज्ञापन


धक्कमुक्की करते हुए उनकी कार पंक्चर कर दी थी। कुलपति ने हस्तक्षेप करते हुए कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरक्त कर उप कुलसचिव सुनीता यादव को कार्यवाहक कुलसचिव बनाया। इसके बाद कार्यवाहक कुलसचिव ने शिक्षकों की लंबित फाइलों का निस्तारण कर सभी को वेतन निर्धारण पत्र सौंप दिया था।   

विज्ञापन
विज्ञापन

शक्तियों का किया गया अतिक्रमण
विशेष सचिव गिरजेश कुमार त्यागी ने कुलपति को पत्र भेजा है। इसमें कुलसचिव अजय कृष्ण यादव को पदास्थापित करने के लिए कहा गया है। कुलपति की ओर से दिए गए आदेश को उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय ( केंद्रीयित) सेवा नियमावली के तहत मिलीं शक्तियों का अतिक्रमण बताया है। कुलसचिव को उनके पद से विरक्त कर कनिष्ठतम उप कुलसचिव को कार्यभार दिए जाने को गैरकानूनी बताया है। शासन स्तर से कुलपति के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। 

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय को शासन के आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है। अधिकृत प्रति मिलने के बाद उसका पालन किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed