{"_id":"66737c9222a195e1c30d9fba","slug":"girls-cheated-in-the-name-of-doing-computer-courses-bareilly-news-c-4-bly1015-423634-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: कंप्यूटर कोर्स कराने के नाम पर युवतियों से ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: कंप्यूटर कोर्स कराने के नाम पर युवतियों से ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एक संस्था ने कंप्यूटर कोर्स कराने के नाम पर दस से ज्यादा युवतियों से रकम वसूल की और उनको नेटवर्क मार्केटिंग में लगा दिया। युवतियों ने इसे धोखाधड़ी का मामला बताकर बुधवार को एसएसपी से शिकायत की है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
शहर के अलग-अलग इलाकों की युवतियां मुस्कान, आशा राजपूत, मोहिनी, विनीता, बबीता, प्रिया, अंशिका व कुुसुम आदि बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि डीएम कार्यालय के पास स्थित टावर की चौथी मंजिल पर एक प्राइवेट कंपनी का कार्यालय है। वहां काम करने वाली कीर्ति मौर्य व उसकी सहयोगी से संपर्क हुआ। इन लोगों ने बताया कि संस्था सरकार से मान्यता प्राप्त है। यह आईटीआई के तहत कंप्यूटर कोर्स कराती है। कोर्स के बाद उन्हें कंपनी में ही नौकरी मिल जाएगी। कोर्स की रजिस्ट्रेशन फीस सौ रुपये जमा कराई।
जेवर गिरवी रखे, सूदखोर लगा रहे घर के चक्कर
युवतियों का आरोप है कि इसके बाद इन लोगों ने किसी से तीस तो किसी से चालीस हजार रुपये कोर्स कराने के नाम पर ले लिए। बताया कि कोर्स के बाद यह धनराशि लौटा दी जाएगी। इसके बाद कोर्स की जगह नेटवर्क मार्केटिंग करानी शुरू कर दी। उन्हें बताया कि वह जितने सदस्यों को जोड़ेंगी, उतना फायदा होगा। जब युवतियों को पता चला कि यह आईटीआई का कोर्स नहीं और सदस्य जोड़कर वह भविष्य में ठगी के धंधे में फंस सकती हैं तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। रुपये वापस मांगे तो संस्था के लोगों ने इन्कार कर दिया गया। युवतियों ने बताया कि उन लोगों ने जेवर गिरवी रखकर व कर्ज लेकर संस्था को रुपये दिए हैं। अब सूदखोर घर के चक्कर लगा रहे हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के अलग-अलग इलाकों की युवतियां मुस्कान, आशा राजपूत, मोहिनी, विनीता, बबीता, प्रिया, अंशिका व कुुसुम आदि बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि डीएम कार्यालय के पास स्थित टावर की चौथी मंजिल पर एक प्राइवेट कंपनी का कार्यालय है। वहां काम करने वाली कीर्ति मौर्य व उसकी सहयोगी से संपर्क हुआ। इन लोगों ने बताया कि संस्था सरकार से मान्यता प्राप्त है। यह आईटीआई के तहत कंप्यूटर कोर्स कराती है। कोर्स के बाद उन्हें कंपनी में ही नौकरी मिल जाएगी। कोर्स की रजिस्ट्रेशन फीस सौ रुपये जमा कराई।
विज्ञापन
जेवर गिरवी रखे, सूदखोर लगा रहे घर के चक्कर
युवतियों का आरोप है कि इसके बाद इन लोगों ने किसी से तीस तो किसी से चालीस हजार रुपये कोर्स कराने के नाम पर ले लिए। बताया कि कोर्स के बाद यह धनराशि लौटा दी जाएगी। इसके बाद कोर्स की जगह नेटवर्क मार्केटिंग करानी शुरू कर दी। उन्हें बताया कि वह जितने सदस्यों को जोड़ेंगी, उतना फायदा होगा। जब युवतियों को पता चला कि यह आईटीआई का कोर्स नहीं और सदस्य जोड़कर वह भविष्य में ठगी के धंधे में फंस सकती हैं तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। रुपये वापस मांगे तो संस्था के लोगों ने इन्कार कर दिया गया। युवतियों ने बताया कि उन लोगों ने जेवर गिरवी रखकर व कर्ज लेकर संस्था को रुपये दिए हैं। अब सूदखोर घर के चक्कर लगा रहे हैं। ब्यूरो
विज्ञापन